TRENDING TAGS :
Meerut Parshad Interview: मेरठ वार्ड-47, भाजपा पार्षद कुलदीप जीनवाल का विकास पर जोर
Meerut Ward 47 Parshad Interview: मेरठ के शाहपीर गेट वार्ड-47 के भाजपा पार्षद कुलदीप जीनवाल सड़क, नाली, सफाई, जल निकासी और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी समस्याओं के समाधान पर जोर दे रहे हैं।
Meerut Nagar Nigam Ward 47 Shahpeer Gate Parshad Interview | Meerut Sabhasad Ki Jankari Newstrack
Meerut Ward 47 Parshad Interview: राजनीति में पद हासिल करना एक बात है और जनता के बीच अपनी पहचान बनाना दूसरी। भाजपा पार्षद कुलदीप जीनवाल के लिए वार्ड 47 शाहपीर गेट की जिम्मेदारी लोगों की समस्याओं को सुनने, उन्हें संबंधित विभागों तक पहुंचाने और समाधान के लिए लगातार प्रयास करने का अवसर है। कम उम्र में पार्षद की जिम्मेदारी संभालने वाले जीनवाल का जोर सड़क, नाली, सफाई, जल निकासी और प्रकाश व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर है। उनका मानना है कि जनप्रतिनिधि की असली पहचान उसके पद से नहीं, बल्कि जनता के बीच उसकी उपलब्धता और काम के प्रति प्रतिबद्धता से होती है।
भाजपा से जुड़े कुलदीप जीनवाल अधिवक्ता भी हैं और पार्टी में मेरठ के अधिवक्ता नगर उपाध्यक्ष के रूप में अपनी पहचान रखते हैं। राजनीति में उनकी रुचि के पीछे जनसेवा की भावना और स्थानीय समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने की सोच है। उनके मुताबिक, जनता के बीच रहकर उनकी जरूरतों को समझना और व्यवस्था के भीतर रहकर समाधान की कोशिश करना ही जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
जनता की समस्याएं प्राथमिकता में
शाहपीर गेट मेरठ के पुराने और पहचाने जाने वाले इलाकों में शामिल है। यहां की आबादी, पुरानी गलियों और स्थानीय जरूरतों के कारण विकास कार्यों की अपनी चुनौतियां हैं। सफाई, कूड़ा निस्तारण, संकरी नालियों, जलभराव और कुछ गलियों में स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं का समाधान क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में पार्षद के सामने चुनौती केवल नए काम कराने की नहीं, बल्कि पुरानी समस्याओं के स्थायी समाधान की भी है।
जीनवाल की कार्यशैली के लिए प्रस्तावित प्राथमिकता यही है कि लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए और संबंधित विभागों से समन्वय कर समाधान का रास्ता निकाला जाए। उनका मानना है कि कई काम स्थानीय प्रतिनिधि के प्रयास से आगे बढ़ते हैं, लेकिन कुछ मामलों में बजट, तकनीकी स्वीकृति और विभागीय प्रक्रिया के कारण समय लगता है। ऐसी स्थिति में लगातार संपर्क और निगरानी जरूरी है।
विकास के लिए विभागों से समन्वय जरूरी
नगर निगम के स्तर पर सड़क, नाली, सफाई और प्रकाश व्यवस्था जैसे कार्यों के लिए योजनाओं और संसाधनों की अहम भूमिका होती है। पार्षद की जिम्मेदारी स्थानीय जरूरतों को सामने लाने के साथ विकास कार्यों की मांग उठाना और उनकी प्रगति पर नजर रखना भी है। जीनवाल का मानना है कि नगर निगम की शिकायत निस्तारण व्यवस्था अधिक जवाबदेह और समयबद्ध होनी चाहिए, ताकि लोगों को यह पता रहे कि उनकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई।
उनके अनुसार, सफाई और जल निकासी की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर देखना जरूरी है। शिकायत दर्ज होने से लेकर उसके निस्तारण तक की जानकारी लोगों को मिलनी चाहिए। इससे न केवल नागरिकों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि अधिकारियों की जवाबदेही भी मजबूत होगी।
पद से ज्यादा जनता का विश्वास महत्वपूर्ण
राजनीति में आगे की भूमिका को लेकर जीनवाल की सोच है कि फिलहाल उनका ध्यान अपनी मौजूदा जिम्मेदारी को बेहतर ढंग से निभाने पर रहना चाहिए। उनका मानना है कि जनसेवा किसी एक पद तक सीमित नहीं होती। संगठन और जनता की ओर से जो जिम्मेदारी मिले, उसे ईमानदारी से निभाना ही राजनीति का उद्देश्य होना चाहिए।
वह चाहते हैं कि वार्ड के लोग उन्हें ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में याद रखें, जो उनकी बात सुने, जरूरत के समय उपलब्ध रहे और समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करे। उनके मुताबिक, हर शिकायत का तत्काल समाधान संभव नहीं होता, लेकिन जनता को यह भरोसा जरूर मिलना चाहिए कि उसकी समस्या को गंभीरता से लिया जा रहा है।
सांसद-विधायक के मूल्यांकन में काम को महत्व
सांसद और विधायक के कामकाज को लेकर जीनवाल की प्रस्तावित राय भी इसी सोच पर आधारित है। उनके मुताबिक, किसी जनप्रतिनिधि का मूल्यांकन विकास कार्यों, जनता से संपर्क, क्षेत्र में सक्रियता और समस्याओं के समाधान के आधार पर होना चाहिए। केवल राजनीतिक विचारों या औपचारिक प्रशंसा के आधार पर अंक देना उचित नहीं है। बेहतर विधायक भी वही है, जो जनता के बीच रहकर उसकी समस्याएं उठाए और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करे।
युवा नेतृत्व के सामने बड़ी जिम्मेदारी
वार्ड 47 में कुलदीप जीनवाल के लिए सबसे अहम चुनौती जनता की अपेक्षाओं को ठोस सुधार में बदलने की है। पुराने क्षेत्र की जरूरतों को समझना, विभागों से समन्वय बनाए रखना और शिकायतों के समाधान की नियमित निगरानी करना उनके काम की दिशा तय कर सकता है। जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए संवाद के साथ-साथ विकास कार्यों के परिणाम भी महत्वपूर्ण होंगे।


