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मथुरा में होटल के बिल को लेकर दरोगा पर मारपीट का आरोप, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप
Mathura News: 550 रुपये के बिल पर 300 रुपये देने को लेकर विवाद का दावा, होटल संचालक जाकिर ने पुलिस अधिकारियों से न्याय की लगाई गुहार
Mathura News: थाना सदर क्षेत्र के आर्मी एरिया में एक होटल संचालक के साथ कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का मामला सामने आया है। होटल संचालक जाकिर ने दरोगा राजीव कुमार पर गाली-गलौज और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति होटल संचालक के साथ मारपीट करता दिखाई दे रहा है। हालांकि, वीडियो और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
550 रुपये के बिल को लेकर विवाद का आरोप
होटल संचालक जाकिर के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब दो बजे उनके होटल पर दरोगा राजीव कुमार एक अन्य व्यक्ति के साथ खाना पैक करवाने पहुंचे थे। जाकिर का दावा है कि खाने का बिल 550 रुपये बना था, लेकिन दरोगा कथित तौर पर 300 रुपये ही देने की बात कह रहे थे।होटल संचालक के मुताबिक, जब उन्होंने बिल की पूरी रकम मांगी और कम पैसे देने का विरोध किया, तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद दरोगा ने उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी।
वायरल वीडियो में मारपीट का दृश्य
सोशल मीडिया पर वायरल बताए जा रहे वीडियो में एक व्यक्ति होटल संचालक के पीछे दौड़ता और उनके साथ मारपीट करता दिखाई देता है। वीडियो में होटल संचालक हाथापाई न करने की बात कहते हुए बचने का प्रयास करते नजर आते हैं। इस दौरान आसपास मौजूद कुछ लोग बीच-बचाव करते दिखाई देते हैं, जबकि कुछ लोग घटना का वीडियो बनाते नजर आते हैं।
नशे में होने का भी लगाया आरोप
होटल संचालक जाकिर ने आरोप लगाया कि संबंधित दरोगा नशे की हालत में थे। हालांकि, इस दावे की पुष्टि के लिए किसी मेडिकल जांच या आधिकारिक रिपोर्ट की जानकारी सामने नहीं आई है।जाकिर ने बताया कि संबंधित दरोगा राजीव कुमार थाना हाईवे क्षेत्र की गणेशरा कॉलोनी में रहते हैं। इस पते और संबंधित पुलिसकर्मी की पहचान की आधिकारिक पुष्टि भी आवश्यक है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
घटना के बाद होटल संचालक ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कानून की जिम्मेदारी निभाने वाले पुलिसकर्मियों से जनता के साथ मर्यादित व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उचित कार्रवाई करने और न्याय दिलाने की मांग की है।फिलहाल, मामले में पुलिस अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष, किसी शिकायत या एफआईआर की स्थिति और विभागीय कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है। आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।


