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Mathura: मथुरा के महाविद्या मैदान में 71 फुट ऊंचे रावण का दहन, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा मैदान
Mathura News: मथुरा के रामलीला ग्राउंड स्थित महाविद्या मैदान में विजयादशमी पर 71 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। भगवान श्रीराम के अग्निबाण चलाते ही पुतला धू-धू कर जल उठा।
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Mathura News: विजयदशमी के पावन पर्व पर मथुरा के रामलीला ग्राउंड स्थित महाविद्या मैदान में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक रावण दहन किया गया। भगवान श्रीराम ने अग्निबाण चलाकर 71 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया। जैसे ही अग्निबाण रावण के पुतले पर लगा, वह धू-धू कर जल उठा। इस दृश्य को देखने के लिए मैदान में मौजूद लोगों में उत्साह देखने को मिला और पूरा परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
दशहरा पर्व को लेकर महाविद्या मैदान में लोगों की भीड़ जुटी। रावण दहन के दौरान लोगों ने भगवान श्रीराम के जयकारे लगाए और इस धार्मिक आयोजन का आनंद लिया। पुतले में आग लगते ही उसकी लपटें उठने लगीं। कुछ ही देर में रावण का विशाल पुतला आग की चपेट में आ गया। लोगों ने इस दृश्य को उत्साह के साथ देखा।विजयदशमी का पर्व भगवान श्रीराम की ओर से रावण पर विजय प्राप्त करने की याद में मनाया जाता है। यह पर्व समाज को संदेश देता है कि चाहे बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत सत्य और धर्म की ही होती है। रावण दहन इसी मान्यता का प्रतीक है। यह आयोजन लोगों को अहंकार, अन्याय और अधर्म से दूर रहने की प्रेरणा भी देता है।
महाविद्या मैदान में हुए रावण दहन के साथ ही दशहरा उत्सव का प्रमुख आकर्षण संपन्न हुआ। 71 फुट ऊंचे पुतले के जलने के दौरान लोगों ने भगवान श्रीराम का स्मरण किया और बुराई पर अच्छाई की जीत के संदेश को दोहराया।दशहरा केवल रावण के पुतले के दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर मौजूद बुराइयों को समाप्त करने का भी अवसर है। यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में सत्य, सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलकर ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। मथुरा के महाविद्या मैदान में हुआ रावण दहन इसी संदेश के साथ संपन्न हुआ कि अंततः सत्य की विजय होती है और अधर्म का अंत निश्चित है।


