TRENDING TAGS :
Meerut News: 50 लाख की रंगदारी मांगने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, कारोबारी को दी थी धमकी
Meerut News: मेरठ में कारोबारी से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने धमकी भरा खत और कारतूस फेंका था।
Meerut News
Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के किठौर क्षेत्र के शाहजहांपुर कस्बे में एक कारोबारी से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के सनसनीखेज मामले का मेरठ पुलिस ने महज तीन दिन में खुलासा कर दिया। स्वाट टीम और किठौर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों ने कारोबारी और उसके परिवार में दहशत फैलाने के लिए घर पर धमकी भरी चिट्ठी के साथ जिंदा कारतूस फेंका था।
पुलिस के अनुसार शाहजहांपुर निवासी कारोबारी अमजद अली ने 14 जून को किठौर थाने में तहरीर देकर बताया था कि दो बाइक सवार युवक उनके घर पर एक लिफाफा फेंककर गए। लिफाफे में 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाली चिट्ठी और एक जिंदा कारतूस रखा था। रकम न देने पर परिवार समेत जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। मामले में किठौर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर स्वाट टीम प्रथम और किठौर पुलिस ने सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। बुधवार को पुलिस ने नानपुर बॉर्डर के पास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान महफूज उर्फ फूजी, शाहनवाज राणा और आरिफ के रूप में हुई है। तीनों मेरठ के लोहियानगर क्षेत्र के निवासी हैं।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने कारोबारी को भयभीत कर मोटी रकम वसूलने की योजना बनाई थी। इसी मकसद से धमकी भरा पत्र तैयार कर उसमें जिंदा कारतूस रखा गया और कारोबारी के घर फेंका गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। जांच के दौरान आरोपियों की गतिविधियों का एक और पहलू भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार आरोपी आयुष्मान कार्ड धारकों को अस्पतालों में भर्ती कराकर इलाज के नाम पर कथित कमीशनखोरी का काम भी करते थे। मरीजों के उपचार पर आए वास्तविक खर्च से अधिक का बिल बनाकर आर्थिक लाभ लेने की बात भी जांच में उजागर हुई है।
गिरफ्तार आरोपियों में महफूज उर्फ फूजी प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है, जबकि शाहनवाज राणा और आरिफ अस्पतालों में मरीजों को भर्ती कराने से जुड़े कार्य करते थे। फिलहाल तीनों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर आगे और कार्रवाई की जाएगी।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच के जरिए रंगदारी की वारदात का शीघ्र खुलासा किया गया है, जिससे क्षेत्र के व्यापारियों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।


