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Meerut Parshad Interview: मेरठ के वार्ड-19 में चार गांव, चार श्मशान घाट, सड़क तक की समस्याएं
Meerut Ward 19 Dayampur Parshad Interview : भाजपा पार्षद आशुतोष मलिक ने दायमपुर के चार गांवों में श्मशान घाटों की खराब हालत और बजट की कमी को बड़ी चुनौती बताया। जानिए 25 सवालों में उनकी राय।
Meerut Nagar Nigam Ward 19 Dayampur Parshad Interview | Meerut Sabhasad Ki Jankari | Newstrack Hindi
Meerut Ward 19 Dayampur Parshad Interview: मेरठ शहर की सीमा से सटे वार्ड 19 दायमपुर में गांव और तेजी से विकसित हो रही आबादी साथ-साथ मौजूद हैं। भाजपा पार्षद आशुतोष मलिक के सामने वार्ड की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की पुरानी समस्याओं को दूर करने की चुनौती है। पार्षद के अनुसार वार्ड के चार गांवों में श्मशान घाट हैं, लेकिन चारों की हालत खराब है। इनका सुधार कराने की कोशिश की जा रही है, मगर सीमित बजट के कारण श्मशान घाट और वहां तक पहुंचने वाले रास्तों में से किसी एक को प्राथमिकता देनी पड़ती है।
वार्ड में कचरा डंपिंग, जर्जर सड़कें, गंदगी से भरी नालियां, जलभराव, बिजली-पानी की समस्या और अतिक्रमण की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। आशुतोष मलिक का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। वह 2017 में डीएन डिग्री कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। इसके बाद सक्रिय राजनीति में आए और भाजपा से जुड़े रहे। वर्तमान में वह भाजपा के पार्षद हैं।
व्यक्तिगत परिचय
नाम: आशुतोष मलिक
वार्ड: 19, दायमपुर (ओबीसी)
दल: भारतीय जनता पार्टी
शिक्षा: स्नातक
प्रमुख क्षेत्र: दायमपुर और वार्ड में शामिल चार गांव
सार्वजनिक संपर्क नंबर: 8755525252
राजनीति और पार्षद बनने का सफर
1. पार्षद बनने का विचार कब और क्यों आया?
जवाब: छात्र राजनीति के दौरान ही लोगों से सीधे जुड़ने और उनकी समस्याओं को समझने का मौका मिला। इसके बाद लगा कि जनप्रतिनिधि के रूप में क्षेत्र के लिए ज्यादा प्रभावी तरीके से काम किया जा सकता है।
2. राजनीति में आने की प्रेरणा आपको किससे या किन घटनाओं से मिली?
जवाब: छात्र राजनीति और लोगों के बीच लगातार संपर्क ने राजनीति में सक्रिय रहने की प्रेरणा दी। जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए काम करने की इच्छा आगे बढ़ने का आधार बनी।
3. आपका राजनीतिक सफर कब और कैसे शुरू हुआ?
जवाब: वर्ष 2017 में डीएन डिग्री कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष रहा हूं। छात्र राजनीति से सक्रिय राजनीतिक सफर शुरू हुआ। मैं शुरुआत से ही भाजपा से जुड़ा हूं और वर्तमान में भाजपा से पार्षद हूं।
4. आपके परिवार में पहले से कोई राजनीति या सामाजिक कार्य से जुड़ा रहा है?
जवाब: नहीं। परिवार में पहले से कोई राजनीति में नहीं रहा। मैं खुद ही राजनीति में आया हूं।
5. पार्षद का चुनाव जीतने के बाद सबसे पहला काम क्या किया था?
जवाब: चुनाव जीतने के बाद सबसे पहले वार्ड की समस्याओं को समझने और प्राथमिकता तय करने पर ध्यान दिया। सड़क, नाली, सफाई, पानी और गांवों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता में रखा।
वार्ड और कामकाज
6. वार्ड की ऐसी कौन-सी समस्या है जिसे आप अभी तक हल नहीं करा पाए हैं?
जवाब: वार्ड में चार गांव हैं और चारों में श्मशान घाट हैं। चारों की हालत खराब है। इस समस्या के समाधान के लिए काफी प्रयास किए हैं। दिक्कत यह है कि श्मशान घाट पर काम कराते हैं तो रास्ते नहीं बन पाते और रास्ते बनवाते हैं तो श्मशान घाट का काम नहीं करा पाते। बजट की कमी बड़ी समस्या है।
7. आपके कार्यकाल की अब तक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि क्या रही है?
जवाब: वार्ड की समस्याओं को नगर निगम स्तर पर लगातार उठाना और जरूरत वाले क्षेत्रों में विकास कार्य कराने का प्रयास मेरी प्रमुख उपलब्धि है। खासकर गांवों की मूलभूत सुविधाओं और सड़क-नाली से जुड़े काम प्राथमिकता में रहे हैं।
8. आप जनता से मिलने और उनकी शिकायतें सुनने के लिए क्या व्यवस्था रखते हैं?
जवाब: जनता से लगातार सीधे संपर्क में रहता हूं। लोग फोन पर अपनी समस्याएं बताते हैं और जरूरत पड़ने पर मौके पर जाकर समस्या को देखता हूं। संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात कर समाधान कराने का प्रयास किया जाता है।
9. किसी शिकायत के समाधान में सबसे बड़ी व्यावहारिक दिक्कत क्या आती है?
