Meerut Parshad Interview: मेरठ के गोलाबढ़ में जलभराव से परेशानी, घरों तक पहुंचता है बारिश का पानी

Meerut Nagar Nigam Ward 22 Parshad Interview: गोलाबढ़ में बारिश के दौरान सड़कें तालाब बन जाती हैं और घरों तक पानी पहुंचता है। बसपा पार्षद मदन पाल ने जलनिकासी, जाम नालों और जर्जर सड़कों की समस्याएं बताईं।

Sushil Kumar
Published on: 11 Oct 2026 8:46 PM IST
Meerut Nagar Nigam Ward 22 Parshad Interview | Contact Number Meerut Sabhasad Ki Jankari | Newstrack
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Meerut Nagar Nigam Ward 22 Parshad Interview | Contact Number Meerut Sabhasad Ki Jankari | Newstrack

Meerut Nagar Nigam Ward 22 Parshad Interview: नगर निगम का वार्ड-22 गोलाबढ़ शहर को रोहटा रोड हाईवे से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है, लेकिन यहां की बुनियादी समस्याएं लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई हैं। मामूली बारिश में ही कई सड़कें जलमग्न हो जाती हैं और घरों तक पानी पहुंच जाता है। श्मशान घाट तक जाने वाली सड़क भी जलभराव से प्रभावित होती है। वार्ड में जाम नाले, टूटी पुलिया, जर्जर सड़कें, खराब स्ट्रीट लाइट, खुले बिजली बॉक्स, तारों का मकड़जाल, गंदगी और अतिक्रमण जैसी समस्याएं भी हैं।

अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस वार्ड से बहुजन समाज पार्टी के मदन पाल पार्षद हैं। उनका कहना है कि जलभराव और अन्य समस्याओं को लेकर नगर निगम को लगातार पत्र भेजे जा रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। उनका जोर वार्ड की बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर है।

व्यक्तिगत परिचय

नाम: मदन पाल

वार्ड: 22, गोलाबढ़

आरक्षण: अनुसूचित जाति (SC)

दल: बहुजन समाज पार्टी (BSP)

शिक्षा: स्नातक

प्रमुख क्षेत्र: सरस्वती विहार, एस.जे.एस. पब्लिक स्कूल क्षेत्र और आसपास की कॉलोनियां

राजनीति और पार्षद बनने का सफर

1. पार्षद बनने का विचार कब और क्यों आया?

अपने क्षेत्र की समस्याओं को लंबे समय से देखते हुए लगा कि केवल शिकायत करने से समाधान नहीं होगा। जनता के बीच से ही कोई व्यक्ति जिम्मेदारी लेकर उनकी आवाज नगर निगम तक पहुंचाए, इसी सोच के साथ पार्षद बनने का निर्णय लिया।

2. राजनीति में आने की प्रेरणा आपको किससे या किन घटनाओं से मिली?

बहुजन समाज पार्टी की विचारधारा और सामाजिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई से प्रेरणा मिली। क्षेत्र के लोगों की समस्याओं ने भी राजनीति में सक्रिय होने के लिए प्रेरित किया।

3. आपका राजनीतिक सफर कब और कैसे शुरू हुआ?

क्षेत्र में सामाजिक गतिविधियों और लोगों के बीच रहकर काम करने से राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई। धीरे-धीरे लोगों का विश्वास मिला और बहुजन समाज पार्टी के साथ जुड़कर सक्रिय राजनीति में आए।

4. आपके परिवार में पहले से कोई राजनीति या सामाजिक कार्य से जुड़ा रहा है?

परिवार से समाज के प्रति जिम्मेदारी और लोगों की मदद करने की भावना मिली। राजनीति में आने का फैसला अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सक्रियता के बाद लिया।

5. पार्षद का चुनाव जीतने के बाद सबसे पहला काम क्या किया था?

सबसे पहले वार्ड की प्रमुख समस्याओं को चिह्नित किया। जलभराव, जाम नाले, सड़क, स्ट्रीट लाइट और अतिक्रमण जैसी समस्याओं को प्राथमिकता में रखा और संबंधित अधिकारियों के सामने इन्हें उठाना शुरू किया।

वार्ड और कामकाज

6. वार्ड की ऐसी कौन-सी समस्या है जिसे आप अभी तक हल नहीं करा पाए हैं?

जलभराव सबसे बड़ी समस्या है। मामूली बारिश में भी कई सड़कें तालाब बन जाती हैं और कई जगह घरों में पानी पहुंच जाता है। नालों की सफाई और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अभी अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है।

7. आपके कार्यकाल की अब तक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि क्या रही है?

