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IIT बॉम्बे ‘Eureka 2025’ में मेरठ के SCRIET छात्रों का साइबर सुरक्षा जलवा
Meerut News: एससीआरआईईटी मेरठ की टीम ने “Scam Breaker” प्रोजेक्ट से Eureka 2025 के जोनल राउंड में जगह बनाई, बैंकिंग सेक्टर को साइबर हमलों से बचाने का नवाचार।
SCRIET Meerut Shines at IIT Bombay Eureka 2025( image from Social Media)
Meerut News: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित सर छोटू राम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एससीआरआईईटी) के छात्रों ने अपने नवाचार और तकनीकी कौशल से मेरठ का नाम रोशन किया है। संस्थान की एक टीम ने आईआईटी बॉम्बे के ई-सेल (Entrepreneurship Cell) द्वारा आयोजित एशिया की सबसे बड़ी बिज़नेस मॉडल प्रतियोगिता “Eureka 2025” के जोनल राउंड में जगह बना ली है।
चयनित टीम में प्रखर गंगवार, ऋषि कुमार, दिव्यांशु राठौर, प्रियंशु श्रीवास्तव, हिमांशु सिंह और प्रियंशु यादव शामिल हैं। टीम ने बैंकिंग सेक्टर को धोखाधड़ी और साइबर हमलों से बचाने के लिए “Scam Breaker” नामक प्रोजेक्ट पेश किया, जिसमें तकनीकी नवाचार के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश भी किया गया है।
संस्थान के ई-सेल की ओर से 19 अगस्त को Ideathon 2025 का आयोजन किया गया था। इसमें आईआईटी बॉम्बे की गाइडलाइन के तहत तीन टीमों को चयनित किया गया। इसके बाद 30 अगस्त को ई-सेल आईआईटी बॉम्बे ने देशभर से चुनिंदा टीमों को आमंत्रित किया, जिनमें एससीआरआईईटी की यह टीम भी शामिल थी। कड़े मूल्यांकन के बाद इस टीम को जोनल राउंड के लिए चुना गया। अब ये छात्र आईआईटी बॉम्बे में आयोजित होने वाले जोनल राउंड में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान उन्हें उद्योग जगत के विशेषज्ञों, निवेशकों और मेंटर्स के साथ संवाद का मौका मिलेगा।
संस्थान निदेशक प्रो. नीरज सिंघल ने छात्रों की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, “एससीआरआईईटी के छात्र लगातार नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर रहे हैं। Eureka जैसा मंच न केवल तकनीकी सोच को बढ़ावा देता है, बल्कि विद्यार्थियों को उद्यमिता की वास्तविक समझ भी प्रदान करता है।”
ई-सेल समन्वयक और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन ब्रांच के समन्वयक डॉ. शोभित सक्सेना ने कहा, “आईआईटी बॉम्बे का ई-सेल छात्रों को बिज़नेस मॉडल बनाने, टीमवर्क सीखने और निवेशकों से जुड़ने का अवसर देता है। यह सिखाता है कि कोई भी स्टार्टअप सिर्फ विचार से नहीं, बल्कि ठोस योजना, बाज़ार की ज़रूरत और निरंतर मेहनत से सफल होता है।”
कार्यक्रम की सफलता में ई. अशुतोष मिश्रा, डॉ. निधि चौहान और ई. प्रियंक सिरोही का विशेष योगदान रहा। टीम के छात्रों ने कहा कि यह अनुभव उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक है और अब वे अपने विचारों को वास्तविक स्टार्टअप में बदलने के लिए और गंभीरता से काम करेंगे।


