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Ashutosh Brahmachari ने लीक की अपने गुरु की सीक्रेट बातचीत, खोले संत समाज के कई गहरे राज, कहा- 'मजबूरी में तोड़ी मर्यादा'
Ashutosh Brahmachari Controversy: श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अपने गुरुदेव के साथ हुई गुप्त बातचीत को सार्वजनिक कर दिया है। उन्होंने रामचंद्र दास उर्फ जय मिश्रा पर गुरुजी की जान को खतरा होने का संगीन आरोप लगाते हुए योगी सरकार से सुरक्षा मांगी है।
Ashutosh Brahmachari Controversy: मथुरा के चर्चित श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद के मुख्य पैरोकार और श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज के एक ताजा कदम ने देश के संत समाज में खलबली मचा दी है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने अपने पूज्य गुरुदेव से हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए एक बेहद भावुक पत्र जारी किया है। इस पत्र में उन्होंने कुछ ऐसा करने का दावा किया है जो गुरु-शिष्य की मर्यादा के बिल्कुल विपरीत माना जाता है। महाराज ने गुरुदेव के साथ एकांत में हुई अत्यंत निजी और गोपनीय बातचीत को आम जनता के सामने उजागर कर दिया है। उनका कहना है कि इस कदम को उठाने के लिए वे अंदर से बेहद दुखी हैं, लेकिन हालात ऐसे बन गए थे कि उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था।
चरित्र पर उठे सवाल तो मजबूरी में उठाया यह बड़ा कदम
आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अपनी सफाई में कहा है कि पिछले कुछ समय से उनकी ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और साफ-सुथरे चरित्र पर लगातार कीचड़ उछाला जा रहा था। कुछ विरोधी लोग समाज के सामने उनके बयानों को झूठा साबित करने और जनता के बीच भारी भ्रम पैदा करने की गहरी साजिश रच रहे थे। महाराज ने पत्र में लिखा कि जब पानी सिर से ऊपर चला गया, तब अपनी बेगुनाही साबित करने और दुनिया के सामने असली सच लाने के लिए उन्हें भारी मन से गुरु और शिष्य के बीच के गुप्त संवाद को सार्वजनिक करने का यह कठोर फैसला लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि उनका मकसद अपने गुरु का अपमान करना बिल्कुल नहीं है, बल्कि वे सिर्फ खुद पर लगे झूठे आरोपों का जवाब देना चाहते थे। वे आज भी अपने गुरुदेव के चरणों में वैसी ही अटूट श्रद्धा और समर्पण रखते हैं।
गुरुजी की जान को खतरा
इस पूरे विवाद में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब आशुतोष ब्रह्मचारी ने अपने गुरुदेव की सुरक्षा को लेकर देश और राज्य की सरकारों से बड़ी गुहार लगाई। उन्होंने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और केंद्र सरकार से बेहद संवेदनशील अपील की है। महाराज ने मांग की है कि उनके पूज्य गुरुदेव को तुरंत रामचंद्र दास उर्फ जय मिश्रा नाम के व्यक्ति की कस्टडी से दूर किया जाए और किसी गुप्त स्थान पर ले जाकर उनका सरकारी बयान दर्ज कराया जाए। उन्होंने सीधा और जानलेवा आरोप लगाते हुए कहा कि अगर आने वाले समय में उनके गुरुदेव की अचानक मृत्यु या हत्या होती है, तो उसके लिए पूरी तरह से रामचंद्र दास और उसका सगा भाई जिम्मेदार होंगे। इस सनसनीखेज आरोप के बाद मथुरा से लेकर लखनऊ तक खुफिया एजेंसियां और पुलिस महकमा पूरी तरह सतर्क हो गया है।


