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Meerut News: मेरठ में सीसीटीवी से खुली नकल की पोल, दो छात्राएं और निरीक्षक पर कार्रवाई
Meerut News: सीसीएसयू की सीसीटीवी निगरानी में परीक्षा केंद्र पर नकल का मामला पकड़ा गया। दो छात्राओं पर यूएफएम और कक्ष निरीक्षक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
मेरठ में सीसीटीवी से खुली नकल की पोल, दो छात्राएं और निरीक्षक पर कार्रवाई (Photo- Social Media)
Meerut News: मेरठ ,13 जून। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्थापित सीसीटीवी कंट्रोल रूम की सतर्क निगरानी ने शनिवार को एक बड़े नकल प्रकरण का पर्दाफाश कर दिया। द्वितीय पाली की परीक्षा के दौरान ग्रेटर नोएडा स्थित केसीसी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल एंड हायर एजुकेशन परीक्षा केंद्र पर एक कक्ष निरीक्षक को मोबाइल फोन के माध्यम से परीक्षार्थियों की मदद करते हुए पकड़ा गया। मामले में दो छात्राओं को अनुचित साधन प्रयोग (यूएफएम) के आरोप में दोषी घोषित किया गया है।
मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पाया गया
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों और कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के आदेश पर प्रो. अनुज कुमार के समन्वय में संचालित सीसीटीवी कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। इसी दौरान कंट्रोल रूम में तैनात टीम ने एक परीक्षा कक्ष में संदिग्ध गतिविधियां देखीं। फुटेज में कक्ष निरीक्षक मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए नजर आया, जिसके बाद तत्काल केंद्रीय उड़ाका दल के सदस्य डॉ. राजवीर सिंह को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही केंद्रीय उड़ाका दल ने परीक्षा केंद्र पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कक्ष निरीक्षक मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते पाया गया। वहीं परीक्षा दे रही दो छात्राओं की तलाशी लेने पर उनके पास भी मोबाइल फोन बरामद हुए। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों छात्राएं मोबाइल फोन के माध्यम से नकल कर रही थीं।
परीक्षा नियमों के तहत दोनों छात्राओं के खिलाफ यूएफएम की कार्रवाई
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियमों के तहत दोनों छात्राओं के खिलाफ यूएफएम की कार्रवाई की गई है। साथ ही संबंधित कक्ष निरीक्षक के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति करते हुए विस्तृत रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को भेज दी गई है।
सीसीटीवी कंट्रोल रूम के समन्वयक प्रो. अनुज कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय नकलविहीन, निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता से समझौता करने वाले किसी भी व्यक्ति के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जा रही है और भविष्य में भी निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा।


