Meerut News: थाने की भूमि पर बनी मस्जिद, SSP बोले- दस्तावेजों के आधार पर होगी कार्रवाई

Meerut News: खरखौदा थाना परिसर में मस्जिद के भूमि विवाद पर प्रशासन ने अभिलेख मांगे, एसएसपी ने कहा कि दस्तावेजों और नियमों के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।

Sushil Kumar
Published on: 19 Jun 2026 9:40 PM IST
Mosque built on police station land, SSP says- Action will be taken on documents
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थाने की भूमि पर बनी मस्जिद, SSP बोले- दस्तावेजों के आधार पर होगी कार्रवाई (Photo- Newstrack)

Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के खरखौदा थाना परिसर में स्थित एक मस्जिद को लेकर शुरू हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस और राजस्व विभाग की ओर से भूमि की पैमाइश में मस्जिद के थाने की भूमि पर होने का तथ्य सामने आने के बाद प्रशासन ने संबंधित पक्षों से अभिलेख मांगे हैं। वहीं, इस मुद्दे पर हिंदू संगठनों और मुस्लिम प्रतिनिधियों के बीच अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडेय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि खरखौदा थाने में नए आवासों का निर्माण प्रस्तावित है। इसी सिलसिले में राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में थाने की भूमि की पैमाइश कराई गई थी। जांच के दौरान यह तथ्य संज्ञान में आया कि एक मस्जिद थाने की भूमि पर स्थित है।

एसएसपी ने बताया कि थाना प्रभारी की ओर से मस्जिद प्रबंधन और थाने से जुड़े जिम्मेदार लोगों को नोटिस देकर संबंधित भूमि और निर्माण से जुड़े अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध कराए जाने वाले दस्तावेजों तथा उच्चतम न्यायालय के अतिक्रमण संबंधी निर्देशों के आलोक में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

उधर, अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन ने मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो विभिन्न हिंदू संगठन आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने जिले में कथित अवैध मस्जिदों, पीर-मजारों और मदरसों की सूचीबद्ध जांच कर कार्रवाई करने तथा मुख्यमंत्री से बुलडोजर कार्रवाई की मांग की।

इस बीच, मस्जिद के संबंध में मुस्लिम पक्ष ने भी प्रशासन के समक्ष अपना दावा प्रस्तुत किया है। मशरिकी जमीयत उलेमा-ए-उत्तर प्रदेश और नायब शहर काजी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में डीआईजी को ज्ञापन सौंपकर कहा था कि मस्जिद से संबंधित वैध अभिलेख उपलब्ध हैं और उसे ध्वस्त नहीं किया जाना चाहिए। फिलहाल प्रशासन की ओर से दस्तावेजों की जांच का इंतजार किया जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित अभिलेखों और भूमि स्वामित्व के रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद तय होने की संभावना है।

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