Mathura News: गोवर्धन में मुस्लिम समुदाय ने उठाई गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग

Mathura News: गोवर्धन की ईदगाह में मुस्लिम समुदाय ने शांतिपूर्ण धरना देकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा, गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने समेत चार प्रमुख मांगें रखीं।

Amit Sharma
Published on: 6 Jun 2026 10:03 PM IST
Muslim community in Govardhan demands declaration of raised cow as national animal
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गोवर्धन में मुस्लिम समुदाय ने उठाई गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग (Photo- Newstrack)

Mathura News: गोवर्धन (मथुरा)। धार्मिक नगरी गोवर्धन में शनिवार को सांप्रदायिक सौहार्द का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला। स्थानीय ईदगाह परिसर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एकत्र होकर गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण धरना दिया और राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से भेजा।

धरने में शामिल लोगों का कहना था कि गाय केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि भारतीय ग्रामीण जीवन और कृषि व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला भी है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से गौ संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि गाय के सम्मान और संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ठोस नीति बनाई जानी चाहिए।

गाय का भारतीय संस्कृति और समाज में विशेष स्थान

धरना कार्यक्रम का नेतृत्व वरिष्ठ अधिवक्ता अनवर हुसैन ने किया। उन्होंने कहा कि गाय का भारतीय संस्कृति और समाज में विशेष स्थान है, इसलिए उसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को मिलकर गौ संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए।

ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें शामिल की गईं। पहली मांग गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की है। दूसरी मांग गायों के व्यावसायिक क्रय-विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की है। तीसरी मांग विदेशों में होने वाले गौमांस के निर्यात पर रोक लगाने से संबंधित है। वहीं चौथी मांग मथुरा जनपद की गौशालाओं में गायों की सुरक्षा, उचित भोजन और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए विशेष टास्क फोर्स के गठन की है।

गौ संरक्षण समाज और राष्ट्र के हित से जुड़ा मुद्दा

धरना समाप्त होने के बाद वक्ताओं ने कहा कि गौ संरक्षण किसी एक समुदाय का विषय नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र के हित से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी।

इस अवसर पर मोहम्मद उमर फारूक, रिहान, इंतजार, शाहिद, पटवारी खान, मोहम्मद रफीक, शौकत अली कुरैशी, असलम मोहम्मद, शाहनवाज, आजाद, राज, सलमान, सोनू, मोसिम, निजाम अली और आरिफ खान सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। क्षेत्र में इस पहल की व्यापक चर्चा हो रही है और लोग इसे सामाजिक सद्भाव एवं गंगा-जमुनी संस्कृति की मिसाल के रूप में देख रहे हैं।

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