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दूध में नशा, फिर मूसली से वार...मथुरा में पत्नी ने पति को ऐसे उतारा मौत के घाट, नहीं मिले अवशेष!
Mathura Husband Murder: मथुरा में मनोज सोनी की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। आरोप है कि पत्नी ने दूध में नशीला पदार्थ देकर मूसली से सिर पर वार किया। बेटी और उसके दोस्त की भूमिका भी सामने आई है।
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Mathura Husband Murder: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में पत्नियों द्वारा पति की हत्या (Husband Murder) के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। आगरा में बाथरूम, मेरठ में सांप और अब मथुरा में दूध में नशा देकर पति की हत्या करने का मामला सामने आया है।
मथुरा में सामने आई इस घटना ने लोगों को हैरान कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हत्या में मृतक की पत्नी के अलावा उसकी बेटी और बेटी का दोस्त भी शामिल रहा। मृतक की पहचान राधाकृष्ण वाटिका निवासी मनोज सोनी के रूप में हुई है। मनोज अप्रैल महीने से लापता (Missing) चल रहे थे।
परिवार को किसी अनहोनी की आशंका हुई तो उनके भाई रामबाबू ने मृतक की पत्नी नैना, बेटी और बेटी के दोस्त के खिलाफ अपहरण और हत्या (Kidnapping and Murder) का मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और करीब चार महीने बाद पुलिस ने मामले का खुलासा करने का दावा किया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस पूछताछ में मृतक की पत्नी नैना ने बताया कि मनोज की हत्या के बाद शव को अक्रूर घाट के पास ले जाकर जला दिया गया था। हालांकि पुलिस को अभी तक शव के अवशेष (Human Remains) नहीं मिले हैं। पुलिस का कहना है कि फिलहाल अपहरण के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है और पूरे मामले की जांच जारी है।
एक दिन में पत्नी ने वापस ले ली थी शिकायत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राधाकृष्ण वाटिका निवासी मनोज सोनी की पत्नी नैना अपने देवर रामबाबू के साथ 21 जुलाई को गोविंद नगर थाने पहुंची थी। उसने पुलिस को बताया था कि उसके पति मनोज 17 अप्रैल की रात से गायब हैं।
मनोज सोनी पास की एक गोशाला में गोसेवा (Cow Service) करते थे। पति के गायब होने की जानकारी देने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
लेकिन 24 जुलाई को जब मनोज के भाई रामबाबू ने पुलिस से मामले में हुई कार्रवाई और प्रगति के बारे में जानकारी ली तो उसे बताया गया कि गुमशुदगी की तहरीर मनोज की पत्नी नैना अगले ही दिन वापस ले गई थी।
गुमशुदगी की शिकायत वापस लेने की बात सामने आने के बाद रामबाबू को अपनी भाभी पर शक होने लगा। इसके बाद उन्होंने भाभी, भतीजी और परिवार से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया।
अचानक घर में ताला लगाकर चली गई महिला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक के भाई रामबाबू के मुताबिक एक दिन अचानक उनकी भाभी नैना घर में ताला लगाकर अपनी बेटी के साथ कहीं चली गई। जिसके बाद घर पर ताला लगा देखकर रामबाबू ने भाभी और उनकी बेटी के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई।
इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने जब शक के आधार पर मनोज की पत्नी और बेटी से पूछताछ करने की कोशिश की तो पता चला कि दोनों मकान बंद करके कहीं चली गई हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मनोज के भाई रामबाबू की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर शुक्रवार को मनोज की पत्नी नैना, बेटी और बेटी के दोस्त विमल के खिलाफ अपहरण और हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने मनोज की पत्नी, बेटी और उसके दोस्त को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की।
हत्या की बात कबूल करने का दावा
हिंदुस्तान की एक रिपोर्ट् के अनुसार, एसएसपी श्लोक कुमार (SSP Shlok Kumar) ने बताया है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने मनोज की हत्या करने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बताया कि मनोज अक्सर मारपीट करता था और इससे परिवार के लोग परेशान थे।
पुलिस के मुताबिक 17 अप्रैल की रात मनोज का अपनी पत्नी से विवाद हुआ था। इसके बाद पत्नी ने कथित तौर पर मनोज को दूध में नशीला पदार्थ (Sedative) देकर सुला दिया। जब मनोज सो गया तो पत्नी ने मसाला कूटने वाली मूसली (Pestle) से उसके सिर पर हमला कर दिया।
पुलिस के अनुसार सिर पर किए गए प्रहार से मनोज की मौत हो गई। इसके बाद उसी रात मनोज की पत्नी नैना, उसकी बेटी और बेटी का दोस्त विमल शव को अक्रूर घाट के पास ले गए। वहां शव को जला दिया गया। पुलिस अब शव के अवशेषों की तलाश कर रही है।
गुमशुदगी की तहरीर वापस लेने से बढ़ा शक
पुलिस के मुताबिक मनोज की गुमशुदगी की तहरीर देने के बाद उसे वापस ले लिया जाना इस मामले में शक की बड़ी वजह बना। मनोज के भाई रामबाबू को भी इसी बात से अपनी भाभी की भूमिका पर शक हुआ था। रामबाबू ने शुक्रवार को पुलिस को बताया कि वह तीन भाई हैं। तीनों भाइयों ने मिलकर जमीन बेचकर राधाकृष्ण वाटिका में मकान बनवाए थे।
रामबाबू के मुताबिक उनके भाई मनोज ने अपने मकान का बैनामा अपनी पत्नी नैना के नाम कराया था। रामबाबू ने आरोप लगाया कि मनोज की पत्नी 7 जून से बच्चों को लेकर घर में ताला लगाकर कहीं चली गई है। उसका अब तक कोई पता नहीं है। वहीं मनोज का भी कोई पता नहीं चल रहा था।
उन्होंने पुलिस से अपने भाई मनोज का पता लगाने और मामले में कार्रवाई करने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके भाई की हत्या उनकी पत्नी, बेटी और बेटी के दोस्त ने की है।
जांच में होगा खुलासा
वहीं पुलिस का कहना है कि अभी इस मामले में कई पहलुओं की जांच की जा रही है। पत्नी, बेटी और बेटी के दोस्त ने पूछताछ में हत्या की बात कबूल करने की बात सामने आई है, लेकिन पुलिस इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं मान रही है।
पुलिस के मुताबिक जब तक कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आता, तब तक किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। खास तौर पर अभी तक मनोज के शव के अवशेष बरामद नहीं हुए हैं।
पुलिस का कहना है कि शव के अवशेष मिलने या कोई ऐसा ठोस सबूत सामने आने के बाद ही यह पूरी तरह साबित हो सकेगा कि मनोज की हत्या की गई थी।
पुलिस अब इस मामले में दूसरे एंगल (Investigation Angles) से भी जांच कर रही है। मनोज के मोबाइल की कॉल डिटेल (Call Detail Records) निकलवाई जाएगी। इसके अलावा मनोज के रिश्तेदारों, दोस्तों और साथियों के साथ आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की जांच की जाएगी और उपलब्ध सबूतों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस मनोज के शव के अवशेषों की तलाश के साथ-साथ मामले में सामने आए आरोपों और आरोपियों के बयानों की भी जांच कर रही है।


