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Meerut Ward 78 Parshad Interview: निर्विरोध जीतकर आए संदीप के सामने स्वामीपाड़ा को संवारने की चुनौती
Meerut Nagar Nigam Ward 78 Parshad: मेरठ के वार्ड-78 स्वामीपाड़ा से भाजपा पार्षद संदीप वर्ष 2023 में निर्विरोध निर्वाचित हुए थे।
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Meerut Nagar Nigam Ward 78 Parshad: चुनाव में मुकाबला न हो तो जिम्मेदारी कम नहीं हो जाती, बल्कि जनता की उम्मीदें और बढ़ जाती हैं। मेरठ नगर निगम के वार्ड-78 स्वामीपाड़ा से भाजपा के पार्षद संदीप के सामने भी यही चुनौती है। वर्ष 2023 में निर्विरोध निर्वाचित हुए संदीप को अब अपने काम से यह साबित करना है कि जनता का भरोसा विकास और बेहतर नागरिक सुविधाओं में बदल सकता है। बुढ़ाना गेट और स्वामीपाड़ा क्षेत्र में सड़क, नाली, सफाई, सीवर और जलनिकासी जैसे मुद्दे स्थानीय जरूरतों से जुड़े हैं। ऐसे में वार्ड की गलियों को बेहतर बनाना, सफाई व्यवस्था को नियमित रखना और लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।
संदीप के लिए पार्षद का पद केवल नगर निगम की बैठकों तक सीमित रहने का अवसर नहीं, बल्कि मोहल्ले की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करने की जिम्मेदारी है। वार्ड में विकास की असली तस्वीर तभी बदलेगी, जब लोगों को अपने घर के आसपास साफ गलियां, सुचारु जलनिकासी, बेहतर सड़कें और पर्याप्त रोशनी जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
निर्विरोध जीत, अब काम से पहचान बनाने की बारी
वार्ड-78 से निर्विरोध निर्वाचन संदीप के राजनीतिक सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हालांकि, निर्विरोध चुने जाने के बाद असली परीक्षा कार्यकाल में होती है। लोगों की अपेक्षा रहती है कि उनका प्रतिनिधि उपलब्ध रहे, उनकी बात सुने और समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर समाधान की कोशिश करे। संदीप के सामने भी जनता के इसी भरोसे को मजबूत करने का अवसर है।
स्थानीय निकाय में पार्षद की भूमिका इसलिए अहम है, क्योंकि नागरिकों की कई समस्याएं छोटी दिखाई देने के बावजूद रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती हैं। कहीं नाली चोक होने से गंदा पानी जमा होता है तो कहीं सड़क की मरम्मत की जरूरत होती है। खराब स्ट्रीट लाइट से रात में आवागमन प्रभावित हो सकता है। इन समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाना और काम पूरा होने तक निगरानी रखना प्रभावी पार्षदी की पहचान बन सकता है।
सफाई और जलनिकासी से मिलेगी बड़ी राहत
स्वामीपाड़ा जैसे आबादी वाले क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखना बड़ी जरूरत है। नियमित कूड़ा उठान, नालियों की सफाई और कचरे का सही निस्तारण होने से आसपास का वातावरण बेहतर बनाया जा सकता है। इसके लिए नगर निगम के सफाई विभाग और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय जरूरी है।
बरसात में जलभराव की समस्या लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। इसका समाधान केवल पानी निकलवाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। नालियों की नियमित सफाई, निकासी मार्गों की जांच और जरूरत के अनुसार मरम्मत या निर्माण कार्य भी जरूरी हैं। संदीप के लिए ऐसे स्थानों की पहचान कराना महत्वपूर्ण होगा, जहां जलनिकासी की समस्या बार-बार सामने आती है। इससे अस्थायी राहत के बजाय स्थायी समाधान की दिशा में काम हो सकेगा।
सड़क, सीवर और स्ट्रीट लाइट पर रहे नजर
वार्ड के विकास का आकलन सबसे पहले गलियों की स्थिति से होता है। अच्छी सड़कें लोगों की आवाजाही आसान बनाती हैं, जबकि दुरुस्त नालियां और सीवर व्यवस्था गंदगी से राहत दिलाती हैं। इसी तरह स्ट्रीट लाइट से रात में गलियों में रोशनी बनी रहती है। इन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पार्षद को शिकायतों की जानकारी जुटाकर संबंधित विभागों से कार्रवाई करानी होती है।
जहां छोटे मरम्मत कार्यों से समस्या दूर हो सकती है, वहां उन्हें प्राथमिकता दी जा सकती है। वहीं, बड़े निर्माण कार्यों के लिए प्रस्ताव, तकनीकी स्वीकृति और बजट की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे मामलों में नगर निगम के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क और फॉलोअप जरूरी है। विकास का उद्देश्य केवल काम शुरू कराना नहीं, बल्कि उसे पूरा कराकर जनता को राहत दिलाना होना चाहिए।
जनता की भागीदारी से बनेगा स्वच्छ वार्ड
साफ-सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम और जनप्रतिनिधि के साथ स्थानीय नागरिकों की भी है। गीले और सूखे कचरे को अलग रखना, कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालना और नालियों में कचरा फेंकने से बचना जैसे छोटे कदम पूरे मोहल्ले की तस्वीर बदल सकते हैं। स्कूलों और स्थानीय स्तर पर स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम भी इस दिशा में उपयोगी साबित हो सकते हैं।
संदीप के लिए लोगों को विकास कार्यों से जोड़ना और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाना वार्ड की व्यवस्था बेहतर बनाने का प्रभावी रास्ता हो सकता है। जनता और जनप्रतिनिधि के बीच संवाद जितना मजबूत होगा, समस्याओं की पहचान और समाधान की प्रक्रिया उतनी ही आसान होगी।
सांसद-विधायक को नंबर देने से किया परहेज
अपने सांसद और विधायक के कामकाज को दस में से नंबर देने के सवाल पर संदीप का मानना है कि जनप्रतिनिधियों के काम का सही आकलन जनता ही कर सकती है। विकास कार्य, लोगों से संपर्क और क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के आधार पर नागरिक खुद तय करें कि किस जनप्रतिनिधि का प्रदर्शन कैसा है। जिले के सबसे बेहतर विधायक के सवाल पर भी जनता की राय को ही महत्वपूर्ण माना गया है।
जनता की कसौटी पर खरा उतरना अहम
संदीप के सामने स्वामीपाड़ा में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने और लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का अवसर है। निर्विरोध निर्वाचन से मिली जिम्मेदारी को सार्थक बनाने के लिए नियमित जनसंपर्क, शिकायतों पर पहल और विकास कार्यों की निगरानी महत्वपूर्ण होगी। अंततः पार्षद की पहचान दावों से नहीं, बल्कि वार्ड की गलियों में दिखाई देने वाले बदलाव और लोगों को मिलने वाली राहत से बनेगी। स्वामीपाड़ा के निवासियों के लिए भी सबसे अहम यही है कि उनकी समस्याएं सुनी जाएं और विकास का लाभ हर गली तक पहुंचे।


