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Mathura News: वृंदावन में स्वामी हरिदास जी महाराज का 546वां आविर्भाव महोत्सव संपन्न
Mathura News: राधा प्रसाद धाम में सात दिवसीय महोत्सव का महाभिषेक और छप्पन भोग के साथ समापन हुआ, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया।
वृंदावन में स्वामी हरिदास जी महाराज का 546वां आविर्भाव महोत्सव संपन्न (Photo- Newstrack)
Mathura News: वृंदावन में स्वामी हरिदास जी महाराज के 546वें आविर्भाव महोत्सव का शनिवार को भव्य समापन हुआ। पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग स्थित राधा प्रसाद धाम में सात दिनों तक चले महोत्सव के अंतिम दिन विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच स्वामी हरिदास जी महाराज का महाभिषेक किया गया। इसके बाद ठाकुरजी को छप्पन भोग अर्पित किए गए। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने छप्पन भोग के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया।
वैदिक मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन से गूंजा मंदिर परिसर
महाभिषेक के दौरान राधा प्रसाद धाम का मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन, हरिनाम संकीर्तन और भक्ति संगीत से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने स्वामी हरिदास जी महाराज के चरणों में श्रद्धा अर्पित की और उनके जीवन, साधना और भक्ति परंपरा का स्मरण किया। महाभिषेक के बाद आकर्षक तरीके से सजाए गए छप्पन भोग के दर्शन के लिए भक्तों की कतार लगी रही। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति ने किया महाभिषेक
महोत्सव में उत्तर प्रदेश सरकार के होमगार्ड एवं कारागार राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति भी विशेष अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने महाभिषेक में सहभागिता की और पूजा-अर्चना की। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि संत परंपरा और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में ऐसे धार्मिक आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। स्वामी हरिदास जी महाराज की भक्ति, संगीत साधना और आध्यात्मिक विरासत समाज के लिए प्रेरणादायी है।
हरिदासीय परंपरा के लिए विशेष महत्व रखता है महोत्सव
महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज ने बताया कि पूज्य गुरुदेव एवं हरिदासीय संप्रदाय के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी राधा प्रसाद देव जू महाराज के सानिध्य में हर वर्ष स्वामी हरिदास जी महाराज का आविर्भाव महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यह दिन हरिदासीय परंपरा के लिए विशेष महत्व रखता है। इसी पावन तिथि पर संगीत साधक और रसिक संत स्वामी हरिदास जी महाराज का आविर्भाव हुआ था।
उन्होंने कहा कि स्वामी हरिदास जी महाराज ने अपनी साधना, भक्ति और संगीत के माध्यम से वृंदावन की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को समृद्ध किया। वह संत होने के साथ संगीत, भक्ति और रसोपासना की महान परंपरा के प्रवर्तक रहे हैं। उनकी साधना और संगीत की परंपरा आज भी संत समाज और श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।
संत-महंतों का स्वागत और सम्मान
महोत्सव के अंतिम दिन राधा प्रसाद धाम परिवार की ओर से नगर के विभिन्न संत-महंतों का स्वागत और सम्मान किया गया। संतों के लिए विशेष प्रसाद की व्यवस्था की गई। संत-महंतों ने स्वामी हरिदास जी महाराज के चरणों में श्रद्धा निवेदित की और महोत्सव के सफल आयोजन पर आयोजकों को शुभकामनाएं दीं।
सप्त दिवसीय महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। अंतिम दिन महाभिषेक, छप्पन भोग दर्शन, संत-महंतों के सम्मान और प्रसाद वितरण के साथ 546वें आविर्भाव महोत्सव का विधिवत समापन हुआ।