जवाब: सबसे बड़ी दिक्कत बजट की होती है। वार्ड में जरूरतें बहुत हैं और उपलब्ध बजट सीमित है। कई बार एक काम कराने पर दूसरे जरूरी काम को आगे करना पड़ता है।
10. नगर निगम की व्यवस्था में आप एक बड़ा बदलाव कर सकते, तो वह क्या होता?
जवाब: ग्रामीण और नए शामिल क्षेत्रों के लिए अलग से प्राथमिकता तय कर पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाए। ऐसे क्षेत्रों में सड़क, नाली, जलनिकासी और श्मशान घाट जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
11. आपके वार्ड की ऐसी कौन-सी खासियत है जिसके बारे में दूसरे शहरवासियों को जानना चाहिए?
जवाब: यह वार्ड मेरठ शहर की सीमा पर स्थित है और इसमें गांवों के साथ शहर की ओर तेजी से बढ़ती आबादी भी है। ग्रामीण और शहरी दोनों तरह की आबादी इसकी खासियत है।
पार्षद के रूप में व्यक्ति
12. आपके शौक या हॉबी क्या हैं?
जवाब: लोगों के बीच रहना, सामाजिक गतिविधियों में शामिल होना और क्षेत्र से जुड़े कामों में सक्रिय रहना पसंद है।
13. आपकी पसंदीदा किताब, फिल्म या गीत कौन-सा है?
जवाब: व्यक्तिगत पसंद से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
14. कहां घूमने जाने का सपना है जो पूरा होना बाकी है?
जवाब: परिवार के साथ देश के प्रमुख ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की यात्रा करना पसंद करूंगा।
15. ऐसी कौन-सी चीज है जिसके बिना आपका दिन अधूरा है?
जवाब: लोगों से मिलना और क्षेत्र की गतिविधियों की जानकारी लेना। जनता के बीच रहना राजनीतिक और सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
16. आप अगर पार्षद न बनते तो क्या कर रहे होते?
जवाब: छात्र राजनीति के बाद भी सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े रहते और लोगों के बीच काम करते।
17. पार्षद के आगे क्या करने का विचार है?
जवाब: फिलहाल वार्ड के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान पर ध्यान है। भविष्य में भी पार्टी और जनता की जिम्मेदारी के अनुसार काम करता रहूंगा।
18. आपके जीवन में ऐसा कौन व्यक्ति रहा है जिसने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया?
जवाब: राजनीतिक जीवन में वरिष्ठ नेताओं और उन लोगों से प्रेरणा मिली, जिन्होंने सार्वजनिक जीवन में रहकर समाज और क्षेत्र के लिए काम किया।
19. अगर आपको अपने वार्ड को एक शब्द में परिभाषित करना हो, तो वह शब्द क्या होगा?
जवाब: संभावनाओं वाला।
20. अपने वार्ड की ऐसी कौन-सी चीज है जिसे आप बिल्कुल नहीं बदलना चाहेंगे?
जवाब: वार्ड के लोगों का आपसी भाईचारा और ग्रामीण क्षेत्र की सामाजिक एकजुटता ऐसी चीज है जिसे बनाए रखना चाहूंगा।
21. अगर आपको एक दिन के लिए नगर निगम का पूरा प्रशासन चलाने का मौका मिले, तो सबसे पहले क्या करेंगे?
जवाब: पूरे वार्ड की सड़क, नाली, सफाई, पानी और श्मशान घाटों की स्थिति की समीक्षा कर सबसे जरूरी कामों के लिए बजट और समयसीमा तय करूंगा। कचरा डंपिंग की समस्या का भी स्थायी समाधान प्राथमिकता में रहेगा।
22. आपके वार्ड की जनता आपको किस एक बात के लिए याद रखे? आप क्या चाहेंगे?
जवाब: जनता मुझे ऐसे पार्षद के रूप में याद रखे जो उनके बीच रहा और वार्ड की समस्याओं को लगातार उठाता रहा। मेरा प्रयास रहेगा कि विकास कार्यों में किसी क्षेत्र की अनदेखी न हो।
सांसद और विधायक पर पार्षद की राय
23. अपने सांसद को विकास, लोगों से मिलने-जुलने, क्षेत्र में बने रहने और क्षेत्रीय समस्याएं हल करने के लिए दस में से कितने नंबर देंगे?
जवाब: सांसद अरुण गोविल जी को 10 में से 9 नंबर दूंगा।
24. अपने विधायक को दस में से कितना नंबर देंगे?
जवाब: कैंट विधायक श्री अमित अग्रवाल जी को 10 में से 11 नंबर दूंगा। उन्होंने अपनी विधानसभा में जितना विकास कार्य कराया है, शायद ही किसी विधायक ने कराया हो। इसमें भी कंकरखेड़ा क्षेत्र में विशेष रूप से विकास कार्य हुए हैं।
25. जिले में सबसे बेहतर विधायक आप किसे मानते हैं?
जवाब: माननीय कैंट विधायक श्री अमित अग्रवाल जी। उन्होंने अपनी विधानसभा में लगातार विकास कार्य कराए हैं। खासकर कंकरखेड़ा क्षेत्र में विकास कार्यों की गति उल्लेखनीय रही है। मेरे नजरिए से वह जिले के सबसे बेहतर विधायकों में हैं।


