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Meerut Nagar Nigam Ward 77 Parshad: 30 साल से सपा से जुड़ाव, निर्दलीय चुनाव लड़कर रोशन बनीं पार्षद
Meerut Nagar Nigam Ward 77 Parshad: मेरठ के वार्ड-77 लक्खीपुरा की पार्षद रोशन ने 2023 के निकाय चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में 2201 वोट हासिल कर जीत दर्ज की।
Meerut Nagar Nigam Ward 77 Parshad | Meerut Sabhasad Ki Jankari | Newstrack Hindi News
Meerut Nagar Nigam Ward 77 Parshad: तीन दशक से समाजवादी पार्टी से जुड़ाव, लेकिन नगर निगम चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरकर जीत हासिल की। यह कहानी है मेरठ नगर निगम के वार्ड-77 लक्खीपुरा की पार्षद रोशन की। वर्ष 2023 के निकाय चुनाव में रोशन ने 2201 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल पड़े मतों का 36.03 प्रतिशत मिला। पार्षद के कामकाज, क्षेत्र की समस्याओं और राजनीतिक सफर पर उनके प्रतिनिधि मुस्तफा ने अपनी बात रखी। उनका दावा है कि वार्ड में ऐसी कोई बड़ी समस्या नहीं है, जिसे अब तक हल न कराया जा सका हो। वहीं, सांसद और विधायक को नंबर देने के सवाल पर उन्होंने दोनों को पूरे 10 में से 10 अंक दिए। जिले के बेहतर विधायक के सवाल पर किसी एक का नाम लेने के बजाय कहा कि सभी बेहतर हैं।
लक्खीपुरा जैसे घनी आबादी वाले इलाके में नाले, जल निकासी, सड़क और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से सीधे जुड़ी हैं। ऐसे में पार्षद के कामकाज का आकलन इन्हीं कसौटियों पर होता है। मुस्तफा क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर संतुष्ट नजर आए। उन्होंने लंबित समस्या के सवाल पर साफ कहा कि उनके वार्ड में ऐसी कोई समस्या नहीं है। उनका यह जवाब क्षेत्र में विकास को लेकर उनके भरोसे को दर्शाता है।
निर्दलीय जीत, लेकिन सपा से तीन दशक पुराना नाता
रोशन की राजनीतिक पहचान में एक दिलचस्प पहलू यह है कि चुनाव उन्होंने निर्दलीय लड़ा, जबकि उनके प्रतिनिधि मुस्तफा के मुताबिक, उनका जुड़ाव शुरुआत से समाजवादी पार्टी के साथ रहा है। मुस्तफा ने बताया कि वह करीब 30 साल से राजनीति में सक्रिय हैं। हालांकि, उन्होंने और उनके परिवार ने समाजवादी पार्टी में कोई पद नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक गतिविधियों में अपनी भागीदारी जारी रखी।
वर्ष 2023 के नगर निगम चुनाव में रोशन ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जनता के बीच अपनी जगह बनाई। चुनाव में उन्हें 2201 वोट मिले, जो कुल मतों का 36.03 प्रतिशत था। यह जीत उनके लिए वार्ड के प्रतिनिधित्व की जिम्मेदारी लेकर आई। मुस्तफा के मुताबिक, परिवार की अगली पीढ़ी भी राजनीति में सक्रिय है। उनका बेटा भी राजनीति में काम कर रहा है। इससे साफ है कि परिवार का राजनीतिक जुड़ाव केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि लंबे समय से राजनीतिक गतिविधियों में उसकी दिलचस्पी बनी हुई है।
'वार्ड में ऐसी कोई समस्या नहीं, जिसे हल न कराया हो'
वार्ड की ऐसी कौन-सी समस्या है, जिसे अब तक हल नहीं कराया जा सका है? इस सवाल पर मुस्तफा ने कहा कि उनके यहां ऐसी कोई समस्या नहीं है। यह उनका स्पष्ट दावा है। उनके मुताबिक, क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर प्रयास किए गए हैं और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया गया है।
लक्खीपुरा में पहले हुए निर्माण कार्यों में फतेहल्लापुर की 60 फुटा रोड से कांच के पुल तक नाले का निर्माण प्रमुख है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस परियोजना पर करीब 3 करोड़ 30 लाख रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा जाबिंया चौक पर लगभग 25 लाख रुपये की लागत से नाला निर्माण का काम भी कराया गया। क्षेत्र की कई गलियों में सड़क और अन्य बुनियादी निर्माण कार्य होने की जानकारी भी सामने आती है।
