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Meerut Ward 84 Parshad Interview: अनुभव की ताकत, विकास का संकल्प, हाजी नूर आलम की मजबूत पहचान
Meerut Nagar Nigam Ward 84 Parshad: मेरठ के वार्ड-84 फखरुद्दीन अली अहमद नगर पश्चिमी-द्वितीय में पार्षद हाजी नूर आलम के राजनीतिक अनुभव और विकास कार्यों पर एक नजर।
Meerut Nagar Nigam Ward 84 (Image Credit-Newstrack)
Meerut Nagar Nigam Ward 84 Parshad: नगर निगम के वार्ड-84 फखरुद्दीन अली अहमद नगर पश्चिमी-द्वितीय में पार्षद हाजी नूर आलम की पहचान स्थानीय राजनीति में लंबे अनुभव और सक्रियता से जुड़ी है। वर्ष 2023 के नगर निगम चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट पर उन्होंने 1,926 वोट हासिल किए थे। वार्ड में विकास कार्यों के लिए नगर निगम निधि से 83 लाख रुपये खर्च किए जाने का विवरण भी सामने आया है। बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए विकास कार्यों को आगे बढ़ाना वार्ड की प्रमुख जरूरतों में शामिल है।
स्थानीय निकाय में पार्षद की भूमिका केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं होती। लोगों की समस्याएं सुनना, उन्हें संबंधित विभागों तक पहुंचाना और विकास कार्यों की प्रगति पर नजर रखना भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। हाजी नूर आलम के पास स्थानीय राजनीति का लंबा अनुभव है। इस अनुभव का इस्तेमाल वार्ड की जरूरतों को प्राथमिकता देने और नगर निगम प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने में किया जा सकता है।
83 लाख रुपये के विकास कार्यों से जुड़ी उम्मीदें
वार्ड से संबंधित प्रकाशित जानकारी के अनुसार, नगर निगम निधि से यहां 83 लाख रुपये के विकास कार्य कराए गए हैं। सड़क, नाली, जल निकासी और सफाई जैसी सुविधाएं नागरिकों के दैनिक जीवन से सीधे जुड़ी होती हैं। इन व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए समय-समय पर मरम्मत, नियमित सफाई और जरूरत के मुताबिक नए कार्य कराना जरूरी है।
हाजी नूर आलम के सामने इन सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ विकास कार्यों की गुणवत्ता और रखरखाव पर ध्यान देने की जिम्मेदारी भी है। स्थानीय जरूरतों के अनुसार प्राथमिकताएं तय करने और संबंधित विभागों के समक्ष समस्याएं उठाने से वार्ड में सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सकता है।
नगर निगम से संबंधित प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, वार्ड से एक वर्ष में 5.83 लाख रुपये गृहकर जमा हुआ। गृहकर संग्रह और विकास कार्यों पर खर्च के आंकड़े स्थानीय निकाय के कामकाज की तस्वीर समझने में मदद करते हैं। विकास कार्यों का मदवार विवरण उपलब्ध होने पर यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि किस क्षेत्र में कितनी राशि खर्च हुई और किन सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई।
बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देना जरूरी
किसी भी वार्ड के विकास का वास्तविक असर वहां रहने वाले लोगों के दैनिक जीवन में दिखाई देता है। अच्छी सड़कें, साफ नालियां, नियमित कूड़ा उठान और जलभराव से राहत ऐसी जरूरतें हैं, जिनसे लोगों को रोजाना जूझना पड़ सकता है। इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के लिए पार्षद और नगर निगम के संबंधित विभागों के बीच लगातार तालमेल जरूरी है।
हाजी नूर आलम अपने अनुभव के आधार पर वार्ड की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ संबंधित अधिकारियों के सामने रख सकते हैं। विकास कार्यों की नियमित निगरानी और लोगों की शिकायतों पर ध्यान देने से नागरिकों का भरोसा मजबूत करने में मदद मिल सकती है। पहले से हुए कार्यों का रखरखाव और जरूरत वाले क्षेत्रों में नए कार्यों की पहचान भी विकास प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।
पगड़ी पहनाकर किया सम्मान
हाजी नूर आलम को चार बार पार्षद चुने जाने की उपलब्धि पर एमडीकेएच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. कय्यूम, राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आसिफ कस्सार और इनाम जिलानी की टीम ने पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया और बधाई दी। टीम की ओर से कहा गया कि चार बार पार्षद चुना जाना हाजी नूर आलम के राजनीतिक सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। टीम ने उनके अनुभव की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उम्मीद जताई कि वह आगे भी वार्ड के विकास तथा जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।
अनुभव को विकास में बदलने की चुनौती
हाजी नूर आलम के सामने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव को वार्ड की जरूरतों के अनुरूप इस्तेमाल करने का अवसर है। विकास कार्यों में पारदर्शिता, बुनियादी सुविधाओं का बेहतर रखरखाव और नागरिकों की शिकायतों के समाधान पर निरंतर ध्यान देने से वार्ड की तस्वीर को और बेहतर बनाया जा सकता है। जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना किसी भी जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी कसौटी होती है। वार्ड-84 में विकास कार्यों को गति देना और लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास इस कसौटी पर उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बनाएंगे।


