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Meerut News: मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय को मिलेगा नया स्वरूप, आधुनिक सुविधाओं पर जोर
Meerut News: मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन स्थायी परिसर का निरीक्षण करते हुए डॉ. सुधीर एम. बोबड़े ने गुणवत्ता, आधुनिक सुविधाओं और विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना विकसित करने पर जोर दिया।
Meerut News: देश के पहले समर्पित खेल विश्वविद्यालयों में शामिल मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय को विश्वस्तरीय संस्थान के रूप में विकसित करने की दिशा में शनिवार को महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। माननीय कुलाधिपति के विशेष कार्याधिकारी और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. सुधीर एम. बोबड़े ने विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन स्थायी परिसर का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं और शैक्षणिक विकास की व्यापक समीक्षा की।
दौरे के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने उनका स्वागत किया। इसके बाद लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता अवधेश शरण चौरसिया ने निर्माण कार्यों की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। डॉ. बोबड़े ने स्वास्थ्य केंद्र, प्रशासनिक भवन, छात्र एवं छात्राओं के छात्रावास, मेस, पुस्तकालय, शैक्षणिक भवन और कक्षा परिसरों का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि विश्वविद्यालय की इमारतें और अन्य अवसंरचनाएं केवल वर्तमान जरूरतों को नहीं, बल्कि आने वाले दशकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री के उपयोग और टिकाऊ निर्माण तकनीकों को अपनाने पर विशेष बल दिया।
परिसर में जलभराव और सीपेज जैसी संभावित समस्याओं को लेकर भी उन्होंने गंभीरता दिखाई। डॉ. बोबड़े ने सुझाव दिया कि प्रभावी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के विशेषज्ञों से तकनीकी परामर्श लिया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की संरचनात्मक समस्या उत्पन्न न हो।
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि स्थायी परिसर में स्थानांतरण से पहले बिजली, पेयजल और जल निकासी जैसी सभी मूलभूत सुविधाओं की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही छात्रावासों और मेस की सुविधाओं को अधिक आधुनिक और छात्रहितैषी बनाने पर भी जोर दिया। विश्वविद्यालय के अतिथि गृह को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और विशेषज्ञों के अनुरूप विकसित करने के सुझाव भी दिए गए।
बाद में सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में संचालित अस्थायी कैंपस में आयोजित समीक्षा बैठक में डॉ. बोबड़े ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक प्रगति का आकलन किया। कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, वर्तमान गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
बैठक में डॉ. बोबड़े ने कहा कि विश्वविद्यालय के सभी पाठ्यक्रम रोजगारोन्मुखी और कौशल आधारित होने चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को खेल उद्योग, खेल प्रबंधन और संबंधित क्षेत्रों में बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक सहयोग, विश्वस्तरीय कोचों की नियुक्ति और आधुनिक खेल अवसंरचना विकसित करने की आवश्यकता भी रेखांकित की।
समीक्षा बैठक में एनसीसी और एनएसएस की प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने, विश्वविद्यालय के अधिनियमों एवं अध्यादेशों को समयबद्ध तरीके से लागू करने तथा आवश्यक पदों पर पारदर्शी नियुक्तियां सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों और शिक्षकों के साथ संवाद के बाद कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि डॉ. बोबड़े के सुझाव संस्थान को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी खेल विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।


