Meerut Parshad Interview: नाला बना मोदीपुरम की सबसे बड़ी चुनौती, पार्षद ने बताया हाल

Meerut Modipuram Parshad Interview: मेरठ के वार्ड 30 मोदीपुरम के भाजपा पार्षद निरंजन से 25 सवालों में जानिए उनका राजनीतिक सफर, नाले के रुके निर्माण, वार्ड की समस्याओं और विकास की प्राथमिकताओं की पूरी कहानी।

Sushil Kumar
Published on: 7 Oct 2026 9:21 PM IST
Meerut Nagar Nigam Parshad Interview | Meerut Ward 30 Modipuram Sabhashad | Meerut News | Newstrack
X

Meerut Nagar Nigam Parshad Interview | Meerut Ward 30 Modipuram Sabhashad | Meerut News | Newstrack

Meerut Modipuram Parshad Interview: करीब 65 साल की उम्र में पहली बार पार्षद बने निरंजन के लिए राजनीति कोई नया रास्ता नहीं है। मोदीपुरम के वार्ड 30 से भाजपा के टिकट पर नगर निगम पहुंचे निरंजन बताते हैं कि उनका राजनीतिक जुड़ाव चुनाव लड़ने के साथ शुरू नहीं हुआ, बल्कि वह लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा से जुड़े रहे हैं। संघ के कार्यकर्ता से नगर कार्यकारिणी सदस्य और फिर पार्षद तक पहुंचे निरंजन अब अपने वार्ड की स्थानीय समस्याओं को विकास के कामों के जरिए दूर करने को अपनी प्राथमिकता बताते हैं।

इंटरमीडिएट तक पढ़े निरंजन की अपनी दुकान है। परिवार में पहले कोई राजनीति में नहीं रहा, लेकिन निरंजन का कहना है कि वह शुरू से ही संघ और भाजपा के साथ रहे हैं। यही लंबा जुड़ाव उनके राजनीतिक सफर की सबसे बड़ी खासियत है। वर्ष 2023 में नगर निगम चुनाव में वार्ड 30 मोदीपुरम से भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल करने के बाद वह पहली बार निर्वाचित जनप्रतिनिधि बने।

पार्षद बने तो वार्ड का कामकाज संभालना पहली प्राथमिकता

पार्षद बनने के बाद सबसे पहले किए गए काम के सवाल पर निरंजन का सीधा जवाब है कि वार्ड और उसके कामकाज को व्यवस्थित करना उनकी प्राथमिकता रही। उनका कहना है कि पार्षद की असली परीक्षा चुनाव जीतने के बाद शुरू होती है। जनता की समस्याएं सुनना, संबंधित विभागों तक बात पहुंचाना और विकास कार्यों को आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है।

वार्ड की ऐसी कौन-सी समस्या है, जिसे अब तक हल नहीं कराया जा सका? इस सवाल पर निरंजन किसी बड़ी लंबित समस्या को स्वीकार नहीं करते। उनका कहना है कि मोदीपुरम में एक नाले का निर्माण कराया जा रहा था, लेकिन कुछ लोगों ने उसे बिना वजह रोक दिया। उनके मुताबिक नाले का निर्माण क्षेत्र की जरूरत है और इसके रुकने से स्थानीय स्तर पर समस्या खड़ी होती है।

नाला बना बड़ा मुद्दा, जल निकासी पर नजर

मोदीपुरम जैसे तेजी से विकसित हो रहे इलाके में जल निकासी और नालियों की व्यवस्था अहम मुद्दा है। बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में नाले का निर्माण पूरा होना वार्ड के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निरंजन की कोशिश है कि विकास कार्यों में अनावश्यक अड़चन न आए और जो काम जनता के हित में हैं, वे समय पर पूरे हों।

उनका कहना है कि वार्ड में सड़क, नाली और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कामों को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पार्षद के तौर पर उनका जोर किसी एक बड़ी परियोजना के बजाय रोजमर्रा की उन समस्याओं पर है, जिनका सीधा असर लोगों की जिंदगी पर पड़ता है।

'जनता के बीच रहना जरूरी'

निरंजन के मुताबिक पार्षद के लिए सबसे जरूरी है कि वह अपने क्षेत्र के लोगों से जुड़ा रहे। लोगों की शिकायतें सुनना और उनके समाधान के लिए नगर निगम के संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा है। उनका मानना है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि जनता और सरकारी व्यवस्था के बीच महत्वपूर्ण कड़ी होता है।

अगर उन्हें एक दिन के लिए नगर निगम का पूरा प्रशासन चलाने का मौका मिले तो वह विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कामों को प्राथमिकता देने की बात कहते हैं। उनके मुताबिक शहर की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जरूरी है कि सड़क, सफाई, जल निकासी और दूसरी मूलभूत सुविधाओं पर लगातार ध्यान दिया जाए।

सांसद-विधायक दोनों को 10 में 10

राजनीतिक नेतृत्व की बात आती है तो निरंजन अपने क्षेत्र के सांसद और विधायक दोनों से पूरी तरह संतुष्ट नजर आते हैं। सांसद अरुण गोविल को विकास, लोगों से मिलने-जुलने, क्षेत्र में सक्रिय रहने और स्थानीय समस्याओं के समाधान जैसे सभी पैमानों पर उन्होंने 10 में से 10 नंबर दिए। निरंजन कहते हैं कि सांसद का व्यवहार भी बहुत अच्छा है।

वहीं मेरठ दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के विधायक अमित अग्रवाल को भी उन्होंने हर पैमाने पर 10 में से 10 नंबर दिए। उनके मुताबिक अमित अग्रवाल मेहनती और कर्मठ हैं तथा क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं।

जिले के सबसे बेहतर विधायक का नाम पूछे जाने पर निरंजन किसी एक विधायक को दूसरे से आगे रखने के बजाय कहते हैं, 'ऐसा है जी, विधायक तो सारे बढ़िया हैं।'

चाहते हैं- विकास के लिए याद रखे जाएं

निरंजन चाहते हैं कि उनका कार्यकाल खत्म होने के बाद मोदीपुरम की जनता उन्हें ऐसे पार्षद के रूप में याद करे, जिसने वार्ड के विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए काम किया। लंबे समय तक संघ और भाजपा की गतिविधियों से जुड़े रहने के बाद अब पहली बार पार्षद की जिम्मेदारी संभाल रहे निरंजन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि मोदीपुरम में चल रहे विकास कार्यों को जमीन पर कितना प्रभावी बनाया जा सके।

करीब साढ़े तीन साल के कार्यकाल में उनका फोकस साफ है—वार्ड की बुनियादी जरूरतें पूरी हों, विकास कार्यों में रुकावट न आए और जनता को अपने पार्षद तक पहुंचने में परेशानी न हो। मोदीपुरम के नाले का मुद्दा इसी कसौटी पर उनके सामने सबसे प्रमुख स्थानीय चुनौती के रूप में खड़ा है।

Sushil Kumar
ABOUT THE AUTHOR

Sushil Kumar

वरिष्ठ संवाददाता, मेरठmeerutsushilkumar@newstrack.com
Next Story