घनी आबादी वाले इलाकों में नालों का निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था स्थानीय लोगों के लिए खास मायने रखती है। बारिश के दौरान जलभराव की आशंका, नालियों की सफाई और सड़कों की स्थिति ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर लगातार निगरानी जरूरी होती है। इसलिए पहले कराए गए निर्माण कार्यों के साथ उनका रखरखाव भी महत्वपूर्ण है। मुस्तफा का दावा है कि वार्ड में कोई बड़ी लंबित समस्या नहीं है। क्षेत्र के विकास की वास्तविक स्थिति का आकलन स्थानीय लोगों की राय और मौके पर उपलब्ध सुविधाओं से भी किया जा सकता है।
सांसद अरुण गोविल को पूरे 10 नंबर, मुलाकात नहीं हुई
सांसद को विकास कार्यों, लोगों से मिलने-जुलने, क्षेत्र में उपलब्धता और स्थानीय समस्याओं के समाधान जैसे अलग-अलग मानकों पर दस में से अंक देने का सवाल आया तो मुस्तफा ने अपने जवाब में सभी समाजों को साथ लेकर चलने की बात कही। उनका कहना था कि राजनीति का मतलब यही है कि कोई भी बड़ा नेता हो, उसे सभी समाजों को साथ लेकर चलना चाहिए।
सांसद अरुण गोविल को नंबर देने के सवाल पर उन्होंने कहा, 'हमारे नंबर देने से क्या होता है, इनको भी 10 में से 10 नंबर दे देंगे।' हालांकि, सांसद के साथ अपने संपर्क के बारे में मुस्तफा ने यह भी स्पष्ट किया कि अरुण गोविल से उनका कोई काम नहीं पड़ा और वह उनसे कभी मिले भी नहीं हैं।
इस जवाब में एक तरफ सांसद को पूरे अंक देने का उनका रुख सामने आया, तो दूसरी तरफ यह भी स्पष्ट हुआ कि उन्होंने सांसद के कामकाज को व्यक्तिगत मुलाकात या अपने किसी प्रत्यक्ष अनुभव के आधार पर नहीं आंका।
शहर विधायक रफीक अंसारी को भी 10 में से 10
शहर विधायक रफीक अंसारी को दस में से कितने नंबर देंगे, इस सवाल पर मुस्तफा ने उन्हें भी पूरे 10 अंक दिए। जिले में सबसे बेहतर विधायक कौन है, इस सवाल पर उन्होंने किसी एक विधायक को चुनने के बजाय कहा कि सभी बेहतर हैं।
मुस्तफा के जवाबों में नेताओं के मूल्यांकन को लेकर सकारात्मक रुख दिखाई दिया। उन्होंने किसी जनप्रतिनिधि की खुलकर आलोचना नहीं की और न ही किसी एक विधायक को दूसरे से बेहतर बताया। उनके अनुसार, राजनीति में सभी समाजों को साथ लेकर चलना अहम है।
हालांकि, सांसद और विधायक को पूरे अंक देने के बावजूद क्षेत्र में उनकी उपलब्धता, जनता से संवाद और समस्याओं के समाधान को लेकर कोई अलग-अलग उदाहरण उन्होंने नहीं गिनाए। इन पहलुओं पर स्थानीय लोगों का अनुभव भी जनप्रतिनिधियों के कामकाज का महत्वपूर्ण पैमाना है।
विकास के दावे और जनता की अपेक्षाएं
वार्ड-77 लक्खीपुरा की पार्षद रोशन की राजनीतिक यात्रा निर्दलीय जीत से जुड़ी है, जबकि उनके प्रतिनिधि मुस्तफा करीब 30 साल से समाजवादी पार्टी से जुड़े होने की बात कहते हैं। नाला निर्माण और गलियों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य क्षेत्र के विकास की तस्वीर का हिस्सा हैं। मुस्तफा का दावा है कि वार्ड में कोई बड़ी लंबित समस्या नहीं है।
अब चुनौती इन सुविधाओं को लगातार दुरुस्त रखने की है। नालों की सफाई, जल निकासी, गलियों की सड़कें और स्वच्छता ऐसी जरूरतें हैं, जिन पर नियमित ध्यान देना पड़ता है। पार्षद की सफलता का आकलन केवल कराए गए निर्माण कार्यों से नहीं, बल्कि इस बात से भी होगा कि लोगों को रोजमर्रा की समस्याओं से कितनी राहत मिल रही है।
रोशन को चुनाव में मिले 2201 वोट उनकी जीत का आधार बने थे। अब वार्ड के लोगों की अपेक्षा होगी कि उनके प्रतिनिधित्व में विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहे और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का समय पर समाधान हो।


