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Meerut News: ‘मिनी कॉल सेंटर’ का भंडाफोड़, फर्जी लोन और इंटरनेशनल कॉल रूटिंग से करोड़ों की ठगी
Meerut News: मेरठ पुलिस ने अवैध वीओआईपी एक्सचेंज और फर्जी लोन रैकेट का खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, भारी मात्रा में सिम बॉक्स और दस्तावेज बरामद हुए।
‘मिनी कॉल सेंटर’ का भंडाफोड़, फर्जी लोन और इंटरनेशनल कॉल रूटिंग से करोड़ों की ठगी (Photo- Newstrack)
Meerut News: मेरठ,21 मई। शहर के कोतवाली इलाके में चल रहे हाईटेक अवैध टेलीफोन एक्सचेंज और ऑनलाइन फर्जी लोन रैकेट का पुलिस ने खुलासा किया है। स्वाट टीम, साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि गैंग अंतरराष्ट्रीय वीओआईपी कॉल को लोकल कॉल में बदलकर भारत सरकार को राजस्व नुकसान पहुंचा रहा था, साथ ही फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोगों को ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहा था।
नगर पुलिस अधीक्षक विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि दूरसंचार विभाग से मिली सूचना के बाद पुलिस ने आजाद नगर गोला कुआं स्थित एक मकान पर छापा मारा। यहां प्रथम तल पर सिम बॉक्स आधारित अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालित किया जा रहा था। मौके से पुलिस ने मोहम्मद समीर मंसूरी, नासिर और प्रशांत पाल को गिरफ्तार किया।
ये है पूरा मामला
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी तकनीकी उपकरणों के जरिए विदेशी इंटरनेट कॉल को सामान्य मोबाइल कॉल में बदल देते थे। इससे कॉल ट्रेस करना मुश्किल हो जाता था और टेलीकॉम नियमों का उल्लंघन कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। इसी सेटअप का इस्तेमाल ऑनलाइन लोन फ्रॉड में भी किया जा रहा था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 97 सिम कार्ड, दो सिम बॉक्स, 10 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, 18 एटीएम कार्ड, 20 चेकबुक, प्रिंटर, स्कैनर, स्टाम्प पेपर, फर्जी आईडी और दो कार बरामद कीं। पुलिस को बड़ी संख्या में फर्जी फाइनेंस कंपनी के पंपलेट और दस्तावेज भी मिले हैं।
मुख्य आरोपी समीर मंसूरी के पास दो अलग-अलग पते वाले आधार कार्ड मिलने के बाद जांच एजेंसियां उसकी पहचान और नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का मानना है कि गिरोह का नेटवर्क दूसरे राज्यों तक फैला हो सकता है।
कोतवाली थाने में आईटी एक्ट, दूरसंचार अधिनियम और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।


