Meerut News: पति की थपकी और प्रेस की तार से हत्या कर शव बोरे में छिपाने वाली महिला को उम्रकैद

Meerut News: मेरठ की अदालत ने वर्ष 2017 के चर्चित हत्या मामले में महिला को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

Sushil Kumar
Published on: 31 July 2026 10:54 PM IST
Woman sentenced to life imprisonment for killing husband
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पति की थपकी और प्रेस की तार से हत्या कर शव बोरे में छिपाने वाली महिला को उम्रकैद (Photo- Social Media)

Meerut News: मेरठ की एक अदालत ने करीब नौ वर्ष पुराने चर्चित हत्या के मामले में अपने 25 वर्षीय पति की हत्या कर उसका शव बोरे में बंद कर कबाड़ के कमरे में छिपाने की दोषी महिला को आजीवन कारावास और 30,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

अभियोजन अधिकारी प्रेरणा वर्मा ने पीटीआई-भाषा को बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश (तृतीय) रितेश सचदेवा की अदालत ने शुक्रवार को टीपीनगर थाना क्षेत्र के शिवपुरम निवासी दीया उर्फ दीपा को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य मिटाने) के तहत दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।

ये है पूरा मामला

उन्होंने बताया कि मामला 21 अक्टूबर 2017 का है। अभियोजन के अनुसार, 25 वर्षीय बाबूराम अपनी पत्नी दीया उर्फ दीपा के साथ शिवपुरम में किराये के मकान में रहता था। घटना की रात आरोपी महिला ने अपने परिचित शिवम (16) को घर बुलाया। आरोप है कि शिवम ने बाबूराम को पकड़ा और दीया ने बाबूराम के सिर पर कपड़े धोने की लकड़ी की थपकी से कई वार किए और बाद में प्रेस की बिजली की तार से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी।

वर्मा ने बताया कि अभियोजन के मुताबिक घटना का प्रत्यक्षदर्शी मृतक का भतीजा था, जिसने अदालत में भी गवाही दी। आरोप है कि हत्या के बाद आरोपी ने बच्चे को किसी से घटना का जिक्र करने पर जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद शव को एक बोरे में भरकर घर के कबाड़ वाले कमरे में छिपा दिया गया था।

उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर टीपीनगर पुलिस ने हत्या और साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान साक्ष्य एकत्र कर आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया गया।

अभियोजन अधिकारी ने बताया कि सह-अभियुक्त शिवम घटना के समय किशोर था। उसका मामला वर्तमान में किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है।

उन्होंने बताया कि अदालत ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 30,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

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वरिष्ठ संवाददाता, मेरठmeerutsushilkumar@newstrack.com
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