TRENDING TAGS :
Mathura News: चांद के दीदार के साथ मोहर्रम का आगाज, मथुरा में निकला पहला अलम जुलूस
Mathura News : मथुरा में मोहर्रम का चांद दिखाई देने के बाद पहला अलम जुलूस निकला, बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
Mathura News
Mathura News: मगरिब की नमाज के बाद मोहर्रम का चांद दिखाई देने के साथ ही इस्लामी कैलेंडर के पहले और अत्यंत पवित्र महीने मोहर्रम की शुरुआत हो गई। इस अवसर पर मथुरा शहर में पारंपरिक रूप से पहला अलम जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने भाग लिया।
डींग गेट स्थित गिलगिलिया वाली बगीची से शुरू हुए इस जुलूस में अलमदार, अखाड़ेदार, उस्ताद खलीफा और विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालु शामिल हुए। जुलूस के साथ मोहर्रम कमेटी के पदाधिकारी व्यवस्थाओं का संचालन करते हुए चल रहे थे। पूरे मार्ग में धार्मिक आस्था और अनुशासन का वातावरण देखने को मिला।
जुलूस डींग गेट से शुरू होकर शाही ईदगाह मस्जिद, नई बस्ती, तेलीपाड़ा, मंडी रामदास, ठेक नरनौर, विशायती खिड़की और वृंदावन गेट होते हुए चौक बाजार स्थित जामा मस्जिद पहुंचा। यहां लगभग एक से डेढ़ घंटे तक अखाड़ा जमा रहा। इस दौरान अखाड़ों के उस्तादों और खलीफाओं ने पारंपरिक युद्धक कला ‘तलवारबाजी’ और अन्य हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
इसके बाद जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से होते हुए बरवार पाड़ा पहुंचा, जहां इसका समापन किया गया। जुलूस के दौरान शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा बल पूरे मार्ग पर तैनात रहे और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर मोहम्मद दिलशाद ने बताया कि हजरत इमाम हुसैन की याद में मोहर्रम का पहला अलम जुलूस निकाला गया है। उन्होंने कहा कि 10 मोहर्रम तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों और जुलूसों का आयोजन किया जाएगा। मोहर्रम के दौरान लोग रोजे रखते हैं, नमाज अदा करते हैं तथा जरूरतमंदों की सहायता कर इंसानियत और भाईचारे का संदेश देते हैं। उन्होंने बताया कि यह महीना त्याग, बलिदान और मानवता की सेवा की प्रेरणा देता है।


