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Road Namaz Controversy: "सड़क पर पेशाब और थूकते हैं लोग", मौलाना रशीदी ने सड़क पर 'नमाज' का किया विरोध, योगी के बयान का समर्थन
Road Namaz Controversy: उत्तर प्रदेश में सड़क पर नमाज को लेकर चल रही बहस के बीच ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के प्रमुख मौलाना साजिद रशीदी ने बड़ा बयान दिया है।
Road Namaz Controversy
Road Namaz Controversy: उत्तर प्रदेश में सड़क पर नमाज को लेकर चल रही बहस के बीच ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के प्रमुख मौलाना साजिद रशीदी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस रुख का खुलकर समर्थन किया है जिसमें सार्वजनिक रूप से सड़कों पर नमाज अदा करने का कड़ा विरोध किया गया था। रशीदी ने स्पष्ट करते हुए कहा कि सड़कें "पाक जगह" नहीं होतीं, इसलिए वहां नमाज पढ़ना इस्लाम के सिद्धांतों के खिलाफ है।
मौलाना साजिद रशीदी ने क्या कहा ?
एक इंटरव्यू में मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि इस्लाम में नमाज के लिए साफ और पाक स्थान होना आवश्यक माना गया है। उन्होंने कहा कि सड़क पर हर तरह के लोग और जानवर चलते हैं, लोग वहां थूका करते हैं, गंदगी फैलती है और कई बार पेशाब भी करते हैं। ऐसे स्थान पर इबादत करना किसी भी तरह से उचित नहीं माना जा सकता। रशीदी ने कहा कि यही सबसे बड़ा कारण है कि सड़क पर नमाज पढ़ने का समर्थन नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भी मस्जिदों में शिफ्ट के आधार पर नमाज पढ़ी गई थी और उस वक़्त मुस्लिम समाज ने इसे पूर्ण रूप से स्वीकार किया था। उनके अनुसार, यदि आवश्यकता हुई तो आज भी शिफ्ट में नमाज पढ़ी जा सकती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान इसी सोच पर आधारित है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
रशीदी ने आगे कहा, “इस्लाम का बुनियादी सिद्धांत है कि नापाक स्थान पर नमाज नहीं हो सकती। सड़क किसी भी प्रकार से कोई पाक स्थान नहीं है। वहां हर तरह की गतिविधियां होती रहती हैं। इसके अलावा इस्लाम यह भी कहता है कि किसी दूसरे व्यक्ति को तकलीफ पहुंचाना गलत है। यदि सड़क जाम होगी, एंबुलेंस फंसेगी या आम लोगों को परेशानी होगी तो यह भी सही नहीं माना जाएगा।”
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल मुस्लिम समुदाय को उकसाने का काम करते हैं। उनके मुताबिक, कुछ पार्टियां चाहती हैं कि मुसलमान सड़क पर नमाज पढ़ें, विवाद हो, मुकदमे दर्ज हों और फिर राजनीतिक लाभ उठाया जाए। रशीदी ने कहा कि धार्मिक मामलों को राजनीति से दूर रखना चाहिए।
साजिद रशीदी ने मुस्लिम समाज का किया ज़िक्र
अपने बयान में मौलाना साजिद रशीदी ने मुस्लिम समाज में शिक्षा के बढ़ते महत्व के बारे में भी बताया है। उन्होंने कहा कि पहले कुछ इलाकों में अपराध की घटनाओं में मुस्लिम युवाओं की संलिप्तता देखने को मिलती थी, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कैराना क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले वहां अपराध अधिक था, लेकिन अब लोग शिक्षा और रोजगार की तरफ बढ़ रहे हैं।
रशीदी ने कहा कि बीते कुछ सालों में मुस्लिम समाज ने यह समझा है कि तरक्की का रास्ता शिक्षा से होकर जाता है। उन्होंने कहा कि अब गरीब परिवार भी अपने बच्चों को पढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। उनके अनुसार, पहले की सरकारों में कुछ नेताओं द्वारा संरक्षण दिए जाने से समाज में गलत प्रवृत्तियां बढ़ी थीं, लेकिन अब लोग पढ़ाई और रोजगार की अहमियत समझ रहे हैं।
बुलडोजर कार्रवाई पर भी दी राय
बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी मौलाना साजिद रशीदी ने अपनी राय खुलकर दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपराध में शामिल नहीं होगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों होगी। रशीदी ने कहा कि कानून तोड़ने वालों पर ही बुलडोजर चलता है। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को गलत रास्ते से दूर रहना चाहिए और कानून का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले कई मामलों में राजनीतिक हस्तक्षेप के माध्यम से अपराधियों को बचाने का प्रयास होता था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। रशीदी के अनुसार, आज के वक़्त में लोग कानून से डरते हैं और यही कारण है कि अपराध पर कुछ हद तक नियंत्रण देखने को मिल रहा है।
समाजवादी पार्टी पर भी दी प्रतिक्रया
समाजवादी पार्टी को लेकर पूछे गए सवाल पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। रशीदी ने कहा कि किसी भी ऐसी राजनीति का समर्थन नहीं किया जाना चाहिए जो मुसलमानों को विवादों में धकेले। उन्होंने कहा कि समुदाय के हित शिक्षा, रोजगार और शांति में हैं, न कि सड़क पर टकराव की राजनीति में।
बता दे, मौलाना साजिद रशीदी का यह बयान ऐसे वक़्त आया है जब देश के कई भागों में सार्वजनिक स्थानों पर नमाज को लेकर बहस तेज है। उनके बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा और तेज हो गई है। अब आगामी दिनों में देखना होगा कि इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दल और धार्मिक संगठन आगे क्या प्रतिक्रिया देते हैं।


