Meerut: ओडीओपी योजना से स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को नई उड़ान, 135 करोड़ के ऋण से बढ़े उद्योग और रोजगार

Meerut News: मेरठ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को ओडीओपी योजना के तहत बड़ा आर्थिक सहयोग मिला है। 104 उद्यमियों को 135 करोड़ रुपये का बैंक ऋण और 12 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिलने से नए उद्योग स्थापित हुए, उत्पादन क्षमता बढ़ी और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई।

Sushil Kumar
Published on: 4 July 2026 5:01 PM IST
Meerut: ओडीओपी योजना से स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को नई उड़ान, 135 करोड़ के ऋण से बढ़े उद्योग और रोजगार
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Meerut News: बैट, बॉल, क्रिकेट किट, बॉक्सिंग ग्लव्स और जिम उपकरणों के लिए दुनिया भर में पहचान रखने वाला मेरठ अब सरकारी मदद के दम पर अपने खेल उद्योग का दायरा और तेजी से बढ़ा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार की वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना ने जिले की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री में नई जान फूंक दी है। बीते वित्तीय वर्ष में 104 उद्यमियों को 135 करोड़ रुपये का बैंक ऋण और 12 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिलने से न केवल पुराने उद्योगों का विस्तार हुआ, बल्कि करीब 80 नई इकाइयों ने भी कारोबार शुरू किया। इसका सीधा असर रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है।

मेरठ की पहचान वर्षों से देश की सबसे बड़ी खेल सामग्री निर्माण नगरी के रूप में रही है। यहां तैयार होने वाले क्रिकेट बैट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हॉकी, जिम उपकरण और अन्य खेल सामग्री देश ही नहीं, बल्कि यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और एशिया के कई देशों तक निर्यात की जाती है। बदलते वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के बीच ओडीओपी योजना उद्योग के लिए मजबूत आर्थिक संबल बनकर उभरी है।जिला उद्योग केंद्र के अनुसार, वर्ष 2025-26 में योजना के तहत 238 आवेदन प्राप्त हुए थे। पात्रता जांच के बाद 104 उद्यमियों को विभिन्न बैंकों के माध्यम से 135 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही 12 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी दी गई। इस वित्तीय सहायता से 100 से अधिक उद्योगों ने मशीनें अपग्रेड कीं, उत्पादन क्षमता बढ़ाई और कारोबार का विस्तार किया, जबकि करीब 80 नए उद्योग अस्तित्व में आए।

उद्योग जगत का मानना है कि पूंजी की उपलब्धता से छोटे और मध्यम उद्यमियों का आत्मविश्वास बढ़ा है। आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल और उत्पादन क्षमता में वृद्धि से मेरठ के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार की गुणवत्ता संबंधी अपेक्षाओं पर और बेहतर ढंग से खरे उतर रहे हैं। इसका लाभ निर्यात और स्थानीय रोजगार, दोनों को मिल रहा है।सरकार ने अब चालू वित्तीय वर्ष में भी इस रफ्तार को बनाए रखने की तैयारी कर ली है। वर्ष 2026-27 में 14.5 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत लगभग 360 उद्यमियों को योजना का लाभ मिलेगा। ऋण पर 20 से 25 प्रतिशत तक सब्सिडी और अधिकतम 20 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। इससे बड़ी संख्या में नए उद्यमियों के उद्योग स्थापित करने का रास्ता आसान होगा।

उद्योग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ओडीओपी योजना केवल वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि मेरठ की पारंपरिक औद्योगिक पहचान को नई तकनीक और आधुनिक बाजार से जोड़ने का माध्यम बन रही है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं और जिले की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिल रही है।उपायुक्त (उद्योग) ने कहा कि मेरठ की खेल सामग्री की विश्व बाजार में पहले से मजबूत पहचान है। ओडीओपी योजना के माध्यम से नए उद्यमियों को आगे आने का अवसर मिला है और उद्योग लगातार विस्तार कर रहा है। उनका कहना है कि सरकार का उद्देश्य मेरठ को वैश्विक स्पोर्ट्स गुड्स हब के रूप में और अधिक मजबूत बनाना है।

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वरिष्ठ संवाददाता, मेरठmeerutsushilkumar@newstrack.com
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