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Meerut News: शुरू हुई 'जज़्बा-ए-हिन्द' यात्रा, एकता का संदेश
Meerut News: मेरठ में 'जज़्बा-ए-हिन्द' यात्रा का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता, संवैधानिक मूल्यों और आपसी सद्भाव को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
शुरू हुई 'जज़्बा-ए-हिन्द' यात्रा, एकता का संदेश (Photo- Newstrack)
Meerut News: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में रविवार को राष्ट्र जागरण अभियान के तहत 'जज़्बा-ए-हिन्द' यात्रा का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया गया। आयोजकों ने कहा कि अभियान का उद्देश्य मुस्लिम समाज में राष्ट्रभावना, भारतीय अस्मिता और सांस्कृतिक गौरव को सुदृढ़ करना तथा विभाजनकारी विचारधाराओं का लोकतांत्रिक और वैचारिक स्तर पर जवाब देना है।
कार्यक्रम का संयोजन सर्वोच्च न्यायालय की अधिवक्ता एवं राष्ट्र जागरण अभियान की राष्ट्रीय संयोजिका सुबुही खान ने किया। अध्यक्षता समाजसेवी शाहीन परवेज़ ने की। मुख्य अतिथि पूर्व राज्यसभा सांसद एवं प्रख्यात चिंतक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में सुभारती ग्रुप के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण और राष्ट्रकवि डॉ. हरिओम पंवार उपस्थित रहे। बताया गया कि यह अभियान के. एन. गोविंदाचार्य के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।
प्रत्येक नागरिक के लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए
वक्ताओं ने कहा कि भारत की शक्ति उसकी विविधता में एकता, साझा सांस्कृतिक विरासत और संविधानसम्मत राष्ट्रीय चेतना में निहित है। उन्होंने कहा कि धर्म, पंथ या भाषा चाहे कोई भी हो, प्रत्येक नागरिक के लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए। साथ ही समाज में प्रेम, सद्भाव, पारस्परिक विश्वास और राष्ट्रीय उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
सुबुही खान ने घोषणा की कि 'जज़्बा-ए-हिन्द' यात्रा उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में पहुंचेगी। इस दौरान राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता और संवैधानिक मूल्यों पर आधारित जनसंवाद आयोजित किए जाएंगे। अभियान का समापन लखनऊ में प्रस्तावित है, जिसमें प्रदेशभर से नागरिक, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा भाग लेंगे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने राष्ट्र की अखंडता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकात्मता को मजबूत करने का सामूहिक संकल्प लिया। आयोजन में बड़ी संख्या में हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों ने भागीदारी की।


