Meerut News: विश्वकर्मा योजना में 14 नए ट्रेड शामिल, युवाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के रास्ते

Meerut News: विश्वकर्मा योजना में 14 नए ट्रेड जुड़ने से युवाओं को प्रशिक्षण, टूलकिट और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

Sushil Kumar
Published on: 6 Sept 2026 8:12 PM IST
Meerut News: विश्वकर्मा योजना में 14 नए ट्रेड शामिल, युवाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के रास्ते
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Vishwakarma Yojana 2.0:

Meerut News: बदलते दौर में हुनर की परिभाषा भी बदल रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 का दायरा बढ़ाते हुए इसमें 14 नए ट्रेड शामिल किए हैं। अब योजना में ट्रेडों की संख्या 11 से बढ़कर 25 हो गई है। खास बात यह है कि पारंपरिक कारीगरी के साथ मोबाइल और कंप्यूटर रिपेयरिंग, ऑटोमोबाइल मरम्मत, सोलर इंस्टॉलेशन और डिजिटल फोटोग्राफी जैसे आधुनिक कामों को भी योजना में जगह दी गई है।

पांच नए पारंपरिक काम भी शामिल

नई सूची में मूर्तिकार, मालाकार, दूधवाला, भरभूजा और मछुआरा जैसे पांच पारंपरिक ट्रेड जोड़े गए हैं। इसके अलावा मोबाइल मरम्मत, ऑटोमोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रॉनिक सामान मरम्मत, विद्युत सामान मरम्मत, प्लम्बर, कंप्यूटर मरम्मत, सोलर इंस्टॉलेशन, डिजिटल फोटोग्राफी और सौंदर्य एवं वेलनेस (ब्यूटीशियन) जैसे आधुनिक ट्रेड भी शामिल किए गए हैं।

पहले योजना में बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, नाई, राजमिस्त्री, सुनार, टोकरी बुनकर, हलवाई, मोची और धोबी शामिल थे। नए ट्रेडों के जुड़ने से शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी अलग-अलग हुनर रखने वाले युवाओं और कारीगरों को योजना का लाभ मिल सकेगा।

10 दिन की ट्रेनिंग, रोज 500 रुपये

योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को 10 दिन का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान 500 रुपये प्रतिदिन, यानी कुल 5,000 रुपये मानदेय डीबीटी के माध्यम से बैंक खाते में भेजा जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान भोजन और नाश्ते की व्यवस्था भी निशुल्क रहेगी।

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लाभार्थियों को 15 हजार रुपये मूल्य तक की उन्नत टूलकिट निशुल्क दी जाएगी। साथ ही सरकारी मान्यता प्राप्त कौशल प्रमाण-पत्र (आरपीएल) भी मिलेगा।

कारोबार शुरू करने को 10 लाख तक कर्ज

सरकार ने योजना को केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखा है। हुनर को कारोबार में बदलने के लिए लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान है। सामान्य श्रेणी के पुरुषों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत, जबकि महिलाओं, ओबीसी, एससी, एसटी, दिव्यांग और भूतपूर्व सैनिकों को पांच प्रतिशत मार्जिन मनी जमा करनी होगी।

सीजीटीएमएसई योजना के तहत ऋण 100 प्रतिशत बिना गारंटी सुरक्षित होगा। नियमित भुगतान करने पर पांच साल तक ब्याज सब्सिडी का लाभ मिलेगा। छह महीने की मोरेटोरियम अवधि के बाद ऋण 54 किस्तों में चुकाया जा सकेगा।

युवाओं को नौकरी नहीं, अपना काम खड़ा करने पर जोर

उपायुक्त उद्योग के अनुसार, योजना का विस्तार युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को बदलती बाजार जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मोबाइल-कंप्यूटर से लेकर सोलर और डिजिटल सेवाओं तक नए ट्रेड शामिल होने से युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय अपना रोजगार खड़ा करने के लिए प्रशिक्षण, उपकरण और वित्तीय सहायता एक ही योजना के माध्यम से मिल सकेगी।

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वरिष्ठ संवाददाता, मेरठmeerutsushilkumar@newstrack.com
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