Meerut Parshad Interview: मेरठ वार्ड-38 में पानी निकासी का मुद्दा, विधायक और सांसद निधि से काम नहीं

Meerut Nagar Nigam Ward 38 Parshad Interview: खड़ौली की पार्षद अमरीना खान के बेटे दानिश सैफी ने पानी निकासी को सबसे बड़ी समस्या बताया। विधायक अमित अग्रवाल और सांसद अरुण गोविल को दिए 10 में से 5 नंबर।

Sushil Kumar
Published on: 11 Oct 2026 6:33 PM IST
Meerut Nagar Nigam Ward 38 Parshad Interview | Meerut Sabhasad Ki Jankari | Newstrack
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Meerut Nagar Nigam Ward 38 Parshad Interview: नगर निगम के वार्ड 38 खड़ौली में विकास की सबसे बड़ी चुनौती पानी निकासी की व्यवस्था है। बारिश हो या नालियों का पानी, निकासी की समस्या के कारण क्षेत्र में जलभराव की परेशानी बनी रहती है। पार्षद अमरीना खान के बेटे दानिश सैफी भी इसे वार्ड की सबसे बड़ी समस्या मानते हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में समस्याएं तो कई हैं, लेकिन पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त होना सबसे जरूरी है।

समाजवादी पार्टी की टिकट पर पार्षद बनीं अमरीना खान का यह पहला कार्यकाल है। उनके परिवार में इससे पहले कोई राजनीति में नहीं रहा। ऐसे में स्थानीय निकाय की राजनीति में परिवार की यह पहली पारी है। वार्ड की समस्याओं, जनप्रतिनिधियों के कामकाज और विकास के सवालों पर दानिश सैफी ने अपनी राय रखी।

पानी निकासी सबसे बड़ी चुनौती

खड़ौली और आसपास की बस्तियों में पानी निकासी की समस्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। दानिश सैफी के मुताबिक, वार्ड में समस्याओं की कमी नहीं है, लेकिन जलभराव का समाधान प्राथमिकता में होना चाहिए। पानी की निकासी ठीक होने से लोगों को रोजमर्रा की परेशानी से राहत मिल सकती है।

स्थानीय स्तर पर सड़क, नाली और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं भी वार्ड के विकास का अहम हिस्सा हैं। ऐसे में नगर निगम के सामने चुनौती है कि शिकायतों के समाधान के साथ जल निकासी की स्थायी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

विधायक से कोई बड़ी शिकायत नहीं, फिर भी पांच नंबर

क्षेत्र के विधायक भाजपा के अमित अग्रवाल हैं। विधायक के कामकाज को लेकर सवाल पूछने पर दानिश सैफी ने कहा कि विधायक अच्छे हैं और उनसे कोई खास दिक्कत नहीं है। हालांकि, जब उन्हें दस में से नंबर देने को कहा गया तो उन्होंने पांच नंबर दिए।

दानिश की शिकायत है कि उनके वार्ड में विधायक निधि से कोई काम नहीं कराया गया है। उनका मानना है कि क्षेत्र की जरूरतों के मुताबिक विकास कार्य होने चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके।

सांसद से मुलाकात नहीं, विकास पर भी सवाल

सांसद अरुण गोविल के कामकाज को लेकर दानिश सैफी ने दस में से पांच नंबर दिए। उन्होंने कहा कि अभी सांसद से उनकी मुलाकात नहीं हुई है और उनसे मिलना-जुलना भी नहीं होता। दानिश की शिकायत है कि वार्ड में सांसद निधि से भी कोई काम नहीं कराया गया है।

उनके मुताबिक, क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और स्थानीय लोगों से संपर्क जरूरी है। वार्ड की जरूरतों को समझकर विकास कार्य कराए जाएं तो लोगों को राहत मिल सकती है।

राजनीति में परिवार की पहली पारी

अमरीना खान पहली बार पार्षद बनी हैं और समाजवादी पार्टी से जुड़ी हैं। दानिश सैफी ने बताया कि उनके परिवार में पहले कोई राजनीति या सामाजिक कार्यों से जुड़ा नहीं रहा। इस लिहाज से परिवार के लिए यह नया अनुभव है।

जिले में सबसे बेहतर विधायक के सवाल पर दानिश ने किसी एक नेता का नाम लेने के बजाय कहा कि जो सभी लोगों के लिए बेहतर काम करता है, वही बेहतर होता है। उनका जवाब इस बात की ओर इशारा करता है कि जनप्रतिनिधि की कसौटी उसके काम और आम लोगों को मिलने वाली राहत होनी चाहिए।

अब निगाहें समाधान पर

वार्ड 38 खड़ौली में पानी निकासी की समस्या का समाधान और क्षेत्र में विकास कार्य स्थानीय लोगों की प्रमुख अपेक्षाएं हैं। पार्षद परिवार की ओर से विधायक और सांसद निधि से काम नहीं होने की शिकायत भी सामने आई है। ऐसे में वार्ड की बुनियादी समस्याओं पर नगर निगम के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।

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वरिष्ठ संवाददाता, मेरठmeerutsushilkumar@newstrack.com
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