TRENDING TAGS :
Meerut News: फर्जी क्राइम ब्रांच बन महिला से जबरन वसूली करने वाला गिरोह बेनकाब, दो गिरफ्तार
Meerut News: टीपी नगर पुलिस ने एक संगठित गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है जो खुद को पुलिस और पत्रकार बताकर लोगों को डराते थे और पैसे ऐंठते थे।
फर्जी क्राइम ब्रांच बन महिला से जबरन वसूली करने वाला गिरोह बेनकाब (photo: social media )
Meerut News: "हम क्राइम ब्रांच से हैं...तलाशी देनी होगी" — इसी दहशत और भ्रम का फायदा उठाकर मेरठ की एक महिला से जबरन वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। टीपी नगर पुलिस ने एक संगठित गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है जो खुद को पुलिस और पत्रकार बताकर लोगों को डराते थे और पैसे ऐंठते थे। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
फिल्मी स्टाइल में घुसे घर, डराया और 30 हजार ले उड़े
26 जून की दोपहर। शिव हरि मंदिर कॉलोनी निवासी संगीता के घर तीन पुरुष और तीन महिलाएं पहुंचे। खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी और पत्रकार बताया। बोले—“हमें मुखबिर से सूचना मिली है।” फिर क्या था, पूरे घर की तलाशी ली, कैमरे से वीडियोग्राफी की और डस्टबिन में खुद ही लाया गया संदिग्ध सामान छिपा दिया। इसके बाद धमकी दी—"तुम्हें केस में फंसा देंगे, अगर ₹2 लाख नहीं दिए तो।"
संगीता ने जैसे-तैसे जान बचाई, और मजबूरी में 30,000 रुपये नकद दे दिए। बाकी रकम “दिनेश” नाम के शख्स को देने का दबाव बनाया गया। डरी-सहमी महिला ने जब उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई, तब मामला खुला।
मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तारी
2 जुलाई को टीपी नगर पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर बागपत फ्लाईओवर के पास दबिश दी और गिरोह के दो शातिर ठगों को धर दबोचा।
गिरफ्तार अभियुक्त:
दिनेश पुत्र चंद्रपाल, निवासी मलियाना (उम्र 32 वर्ष)
सावित्री पत्नी नरेंद्र, निवासी भोला रोड (उम्र 48 वर्ष)
इनके पास से ₹3800 की नकदी बरामद की गई है जो पीड़िता से वसूली गई रकम का हिस्सा है।
साजिश, धमकी और गिरोह का जाल
पुलिस के मुताबिक, गिरोह का यह कोई पहला शिकार नहीं था। ये लोग संगठित तरीके से लोगों को डराकर वसूली करते थे — कभी क्राइम ब्रांच, कभी पत्रकार, तो कभी स्टिंग ऑपरेशन के नाम पर।
मुकदमा दर्ज, गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश
टीपी नगर थाने में बीएनएस की धारा 308(5) व 317(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया है। पुलिस बाकी साथियों की तलाश में दबिश दे रही है।
कौन थे इस कार्रवाई के नायक?
उपनिरीक्षक महाराज सिंह की अगुवाई में बनी टीम में उपनिरीक्षक आदित्य वर्मा, कांस्टेबल अजय कुमार, मोहित कुमार और महिला कांस्टेबल शिवानी शामिल रहे, जिनकी सतर्कता से मेरठ एक बड़े फर्जीवाड़े से बच गया।


