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Meerut Ward 9 Parshad Interview: शिकायतों के निस्तारण की समयसीमा तय होनी चाहिए
Meerut Ward 9 kasampur Parshad: मेरठ के कासमपुर वार्ड-9 की पार्षद रेशमा सोनकर ने सड़क निर्माण, बुनियादी सुविधाओं और शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया।
Meerut Nagar Nigam Ward 9 kasampur Parshad | Meerut Sabhasad Ki Jankari | Newstrack Hindi News
Meerut Ward 9 kasampur Parshad: मेरठ। कासमपुर वार्ड-9 की भाजपा पार्षद रेशमा सोनकर के लिए राजनीति कोई अचानक चुना गया रास्ता नहीं है। घर में पहले से राजनीतिक माहौल रहा है। उनके ससुर इसी क्षेत्र से पार्षद रह चुके हैं, जबकि उनके भाई लगातार तीन बार से पार्षद हैं। रेशमा सोनकर खुद करीब पांच साल से सक्रिय राजनीति में हैं। ग्रेजुएट रेशमा व्यापार से जुड़ी हैं और नगर निगम मेरठ की कार्यकारिणी सदस्य भी हैं। उनके मुताबिक, परिवार से मिली राजनीतिक पृष्ठभूमि ने उन्हें लोगों के बीच काम करने और उनकी समस्याएं समझने का मौका दिया।
‘हर समस्या का अंत नहीं होता’
पार्षद बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती के सवाल पर रेशमा सोनकर का जवाब अपने अंदाज में है। वह कहती हैं कि वार्ड में कोई ऐसी बड़ी समस्या नहीं है, जिसे वह प्रमुख समस्या के तौर पर गिनाएं। उनके मुताबिक, ‘हंड्रेड परसेंट समस्या तो ईश्वर भी पूरी नहीं कर सकते। हमारी इच्छाएं इतनी होती हैं कि उनका कोई अंत नहीं और हर रोज नई समस्याएं पैदा होती रहती हैं।’
उनका कहना है कि पार्षद के तौर पर उनकी कोशिश रहती है कि लोगों की शिकायतों को सुना जाए और जिस स्तर पर समाधान संभव हो, वहां लगातार प्रयास किया जाए। कई बार समस्या दूसरे विभाग या बजट और स्वीकृति की प्रक्रिया से जुड़ी होती है, इसलिए समाधान में समय लगता है।
रुकी सड़क बातचीत से दोबारा शुरू कराई
कासमपुर के लाल मोहम्मदपुर में अड्डे से अंबेडकर पार्क और मार्शल पिच की ओर जाने वाली मुख्य सड़क का निर्माण कुछ लोगों की आपत्ति के कारण रुक गया था। पार्षद के अनुसार, उन्होंने संबंधित लोगों से बातचीत की। आपसी सहमति बनने के बाद रुका हुआ काम दोबारा शुरू कराया गया और सड़क का निर्माण पूरा हुआ।
रेशमा सोनकर के मुताबिक, विकास कार्यों में स्थानीय लोगों का सहयोग जरूरी है। उनका जोर इस बात पर है कि विवाद या आपत्ति की स्थिति में बातचीत के जरिए रास्ता निकाला जाए, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों।
तीन प्रमुख काम पूरे कराने का दावा
पार्षद के अनुसार, वार्ड में हाल में तीन प्रमुख विकास कार्य पूरे कराए गए। इनमें कासमपुर की शिव मंदिर वाली गली, आर्मी कॉलोनी गली नंबर-6/लाल मोहम्मदपुर और लाल मोहम्मदपुर अड्डे से अंबेडकर पार्क की ओर जाने वाली मुख्य सड़क शामिल हैं।
इसके अलावा वार्ड-9 में डूडा के माध्यम से सीसी रोड और नाली निर्माण के कई कार्यों का भी शुभारंभ बताया गया है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, बाबूराम के मकान से ज्ञान चंद्र के मकान तक करीब 19.81 लाख रुपये, आशा रानी के मकान से पप्पू के मकान तक करीब 14.61 लाख रुपये, साधु नगर में आशा रानी के मकान से मुकेश के मकान तक करीब 15.77 लाख रुपये, विमला देवी के मकान से सुनील के मकान तक करीब 8.82 लाख रुपये और साधु नगर में मिश्रा जी के मकान से संजय के मकान तक करीब 8.37 लाख रुपये के सीसी रोड और नाली निर्माण कार्य शामिल हैं।
‘शिकायत की समयसीमा तय हो’
नगर निगम की व्यवस्था में एक बदलाव करने का मौका मिले तो रेशमा शिकायतों के निस्तारण की समयसीमा तय करने की बात कहती हैं। उनका कहना है कि शिकायत किस विभाग को भेजी गई और उस पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी शिकायतकर्ता और पार्षद दोनों को मिलनी चाहिए। इससे जवाबदेही बढ़ेगी और लोगों को बार-बार अधिकारियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
जनता से संपर्क के लिए उनका कहना है कि क्षेत्र में लोगों से लगातार मुलाकात होती है। लोग व्यक्तिगत रूप से भी अपनी समस्याएं बताते हैं और फोन पर भी संपर्क करते हैं। उनकी प्राथमिकता छोटी समस्याओं को स्थानीय स्तर पर हल कराने और बड़ी समस्याओं को संबंधित विभाग तक पहुंचाकर उसका फॉलोअप करने की है।
‘अपनापन’ है वार्ड की पहचान
अपने वार्ड को एक शब्द में परिभाषित करने के सवाल पर रेशमा सोनकर ‘अपनापन’ शब्द चुनती हैं। उनका कहना है कि कासमपुर में अलग-अलग वर्गों के लोग रहते हैं और क्षेत्र की खासियत लोगों का आपसी जुड़ाव है। वह वार्ड की इसी भावना को बरकरार रखना चाहती हैं। उनका कहना है कि विकास के साथ लोगों के बीच का यह अपनापन भी बना रहना चाहिए।
पार्षद के रूप में वह चाहती हैं कि लोग उन्हें ऐसी जनप्रतिनिधि के तौर पर याद रखें जो उनकी बात सुनती थी और समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रयास करती थी। राजनीति में आगे की योजना के सवाल पर वह फिलहाल वार्ड की जिम्मेदारी को प्राथमिकता देती हैं। हालांकि, जनता का विश्वास और पार्टी का मार्गदर्शन मिला तो सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में आगे भी सक्रिय रहने की बात कहती हैं।
सांसद को 9, विधायक को 10 नंबर
अपने क्षेत्र के सांसद अरुण गोविल के कामकाज, जनसंपर्क और क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए रेशमा सोनकर ने उन्हें 10 में से 9 नंबर दिए। वहीं मेरठ कैंट विधायक अमित अग्रवाल को उन्होंने 10 में से 10 नंबर दिए। जिले में सबसे बेहतर विधायक के सवाल पर भी उन्होंने अमित अग्रवाल का नाम लिया।
रेशमा सोनकर के लिए सार्वजनिक जीवन का आधार परिवार से मिली राजनीतिक विरासत के साथ क्षेत्र में सक्रिय रहना है। वह कहती हैं कि पद से ज्यादा महत्वपूर्ण जनता का विश्वास है और आगे भी उनका फोकस वार्ड में सड़क, नाली और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कामों को आगे बढ़ाने पर रहेगा।


