Meerut News: लोकनृत्यों की थाप पर झूम उठा सीसीएसयू, विद्यार्थियों ने बिखेरे भारतीय संस्कृति के रंग

Meerut News: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के अटल सभागार में आयोजित लोकनृत्य प्रतियोगिता में 50 से अधिक विद्यार्थियों ने भारतीय लोकसंस्कृति की शानदार झलक पेश की।

Sushil Kumar
Published on: 8 Jun 2026 6:51 PM IST
Meerut News: लोकनृत्यों की थाप पर झूम उठा सीसीएसयू, विद्यार्थियों ने बिखेरे भारतीय संस्कृति के रंग
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Meerut News: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में सोमवार को भारतीय लोकसंस्कृति का रंगारंग उत्सव देखने को मिला। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परिषद की ओर से दीक्षोत्सव के अंतर्गत आयोजित भारतीय लोकनृत्य प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के 50 से अधिक विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। लोकगीतों की मधुर धुनों और पारंपरिक वेशभूषा से सजे प्रतिभागियों ने ऐसा समां बांधा कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

प्रतियोगिता में प्रस्तुत लोकनृत्यों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता, लोक परंपराओं और क्षेत्रीय विरासत को जीवंत रूप में मंच पर उतार दिया। विभिन्न राज्यों की संस्कृति और लोकजीवन की झलक दर्शाती प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में मौजूद कुलपति, वरिष्ठ आचार्यों और अतिथियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास और राष्ट्रप्रेम की भावना भी विकसित करते हैं।

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में शिवानी शर्मा, रुचिका सिंह और अनुराधा शर्मा शामिल रहीं। उनके मूल्यांकन के आधार पर एकल नृत्य वर्ग में यश ने प्रथम, इशिता ने द्वितीय और भूमिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि लक्ष्मी को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। समूह नृत्य वर्ग में ओजस्वी एवं उनकी टीम ने पहला स्थान हासिल किया। कनिका और आर्यन की टीम दूसरे तथा इशिता एवं उनके समूह ने तीसरे स्थान पर कब्जा जमाया। दीपिका एवं उनके समूह को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के सफल संचालन और आयोजन में डॉ. विजेता गौतम, डॉ. नेहा गर्ग और रमिता चौधरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में सभी प्रतिभागियों, अतिथियों और निर्णायकों का आभार व्यक्त किया गया तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने विश्वविद्यालय परिसर को भारतीय संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया।

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