Mathura News: नंद के आनंद भयो से गूंज उठी कान्हा की नगरी, आधी रात को जन्मस्थान पर प्रकटे लाला

Mathura News: मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर आधी रात को भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के साथ जन्मस्थान परिसर ‘नंद के आनंद भयो’ के जयघोष से गूंज उठा। हजारों श्रद्धालुओं ने बाल स्वरूप के दर्शन किए।

Amit Sharma
Published on: 5 Sept 2026 10:08 AM IST
Mathura News: नंद के आनंद भयो से गूंज उठी कान्हा की नगरी, आधी रात को जन्मस्थान पर प्रकटे लाला
X

Mathura News

Mathura News: धर्मनगरी मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर मध्यरात्रि भगवान के प्रकट होते ही पूरा परिसर “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु भगवान के बाल स्वरूप के दर्शन कर भावविभोर हो गए।

जन्माष्टमी के अवसर पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान के गर्भगृह को विशेष रूप से भव्य रूप दिया गया। गर्भगृह की सजावट में करीब 200 किलो चांदी का उपयोग किया गया, वहीं आकर्षक फूल-पत्तियों से परिसर को मनोहारी ढंग से सजाया गया। जन्मोत्सव के मुख्य धार्मिक विधानों के तहत रात्रि 11:55 बजे पांच मिनट के लिए मंदिर के पट बंद किए गए।इसके बाद रात 12:05 बजे भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को गर्भगृह से बाहर लाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं में भगवान के प्राकट्य दर्शन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। सोने से सजी चांदी की कामधेनु गाय के दूध से भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक किया गया। इसके बाद कान्हा को चांदी के कमल पर विराजमान कर पंचामृत से दिव्य स्नान कराया गया।

महाअभिषेक के पश्चात भगवान श्रीकृष्ण को विशेष पंचरत्नी पीतांबरी पोशाक धारण कराई गई। रत्नजड़ित मुकुट और दिव्य आभूषणों से कान्हा का अलौकिक श्रृंगार किया गया। भगवान के मनोहारी स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह रहा।जन्मोत्सव के दौरान उज्जैन से आए डमरू और मृदंग वादकों ने मंगल ध्वनि प्रस्तुत की। आनंद संकीर्तन और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए भगवान की भक्ति में झूमते नजर आए।रात्रि 12:45 बजे भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को पुनः गर्भगृह में विराजमान कराया गया। इसके बाद शयन आरती संपन्न हुई और मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। जन्मोत्सव के इस भव्य आयोजन ने मथुरा की धार्मिक और सांस्कृतिक छटा को और निखार दिया।

Amit Sharma
ABOUT THE AUTHOR

Amit Sharma

amitsharmamathura.newstrack.com@gmail.com
Next Story