वार्ड की समस्याओं को लगातार नगर निगम के सामने उठाना और उनके स्थायी समाधान के लिए अधिकारियों को पत्र भेजना महत्वपूर्ण काम रहा है। जलभराव, जाम नाले, स्ट्रीट लाइट और अतिक्रमण जैसे मुद्दों को लगातार उठाया गया है ताकि इनका स्थायी समाधान हो सके।

8. आप जनता से मिलने और उनकी शिकायतें सुनने के लिए क्या व्यवस्था रखते हैं?

जनता से मिलने के लिए अलग से किसी औपचारिक व्यवस्था की जरूरत नहीं समझता। क्षेत्र में रहने के कारण लोग सीधे मिलकर अपनी समस्याएं बताते हैं। फोन और व्यक्तिगत संपर्क के जरिए भी शिकायतें मिलती हैं। समस्या सामने आने पर उसे संबंधित विभाग तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।

9. किसी शिकायत के समाधान में सबसे बड़ी व्यावहारिक दिक्कत क्या आती है?

सबसे बड़ी दिक्कत शिकायत पर समय से कार्रवाई नहीं होना है। पार्षद स्तर से पत्र और शिकायतें भेजने के बाद भी जब संबंधित विभाग कार्रवाई नहीं करता तो जनता को जवाब देना मुश्किल हो जाता है। कई समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए बजट और विभागीय स्तर पर निर्णय की जरूरत होती है।

10. नगर निगम की व्यवस्था में आप एक बड़ा बदलाव कर सकते, तो वह क्या होता?

नगर निगम में शिकायतों के समाधान की समयसीमा तय करता। जनता की शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित अधिकारी को यह बताना चाहिए कि समस्या कब तक हल होगी। इससे पार्षद और जनता दोनों को अनिश्चितता से राहत मिलेगी।

11. आपके वार्ड की ऐसी कौन-सी खासियत है जिसके बारे में दूसरे शहरवासियों को जानना चाहिए?

गोलाबढ़ शहर को रोहटा रोड हाईवे से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है। वार्ड में बड़ी संख्या में लोग रहते हैं और इसकी कनेक्टिविटी भी महत्वपूर्ण है। यदि यहां की सड़क, नाला और जल निकासी व्यवस्था बेहतर हो जाए तो पूरे क्षेत्र को इसका लाभ मिलेगा।

पार्षद के रूप में व्यक्ति

12. आपके शौक या हॉबी क्या हैं?

लोगों के बीच रहना और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहना पसंद है। खाली समय में परिवार के साथ समय बिताना अच्छा लगता है।

13. आपकी पसंदीदा किताब, फिल्म या गीत कौन-सा है?

सामाजिक सरोकार और प्रेरणा देने वाली सामग्री पसंद है। संगीत सुनना भी अच्छा लगता है।

14. कहाँ घूमने जाने का सपना है जो पूरा होना बाकी है?

परिवार के साथ देश के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की यात्रा करने की इच्छा है। जनसेवा और क्षेत्र की जिम्मेदारियों के कारण इसके लिए ज्यादा समय नहीं मिल पाता।

15. ऐसी कौन-सी चीज है जिसके बिना आपका दिन अधूरा है?

लोगों से बातचीत और क्षेत्र की स्थिति की जानकारी लिए बिना दिन अधूरा लगता है। पार्षद बनने के बाद यह दिनचर्या का हिस्सा बन गया है कि वार्ड में कहां क्या समस्या है, इसकी जानकारी रखी जाए।

16. आप अगर पार्षद न बनते तो क्या कर रहे होते?

सामाजिक कार्यों से जुड़े रहते। लोगों की समस्याओं में उनके साथ खड़े रहना हमेशा से प्राथमिकता रही है।

17. पार्षद के आगे क्या करने का विचार है?

फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता वार्ड की समस्याओं का समाधान कराना है। आगे भी राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनता के लिए काम करने की इच्छा है।

18. आपके जीवन में ऐसा कौन व्यक्ति रहा है जिसने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया?

समाज में समानता और कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले लोगों से प्रभावित रहा हूं। बहुजन समाज पार्टी की विचारधारा और उसके महापुरुषों के विचारों ने भी जीवन पर प्रभाव डाला है।

19. अगर आपको अपने वार्ड को एक शब्द में परिभाषित करना हो, तो वह शब्द क्या होगा?

