27 के रण में CM योगी से अविमुक्तेश्वरानंद का सीधा मुकाबला! 403 सीटों पर ताल ठोकेंगे गौ रक्षक

UP Assembly Election 2027: यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर जहां राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है, वहीं अब संत समाज भी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है। जानें क्या है पूरा मामला।

Aditya Kumar Verma
Published on: 26 April 2026 9:00 PM IST
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UP Assembly Election 2027: यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर जहां राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है, वहीं अब संत समाज भी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने साफ कर दिया है कि वह भी इस बार अपने तरीके से मतदाताओं तक पहुंचेंगे और गौरक्षा को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाएंगे।

3 मई से गोरखपुर से शुरू होगी गौरक्षा यात्रा

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ऐलान किया है कि 3 मई से गोरखपुर की धरती से एक बड़ी गौरक्षा यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा लंबा सफर तय करते हुए 14 जुलाई को लखनऊ में समाप्त होगी। उन्होंने इस यात्रा को गौमाता की रक्षा के लिए महाभियान बताया है और कहा है कि इसका मकसद लोगों को जागरूक करना है।

उनका कहना है कि यह यात्रा केवल प्रतीकात्मक नहीं होगी, बल्कि सीधे मतदाताओं तक पहुंचकर उनसे अपील की जाएगी कि वे गौरक्षा के मुद्दे पर वोट करें।

403 सीटों पर पहुंचेगी यात्रा

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि यह यात्रा यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर जाएगी। इसका उद्देश्य हर क्षेत्र में जाकर लोगों को गौरक्षा के प्रति जागरूक करना है।

उन्होंने साफ कहा कि मतदाताओं से सीधे कहा जाएगा कि गौमाता की रक्षा के लिए वोट करें। यह अभियान पूरी तरह चुनावी माहौल को ध्यान में रखते हुए चलाया जाएगा, जिससे इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।

राजनीतिक दलों को खुला ऑफर

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कोई नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि गौरक्षक चुनाव जरूर लड़ेंगे।

उन्होंने कहा कि अगर कोई राजनीतिक दल उनके पास गौरक्षा का संकल्प लेकर आता है, तो वे उसका समर्थन करेंगे। लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो गौरक्षक खुद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरेंगे और सभी सीटों पर ताल ठोकेंगे।

योगी सरकार पर भी साधा निशाना

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गौरक्षा को लेकर दिए गए बयानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कहा जाता है कि गौमाता कटने नहीं देंगे और हिंदू बटने नहीं देंगे, लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहानी बताते हैं।

उन्होंने देश की पशु गणना का हवाला देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में गायों की संख्या 15 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि उत्तर प्रदेश में 5 प्रतिशत घटी है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल किया कि यूपी में गायों की संख्या क्यों कम हो रही है और मुख्यमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए।

‘शर्म आनी चाहिए’ कहकर जताई नाराजगी

स्वामी ने इस मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सिर्फ बयान देने से कुछ नहीं होता। उन्होंने कहा कि बोलने में क्या जाता है, लेकिन जमीन पर हकीकत अलग है।

उन्होंने यह भी कहा कि गोरखपुर में दिए गए बयान में सुअर और गाय को जोड़ना गलत है और इसका कोई मतलब नहीं बनता।

हिंदू वोट और सत्ता पर तीखी टिप्पणी

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हिंदू वोट बैंक को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह हिंदुओं की विडंबना है कि वे जिसको वोट देते हैं, वही सत्ता में आने के बाद उन्हीं पर अपनी ताकत दिखाता है।

चुनाव से पहले बदलता सियासी समीकरण

वहीं गौरक्षा यात्रा और संत समाज की इस सक्रियता से साफ है कि 2027 के चुनाव में यह मुद्दा बड़ा रूप ले सकता है। अब देखना होगा कि राजनीतिक दल इस पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या सच में गौरक्षा के नाम पर कोई नया सियासी समीकरण बनता है या नहीं।

Aditya Kumar Verma

Aditya Kumar Verma

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आदित्य कुमार वर्मा न्यूजट्रैक में कंटेंट राइटर हैं। ये लगभग आठ वर्ष से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं और विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं।

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