Mainpuri News: मैनपुरी में नई पहल, SHG महिलाएं संभालेंगी मिड-डे मील आपूर्ति

Mainpuri News: डीएम डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी के निर्देश पर पीएम पोषण व मिड-डे मील में स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ेगी, महिलाओं को मिलेगा रोजगार व आय का अवसर।

Ashraf Ansari
Published on: 30 May 2026 9:07 PM IST
New initiative in Mainpuri, SHG women handling mid-day meal supply
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मैनपुरी में नई पहल, SHG महिलाएं संभालेंगी मिड-डे मील आपूर्ति (Photo- Newstrack)

Mainpuri News: मैनपुरी जनपद में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिला अनुश्रवण समिति एवं जनपद स्तरीय टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों में उपयोग होने वाली खाद्य सामग्री की आपूर्ति स्वयं सहायता समूहों (SHG) और ग्राम संगठनों के माध्यम से कराई जाए।

जिलाधिकारी ने बताया कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बच्चों को ताजा, गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है, साथ ही ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना भी है। उन्होंने कहा कि पीएम पोषण और मिड-डे मील योजनाओं पर प्रतिवर्ष सात करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाते हैं। यदि इस व्यवस्था में स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है, तो बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक लाभ मिलेगा और ‘लखपति दीदी’ अभियान को भी गति मिलेगी।

चयनित विद्यालयों में लागू किया जाएगा

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी और डीसी एनआरएलएम को निर्देश दिए गए कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से खाद्य सामग्री आपूर्ति की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। प्रारंभिक चरण में इसे चयनित विद्यालयों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। सफलता मिलने पर इस मॉडल को पूरे जनपद में विस्तार दिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने विद्यालयों की रंगाई-पुताई, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मावकाश के दौरान उपलब्ध धनराशि का उपयोग कर विद्यालयों में मरम्मत, रंगाई-पुताई तथा अन्य आवश्यक कार्य पूरे कराए जाएं। नई बाउंड्रीवालों पर शैक्षिक एवं प्रेरणादायी चित्रकारी कराने के भी निर्देश दिए गए।

विकास कार्यों को प्राथमिकता

नगर क्षेत्र के उन विद्यालयों की सूची भी मांगी गई है जहां बाउंड्रीवाल, शौचालय या अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि ऐसे विद्यालयों के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त नगर क्षेत्र के पांच विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना भी बनाई गई है।

निपुण भारत मिशन की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि 1023 विद्यालयों में से केवल 510 विद्यालय ही निर्धारित मानकों पर खरे उतरे। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने ब्लॉकवार कार्ययोजना तैयार कर कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए। यह पहल जनपद में शिक्षा और महिला सशक्तिकरण दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Shashi kant gautam

Shashi kant gautam

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Experienced Hindi Journalist with 6 Years of Experience

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