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Meerut Ward 81 Parshad Interview: नगर निगम में अटके विकास कार्य, जनता हमसे मांगती है जवाब
Meerut Nagar Nigam Ward 81 Parshad: मेरठ के वार्ड-81 तारापुरी में जलभराव, जर्जर सड़कें, गंदगी और खराब स्ट्रीट लाइट की समस्याओं को लेकर पार्षद गुड्डी के पति हाजी अफजाल ने नगर निगम पर सवाल उठाए हैं।
Meerut Nagar Nigam Ward 81 Parshad (Image Credit-Newstrack)
Meerut Nagar Nigam Ward 81 Parshad: जनता की समस्याएं सुनना और उनके समाधान के लिए आवाज उठाना पार्षद की जिम्मेदारी है, लेकिन जब विकास कार्यों के प्रस्ताव ही मंजूरी के इंतजार में अटक जाएं तो काम आगे कैसे बढ़े? नगर निगम के वार्ड-81 तारापुरी में जलभराव, जर्जर सड़कें, गंदगी और खराब स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं को लेकर पार्षद गुड्डी के पति हाजी अफजाल ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि वार्ड के विकास के लिए प्रस्ताव भेजने के बावजूद उन्हें स्वीकृति नहीं मिल रही। इसका खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ रहा है और जवाब जनप्रतिनिधियों से मांगा जा रहा है।
करीब एक लाख की आबादी वाले तारापुरी में बुनियादी सुविधाओं की जरूरत को देखते हुए विकास कार्यों को गति देना बड़ी चुनौती है। एआईएमआईएम से जुड़ी पार्षद गुड्डी की ओर से उनके पति हाजी अफजाल का कहना है कि सड़क, नाली और दूसरी समस्याओं को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। उनकी मांग है कि नगर निगम अधिकारी लंबित प्रस्तावों पर समयबद्ध निर्णय लें, ताकि जनता को राहत मिल सके।
जलभराव और टूटी सड़कें बनीं बड़ी चुनौती
तारापुरी में जलनिकासी की समस्या लोगों के लिए परेशानी का कारण है। नालियां जाम होने से पानी की निकासी प्रभावित होती है और बारिश के दौरान कई स्थानों पर जलभराव की शिकायत रहती है। इससे लोगों के आवागमन में दिक्कत होती है। गंदा पानी जमा रहने से स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ती हैं। समस्या के स्थायी समाधान के लिए नालियों की सफाई के साथ जरूरी निर्माण और मरम्मत कार्य कराना अहम है।
वार्ड की जर्जर सड़कें भी लोगों की मुश्किलें बढ़ाती हैं। गड्ढों के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी होती है। बारिश में गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। पार्षद पक्ष का कहना है कि सड़क और नाली निर्माण के प्रस्तावों को मंजूरी मिले तो क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को दूर करने की दिशा में काम आगे बढ़ सकता है।
गंदगी और बिजली सुरक्षा पर भी ध्यान जरूरी
वार्ड में नियमित सफाई और कूड़ा उठान की व्यवस्था बेहतर बनाने की जरूरत है। नालियों तथा सड़कों पर गंदगी जमा होने से लोगों को परेशानी होती है। इसके लिए सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई जरूरी है।
वहीं, खुले बिजली बॉक्स और नीचे लटकते तार सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय हैं। खराब स्ट्रीट लाइटों के कारण रात में आवागमन प्रभावित होता है। इन समस्याओं के समाधान के लिए नगर निगम के साथ संबंधित बिजली विभाग को भी सक्रियता दिखानी होगी। खुले बॉक्स सुरक्षित करने, तार व्यवस्थित करने और खराब लाइटों की मरम्मत के लिए समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है।
पार्षद का सवाल—जवाबदेही हमारी, मंजूरी किसकी?
हाजी अफजाल का कहना है कि जनता अपनी समस्याएं लेकर पार्षद के पास आती है और उससे समाधान की उम्मीद करती है। जनप्रतिनिधि लोगों की शिकायतें सुनकर अधिकारियों तक पहुंचाते हैं और विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजते हैं। लेकिन जब प्रस्तावों को स्वीकृति नहीं मिलती तो काम अटक जाते हैं। उनका कहना है कि पार्षद की जिम्मेदारी अपनी जगह है, लेकिन विकास कार्यों के लिए प्रशासनिक मंजूरी और जरूरी संसाधन भी आवश्यक हैं।
उन्होंने मांग की कि नगर निगम सभी वार्डों के साथ समान व्यवहार करे और विकास प्रस्तावों पर स्पष्ट निर्णय ले। यदि किसी प्रस्ताव में तकनीकी कमी या बजट संबंधी अड़चन है तो इसकी जानकारी दी जाए, ताकि उसे दूर कर काम आगे बढ़ाया जा सके।
तारापुरी की समस्याओं के समाधान के लिए जनप्रतिनिधि और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। अब लोगों की निगाह इस बात पर है कि नगर निगम जलनिकासी, सड़क, सफाई और रोशनी से जुड़े कार्यों को कितनी प्राथमिकता देता है। वार्ड की तस्वीर बदलने के लिए केवल प्रस्ताव भेजना ही नहीं, उन्हें मंजूरी देकर जमीन पर काम शुरू कराना भी जरूरी है।


