Meerut News: मछली पालन से बढ़ेगी कमाई, मवाना में 29 जून को बांटे जाएंगे तालाबों के पट्टे

Meerut News: मत्स्य पालकों को 40 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। नाव, जाल और एरेशन सिस्टम पर भी सहायता दी जाएगी, 28 जून तक आवेदन कर सकेंगे पात्र लाभार्थी।

Sushil Kumar
Published on: 19 Jun 2026 8:49 PM IST
Increased earnings from fishing, lease of ponds to be distributed June 29 in Mawana
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मछली पालन से बढ़ेगी कमाई, मवाना में 29 जून को बांटे जाएंगे तालाबों के पट्टे (Photo- Newstrack)

Meerut News: गांवों में रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने मत्स्य पालकों के लिए खजाना खोल दिया है। मछली पालन को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए सरकार अब तालाबों के पट्टाधारकों, मछुआरों और मत्स्य पालकों को 40 प्रतिशत तक अनुदान देगी। इतना ही नहीं, नाव, जाल और मछलियों के संरक्षण के लिए जरूरी एरेशन सिस्टम की खरीद पर भी आर्थिक सहायता मिलेगी। मत्स्य विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनके तहत पात्र लाभार्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार बढ़ाने के साथ मत्स्य उत्पादन में भी वृद्धि करना है। मेरठ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिनोद कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषादराज बोट सब्सिडी योजना और एरेशन सिस्टम स्थापना योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी 28 जून तक आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक योजना के लिए अलग-अलग आवेदन करना होगा।

तालाब होगा तो मिलेगा सबसे बड़ा लाभ

मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना में ग्राम सभा के तालाबों के वैध पट्टाधारकों को प्राथमिकता दी जाएगी। शर्त यह है कि संबंधित तालाब का पट्टा एसडीएम द्वारा जारी हो और उसकी अवधि में कम से कम पांच वर्ष शेष हों। चयनित लाभार्थी को पहले वर्ष चार लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से निवेश करना होगा, जिस पर सरकार 40 प्रतिशत तक अनुदान देगी।

अधिकारियों का कहना है कि इस योजना से मछली उत्पादन बढ़ने के साथ मछली बीज संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

नाव, जाल और ऑक्सीजन सिस्टम पर भी मदद

निषादराज बोट सब्सिडी योजना के तहत मछुआरों को नाव, जाल और अन्य जरूरी उपकरण खरीदने पर 40 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। वहीं गर्मी के मौसम में मछलियों को पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध कराने वाले एरेशन सिस्टम की स्थापना पर भी सरकार आर्थिक सहायता देगी। इससे मछलियों की मृत्यु दर कम होगी और उत्पादन बढ़ेगा। सभी अनुदान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजे जाएंगे।

मवाना में 29 जून को पट्टा आवंटन

मवाना तहसील क्षेत्र के मत्स्य पालकों के लिए अच्छी खबर है। तहसील प्रशासन 29 जून को अमरपुर मजरा खंद्रावली, नवलसुरजपुर, देदुपुर, खालिदपुर, भैंसा और ऐतमादपुर गांवों के तालाबों के पट्टों का आवंटन करेगा। प्रशासन ने चालू वित्तीय वर्ष में चार हेक्टेयर क्षेत्रफल के पट्टे आवंटित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की इन योजनाओं से पारंपरिक मछुआरा समुदाय के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं के लिए भी स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और मत्स्य पालन एक लाभदायक व्यवसाय के रूप में उभर सकेगा।

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