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Meerut News: महिला थाने पहुंचे SSP, उठा ले गए क्राइम रजिस्टर...एक्शन कि पूरे महकमे में मच गई हलचल
Meerut News: सुबह 6:30 बजे महिला थाने पहुंचे SSP ने क्राइम रजिस्टर की जांच की। निरीक्षण के दौरान मिली खामियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जिससे पुलिस महकमे में हलचल मच गई।
Meerut News(Photo-Social Media)
Meerut News: उत्तर प्रदेश के तेजतर्रार और कर्तव्यनिष्ठ आईपीएस अधिकारियों में गिने जाने वाले मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे एक बार फिर अपनी सख्त कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं। पुलिस व्यवस्था में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने ऐसा कदम उठाया, जिसकी चर्चा पूरे पुलिस महकमे में हो रही है।
बताया जाता है कि एसएसपी अविनाश पांडे मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे बिना किसी सूचना के महिला थाने पहुंच गए। औचक निरीक्षण के दौरान थाने की स्थिति देखकर वह हैरान रह गए। जिम्मेदार पुलिसकर्मी ड्यूटी पर मुस्तैद नहीं मिलीं और थाने की निगरानी व्यवस्था भी कमजोर नजर आई।निरीक्षण के दौरान एसएसपी चुपचाप थाने का महत्वपूर्ण क्राइम रजिस्टर अपने साथ ले गए। हैरानी की बात यह रही कि रजिस्टर गायब होने की भनक तक किसी को नहीं लगी। अगले दिन तक भी किसी अधिकारी या कर्मचारी ने इसकी जानकारी नहीं दी।
जब एसएसपी ने महिला थाना प्रभारी से क्राइम रजिस्टर तलब किया तो पूरे थाने में हड़कंप मच गया। घंटों तलाश के बावजूद रजिस्टर नहीं मिला। आखिरकार सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई, जिसमें पता चला कि सुबह निरीक्षण के दौरान स्वयं एसएसपी रजिस्टर लेकर गए थे। इस घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए एसएसपी अविनाश पांडे ने महिला थाने में तैनात 19 महिला पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया। उनकी इस कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि मेरठ पुलिस में लापरवाही, ढिलाई और जिम्मेदारी से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अविनाश पांडे की पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में बन रही है, जो केवल कार्यालयों में बैठकर समीक्षा करने के बजाय खुद मौके पर जाकर व्यवस्था की हकीकत परखते हैं। यही कारण है कि उनकी कार्यशैली आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय रहती है। भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनुशासनहीनता के खिलाफ उनकी लगातार कार्रवाई से पुलिस महकमे में जवाबदेही बढ़ी है। महिला थाने की इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले के थानों में सतर्कता बढ़ गई है। पुलिसकर्मियों के बीच यह संदेश स्पष्ट रूप से पहुंच गया है कि ड्यूटी में कोताही अब महंगी पड़ सकती है। एसएसपी की इस पहल को प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ बेहतर पुलिसिंग की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।


