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मायावती ने फिर चौंकाया! आकाश के बाद ईशान आनंद को बनाया नेशनल कोऑर्डिनेटर, पैर छूकर लिया आशीर्वाद
BSP National Coordinator: मायावती ने बुधवार को बड़ा फैसला लेते हुए छोटे भतीजे ईशान आनंद को बीएसपी का नेशनल कोऑर्डिनेटर बना दिया। आकाश आनंद के बाद अब ईशान को मिली बड़ी राष्ट्रीय जिम्मेदारी।
Image Source- Social Media
BSP National Coordinator: बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को एक बार फिर बड़ा फैसला लेते हुए अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का नेशनल कोऑर्डिनेटर (National Coordinator) बना दिया है। इसके साथ ही ईशान आनंद को संगठन में अहम और राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी मिल गई है। इससे पहले यह जिम्मेदारी मायावती के बड़े भतीजे आकाश आनंद के पास थी, लेकिन हाल के दिनों में मायावती ने आकाश आनंद से यह जिम्मेदारी वापस लेने के बाद उन्हें पार्टी से भी बाहर कर दिया था।
खास बात यह है कि ईशान आनंद को भी इससे पहले पार्टी से बाहर रखा गया था और कुछ समय के लिए उन्हें संगठन की जिम्मेदारियों से दूर कर दिया गया था। इसके बाद पिछले दिनों ही उनकी पार्टी में वापसी हुई और अब वापसी के तुरंत बाद उन्हें संगठन की सबसे अहम जिम्मेदारियों में से एक सौंप दी गई है। मायावती के इस फैसले से बसपा (BSP) के संगठन में ईशान आनंद की भूमिका अचानक काफी बड़ी हो गई है।
(फोटो- आशुतोष त्रिपाठी)
लखनऊ की बैठक में हुआ बड़ा ऐलान
दरअसल, अगले छह महीनों में उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसी चुनावी तैयारी को लेकर मायावती ने बुधवार को लखनऊ में पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं की बैठक बुलाई थी। इसी बैठक के दौरान उन्होंने संगठन को लेकर कई अहम फैसले किए।
बैठक में ईशान आनंद भी मौजूद थे। इसी दौरान उन्होंने मायावती के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्हें पार्टी की पहली कतार में वरिष्ठ नेता सतीश मिश्रा के साथ जगह दी गई। बैठक में उनकी यह मौजूदगी पहले ही संकेत दे रही थी कि पार्टी संगठन में उन्हें बड़ी भूमिका मिल सकती है। कुछ देर बाद मायावती ने ईशान आनंद को नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाने का ऐलान कर दिया।
इस तरह कुछ ही समय में ईशान आनंद की पार्टी में भूमिका पूरी तरह बदल गई। जो ईशान पहले पर्दे के पीछे रहकर संगठन से जुड़े काम संभाल रहे थे, अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है।
(फोटो- आशुतोष त्रिपाठी)
पहले पर्दे के पीछे संभाल रहे थे काम
ईशान आनंद अब तक बहुजन समाज पार्टी में अपेक्षाकृत पर्दे के पीछे रहकर काम कर रहे थे। वह डिजिटल मीडिया (Digital Media), युवा विंग (Youth Wing) और तकनीकी रणनीतियों (Technology Strategy) से जुड़े काम संभाल रहे थे।
पार्टी के डिजिटल और तकनीकी कामकाज में उनकी भूमिका लगातार बढ़ रही थी। हालांकि, उनका नाम संगठन की सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में सीधे तौर पर सामने नहीं था। अब नेशनल कोऑर्डिनेटर बनने के बाद उनकी भूमिका सिर्फ डिजिटल या युवा संगठन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी उनके हिस्से आएगी।
मायावती ने इससे पहले ईशान को पार्टी संगठन में जिम्मेदारी देने को लेकर अपना रुख बदला था। 20 सितंबर को उन्होंने कहा था कि ईशान को पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए 23 सितंबर की राष्ट्रीय स्तर की बैठक को अहम माना जा रहा था।
आकाश के बाद ईशान को मिली जिम्मेदारी
ईशान आनंद को मिली यह जिम्मेदारी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इससे पहले मायावती ने यही पद अपने बड़े भतीजे आकाश आनंद को दिया था। आकाश आनंद को पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका दी गई थी और बाद में उन्हें मायावती का राजनीतिक उत्तराधिकारी भी घोषित किया गया था। हालांकि, हाल के दिनों में पार्टी के भीतर हुए बदलावों के बाद आकाश आनंद को पहले संगठन की जिम्मेदारियों से हटाया गया और फिर पार्टी से भी बाहर कर दिया गया।
इसके बाद मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को आगे बढ़ाने का फैसला किया। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब बसपा उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में आने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी है।
मायावती ने इससे पहले यह भी कहा था कि आकाश आनंद और उनकी बहन दीपिका आनंद को संगठन में जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी, जबकि ईशान को आगे बढ़ाने का फैसला किया गया।
(फोटो- आशुतोष त्रिपाठी)
छह महीने में कई राज्यों में चुनाव
ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने का फैसला ऐसे समय हुआ है जब आने वाले महीनों में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें उत्तर प्रदेश और पंजाब के अलावा अन्य राज्य भी शामिल हैं।
बसपा के लिए इन राज्यों में संगठन को मजबूत करना एक अहम काम है। ऐसे में ईशान आनंद के सामने अब पार्टी के संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय करने और अलग-अलग राज्यों में पार्टी की गतिविधियों को मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी।
लखनऊ में हुई बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं और पदाधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई। बैठक के दौरान जिस तरह ईशान आनंद को आगे की कतार में जगह मिली और फिर उन्हें राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया, उससे साफ है कि पार्टी संगठन में अब उनकी भूमिका पहले की तुलना में काफी बड़ी हो गई है।
मायावती के फैसले से बदली तस्वीर
पिछले कुछ समय में बसपा के भीतर मायावती के परिवार से जुड़े नेताओं की भूमिका को लेकर कई बड़े बदलाव हुए हैं। पहले आकाश आनंद को राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी मिली, फिर उनसे यह जिम्मेदारी वापस ली गई और उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया। ईशान आनंद को भी एक समय संगठन की जिम्मेदारियों से दूर किया गया था। अब उन्हें दोबारा पार्टी में लाकर राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
इस पूरे घटनाक्रम में बुधवार का फैसला एक और बड़ा बदलाव है। ईशान आनंद के लिए अब चुनौती सिर्फ पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाने की नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर संगठन को संभालने की होगी। आने वाले महीनों में चुनावी तैयारियों के बीच उनकी भूमिका पर पार्टी के भीतर और बाहर दोनों की नजर रहेगी।


