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Mathura News: यमुना में सुरक्षा का नया कवच, NDRF ने नाविकों को दिया विशेष प्रशिक्षण
Mathura News: मथुरा में यमुना नदी की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए NDRF ने स्थानीय नाविकों को जल दुर्घटना से बचाव, रेस्क्यू ऑपरेशन और प्राथमिक उपचार का विशेष प्रशिक्षण दिया।
Mathura News: उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद के यमुना नदी में अप्रैल माह में हुए दर्दनाक नौका हादसे के बाद जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुट गई हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने मथुरा के स्थानीय नाविकों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर उन्हें जल दुर्घटनाओं से निपटने के गुर सिखाए।
बचाव कार्यों की दी गई व्यावहारिक ट्रेनिंग
प्रशिक्षण शिविर में NDRF के विशेषज्ञों ने नाविकों को डूबते लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों के सही उपयोग, तेज बहाव में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने तथा प्राथमिक उपचार देने की तकनीकों की जानकारी दी। प्रशिक्षण को केवल सैद्धांतिक न रखते हुए व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया, ताकि आपात स्थिति में नाविक तत्काल और प्रभावी कार्रवाई कर सकें।
केशीघाट हादसे के बाद उठाया गया कदम
गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में वृंदावन के केशीघाट क्षेत्र में श्रद्धालुओं से भरी एक नाव पलट गई थी, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। इस हादसे ने नौकायन सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को उजागर कर दिया था। घटना के बाद प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने और बचाव तंत्र को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
स्थानीय नाविकों की भूमिका सबसे अहम
NDRF अधिकारियों ने बताया कि किसी भी जल दुर्घटना के दौरान स्थानीय नाविक सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचते हैं। ऐसे में उनका प्रशिक्षित होना बेहद जरूरी है। यदि नाविकों को राहत और बचाव कार्यों की उचित जानकारी हो तो दुर्घटना के शुरुआती समय में ही कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।
सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश
प्रशिक्षण के दौरान नाविकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाया जाए। प्रत्येक यात्री के लिए लाइफ जैकेट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और खराब मौसम या तेज हवा के दौरान नौकायन से बचा जाए। प्रशासन पहले ही इन नियमों को घाटों पर अनिवार्य कर चुका है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा होगी और मजबूत
मथुरा-वृंदावन में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु यमुना दर्शन और नौकायन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में नाविकों को आधुनिक जल बचाव तकनीकों का प्रशिक्षण मिलने से सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से भविष्य में किसी भी आपात स्थिति का अधिक प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकेगा और हादसों में जनहानि को कम किया जा सकेगा।


