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Mathura News: किसानों ने 9 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन, समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी
Mathura News: मथुरा में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के नेतृत्व में किसानों ने 9 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
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Mathura News: भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के नेतृत्व में सोमवार को जिले के किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के तहत आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और कृषि से जुड़े मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई।
किसानों का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी के कारण उन्हें अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में अंश निर्धारण के लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण, भूमि विवादों के समाधान, खतौनी संशोधन तथा पैमाइश संबंधी प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की मांग की गई है। किसानों ने फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया को भी सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया।
ज्ञापन में कृषि कार्यों के लिए आवश्यक उर्वरकों की उपलब्धता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसानों ने डीएपी, यूरिया और अन्य खादों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने, कालाबाजारी और ओवररेटिंग पर प्रभावी रोक लगाने तथा नकली बीज और कीटनाशकों की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। खराब गुणवत्ता वाले मक्का बीजों से नुकसान उठाने वाले किसानों को मुआवजा देने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी रखी गई।
सिंचाई और बिजली व्यवस्था को लेकर भी किसानों ने अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। उन्होंने धान रोपाई के मौसम में नलकूपों को निर्धारित रोस्टर के अनुसार प्रतिदिन 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही नहरों और रजवाहों में पर्याप्त पानी छोड़े जाने तथा आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता बताई।भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष सोनवीर चौधरी ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर किसानों की मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर किसान यमुना एक्सप्रेसवे के मांट टोल पर चक्का जाम करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।


