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Meerut News: मेरठ में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर छलका दर्द, तिरंगा यात्रा ने दिया एकता का संदेश
Meerut News: मेरठ में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर 1947 के विस्थापित परिवारों की पीड़ा और संघर्ष को याद किया गया। अटल सभागार में प्रदर्शनी व फिल्म के जरिए विभाजन का दर्द सामने आया, जबकि पुलिस की तिरंगा यात्रा ने राष्ट्रप्रेम और एकता का संदेश दिया।
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Meerut News: एक तरफ 1947 के बंटवारे की वो तस्वीरें थीं, जिन्होंने कभी लाखों परिवारों को घर-बार छोड़ने पर मजबूर कर दिया था। दूसरी तरफ हाथों में लहराता तिरंगा था, जो आज उसी दर्द से उबरकर एकजुट भारत की पहचान बन चुका है। शुक्रवार को मेरठ ने इतिहास के जख्म और वर्तमान के राष्ट्रप्रेम को एक साथ महसूस किया। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर माहौल उस वक्त भावुक हो गया, जब विस्थापित परिवारों की पीड़ा और संघर्ष की कहानियां सामने आईं। कार्यक्रम के बाद शहर की सड़कों पर निकली तिरंगा यात्रा ने माहौल को राष्ट्रप्रेम के जोश में बदल दिया।
कोई घर छूटा, कोई अपना... दर्द पीढ़ियों तक रहा
अटल सभागार में लगी प्रदर्शनी और विभाजन पर आधारित फिल्म ने 1947 की त्रासदी को आंखों के सामने ला दिया। किसी ने पुश्तैनी मकान छोड़ा, किसी ने खेत-खलिहान और किसी ने अपनों को। विस्थापित परिवारों के परिजनों ने अपनी आपबीती सुनाई तो साफ हुआ कि विभाजन महज नक्शे पर खिंची एक लकीर नहीं था, बल्कि लाखों परिवारों की जिंदगी में पड़ी ऐसी दरार थी, जिसका दर्द पीढ़ियों तक महसूस किया गया।राजेश दीवान और सुरेश छावड़ा ने अपने परिवारों की पीड़ा और संघर्ष साझा किए। विस्थापित परिवारों के परिजनों को सम्मानित भी किया गया। स्कूली बच्चों की देशभक्ति प्रस्तुतियों ने भावुक माहौल में राष्ट्रप्रेम का रंग भर दिया।राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि विभाजन इतिहास का ऐसा दर्दनाक अध्याय है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। इससे सीख लेकर देश की एकता और अखंडता को मजबूत करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्मद ने कहा कि विभाजन का दर्द किसी एक समुदाय का नहीं था। हर वर्ग ने इसकी पीड़ा झेली। आज जरूरत इस दर्द को नफरत में बदलने के बजाय भाईचारे और सद्भाव में बदलने की है।
पुलिस की तिरंगा यात्रा में दिखा 'एक भारत' का जोश
कार्यक्रम में विभाजन की पीड़ा को याद करने के बाद जब तिरंगे हाथों में उठे तो पूरा माहौल बदल गया। इसी संदेश को शहर की सड़कों तक पहुंचाने के लिए पुलिस लाइन से भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा रवाना की।वर्दी में तिरंगा थामे पुलिसकर्मियों का उत्साह देखते ही बना। सीओ कोतवाली संग्राम सिंह सरकारी वाहन छोड़कर बाइक पर सवार हुए और हाथ में तिरंगा लेकर जवानों के साथ आगे बढ़े। बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मी भी यात्रा का हिस्सा बनीं।पुलिस लाइन से निकली यात्रा अंबेडकर चौराहा, ईव्ज चौराहा, बच्चा पार्क, राजकीय इंटर कॉलेज और सोतीगंज होते हुए बेगमपुल पहुंची। रास्ते में लोगों ने तिरंगा यात्रा का स्वागत किया।1947 ने बांटने का दर्द दिया था, 2026 का तिरंगा जोड़ने का संकल्प लेकर निकला। मेरठ की सड़कों पर यही संदेश सबसे ज्यादा दिखाई दिया—इतिहास के जख्म याद रहें, लेकिन भविष्य एकजुट भारत का हो।


