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Meerut News: कांवड़ मार्गों पर बाइक एंबुलेंस बनीं 'लाइफलाइन', मिनटों में मिल रहा इलाज
Meerut News: सावन कांवड़ यात्रा में मेरठ के प्रमुख मार्गों पर 18 बाइक एंबुलेंस और 32 हेल्थ कैंप तैनात, भीड़भाड़ के बीच कांवड़ियों को मिनटों में मिल रही त्वरित चिकित्सा सहायता।
Kanwar Yatra 2026
Meerut News: सावन कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्तों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मेरठ में पहली बार कांवड़ मार्गों पर बाइक एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। भीड़भाड़ वाले मार्गों पर सामान्य एंबुलेंस के पहुंचने में होने वाली दिक्कत को देखते हुए योगी सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने छह प्रमुख कांवड़ रूटों पर 18 बाइक एंबुलेंस तैनात की हैं। इनकी मदद से बीमार या घायल कांवड़ियों तक कुछ ही मिनटों में चिकित्सा सहायता पहुंचाई जा रही है।
जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग ने कांवड़ यात्रा के लिए विशेष चिकित्सा प्रबंधन तैयार किया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सकौती से मोहिउद्दीनपुर मार्ग पर छह, सलावा झाल से सिवालखास पुल तक चार तथा दयावती मोदी एकेडमी-बेगमपुल, बेगमपुल-परतापुर, बेगमपुल-लोहियानगर सब्जी मंडी और हापुड़ अड्डा-माछरा रोड मार्ग पर दो-दो बाइक एंबुलेंस लगातार गश्त कर रही हैं। इनका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में सबसे पहले मौके पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान कई स्थानों पर भारी भीड़ और यातायात प्रतिबंध के कारण चारपहिया एंबुलेंस का समय पर पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बाइक एंबुलेंस प्रभावी विकल्प साबित हो रही हैं। प्रत्येक बाइक पर प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ, प्राथमिक उपचार की दवाइयां और आवश्यक जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। जरूरत पड़ने पर मरीज को तत्काल सामान्य एंबुलेंस के माध्यम से उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा जाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने कांवड़ मार्गों पर 32 हेल्थ कैंप भी स्थापित किए हैं, जहां चिकित्सक, दवाइयां और आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध हैं। इसके साथ ही जिले के 25 निजी अस्पतालों में बेड आरक्षित किए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में कांवड़ियों को तुरंत उपचार मिल सके। एंटी स्नेक वेनम, डॉग बाइट इंजेक्शन सहित अन्य जरूरी दवाइयों का भी पर्याप्त भंडार रखा गया है। कांवड़ मार्ग पर स्थित प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को दो से तीन चिकित्सा शिविर संचालित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
स्वास्थ्य विभाग का कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय है। हेल्पलाइन पर सूचना मिलते ही संबंधित बाइक एंबुलेंस और चिकित्सा टीम को तुरंत रवाना किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार सभी वाहनों के लिए ईंधन और अन्य आवश्यक संसाधनों की पहले से व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
जिला प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान त्वरित और सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की यह व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रही है और बाइक एंबुलेंस आपात स्थिति में सबसे तेज राहत पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरी हैं।