“संघर्ष।” वार्ड के लोग लगातार बेहतर सड़क, जल निकासी, सफाई और दूसरी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मेरा प्रयास है कि इस संघर्ष को आवाज देकर समाधान तक पहुंचाया जाए।

20. अपने वार्ड की ऐसी कौन-सी चीज है जिसे आप बिल्कुल नहीं बदलना चाहेंगे?

वार्ड के लोगों के बीच आपसी सहयोग और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े होने की भावना को नहीं बदलना चाहूंगा।

21. अगर आपको एक दिन के लिए नगर निगम का पूरा प्रशासन चलाने का मौका मिले, तो सबसे पहले क्या करेंगे?

सबसे पहले पूरे शहर की जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा कराऊंगा। जिन इलाकों में बारिश के दौरान जलभराव होता है, वहां नालों की सफाई, क्षमता और निकासी मार्ग की जांच कराकर स्थायी समाधान की योजना बनाऊंगा। गोलाबढ़ जैसे इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

22. आपके वार्ड की जनता आपको किस एक बात के लिए याद रखे?

मैं चाहता हूं कि जनता मुझे ऐसे पार्षद के रूप में याद रखे जिसने उनकी आवाज दबने नहीं दी और समस्याओं को लगातार नगर निगम के सामने उठाया। भले ही किसी काम में समय लगे, लेकिन जनता की समस्या को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में पीछे नहीं हटूंगा।

सांसद और विधायक पर राय

23. अपने सांसद को विकास, लोगों से मिलने-जुलने, क्षेत्र में बने रहने और क्षेत्रीय समस्याएं हल करने के लिए दस में से कितने नंबर देंगे?

जनता सब जानती है। सांसद के काम का सही मूल्यांकन क्षेत्र की जनता ही कर सकती है। वही तय करेगी कि विकास, जनसंपर्क, क्षेत्र में उपलब्धता और समस्याओं के समाधान के मामले में सांसद को कितने अंक दिए जाएं।

24. अपने विधायक को दस में से कितना नंबर देंगे?

इसका जवाब जनता से ही पूछा जाना चाहिए। विधायक के काम का मूल्यांकन सबसे बेहतर वही लोग कर सकते हैं जो रोजमर्रा की समस्याओं के साथ उनके क्षेत्र में रहते हैं।

25. जिले में सबसे बेहतर विधायक आप किसे मानते हैं?

यह भी जनता ही बेहतर बता सकती है। मेरा मानना है कि किसी जनप्रतिनिधि का मूल्यांकन उसके काम और जनता के बीच उसकी उपलब्धता के आधार पर होना चाहिए। जनता जिसे बेहतर माने, वही सबसे बेहतर है।

जलभराव सबसे बड़ी चुनौती

वार्ड 22 की सबसे बड़ी समस्या जलभराव है। बारिश होते ही कई सड़कें पानी में डूब जाती हैं। कई स्थानों पर जलभराव इतना अधिक हो जाता है कि लोगों के घरों तक पानी पहुंच जाता है। श्मशान घाट जाने वाली सड़क भी बारिश के दौरान प्रभावित होती है।

इसके साथ ही वार्ड में जाम नाले और टूटी पुलिया जल निकासी की समस्या को और गंभीर बनाते हैं। कई सड़कें जर्जर हैं। स्ट्रीट लाइट की समस्या के साथ बिजली के बॉक्स कई जगह पोलों पर खुले में टंगे हैं और बिजली के तारों का मकड़जाल भी लोगों के लिए परेशानी का कारण है।

गंदगी और अतिक्रमण की समस्या भी वार्ड में बनी हुई है। पार्षद मदन पाल का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर नगर निगम को लगातार पत्र दिए जा रहे हैं। उनका कहना है कि पार्षद की ओर से शिकायत और मांग उठाने के बावजूद जब अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती तो सबसे ज्यादा परेशानी जनता को होती है।

मदन पाल के मुताबिक, वार्ड की समस्याओं का स्थायी समाधान केवल शिकायतों और अस्थायी सफाई से नहीं होगा। इसके लिए नालों की बेहतर व्यवस्था, जल निकासी की क्षमता बढ़ाने, टूटी पुलियाओं की मरम्मत, सड़कों के सुधार और अतिक्रमण हटाने की समन्वित कार्रवाई जरूरी है। उनका कहना है कि वार्ड की जनता ने जिस विश्वास के साथ उन्हें जिम्मेदारी दी है, उस विश्वास के अनुरूप वे लगातार अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

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वरिष्ठ संवाददाता, मेरठmeerutsushilkumar@newstrack.com
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