Meerut News: बेटियां गढ़ रहीं सफलता की नई मूर्तियां, योगी सरकार की पहल से घर-घर पहुंचा स्वरोजगार

Meerut News: मेरठ के साधारणपुर नंगली गांव में महिलाओं को मूर्ति निर्माण का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद ऋण, बाजार और विपणन की सुविधा भी मिलेगी।

Sushil Kumar
Published on: 27 Jun 2026 9:27 PM IST
Yogi government initiative Self-employed reach house to house
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 बेटियां गढ़ रहीं सफलता की नई मूर्तियां, योगी सरकार की पहल से घर-घर पहुंचा स्वरोजगार (Photo- Newstrack)

Meerut News: कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली मेरठ की महिलाएं अब अपने हुनर से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार योजनाओं का असर अब गांवों में भी साफ दिखाई देने लगा है। जिले के साधारणपुर नंगली गांव में महिलाओं को मूर्ति निर्माण का प्रशिक्षण देकर न केवल रोजगार से जोड़ा जा रहा है, बल्कि उन्हें अपना स्टार्टअप शुरू करने के लिए भी तैयार किया जा रहा है।

नाबार्ड, लीड बैंक, जिला प्रशासन और अक्ष एजुकेशन सोसाइटी के संयुक्त प्रयास से संचालित 20 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में तीन बैचों में 90 महिलाओं को रेजिन की मूर्तियां बनाना सिखाया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत बैंक ऋण, बाजार और विपणन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे अपना कारोबार शुरू कर सकें।


सोसाइटी के सचिव दीपक विकल बताते हैं कि पहले प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी सोनिया आज स्वयं सहायता समूह के माध्यम से लाखों रुपये का वार्षिक कारोबार कर रही हैं। उनकी सफलता अब गांव की दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

हुनर के दम पर बनाई पहचान

प्रशिक्षण ले रही बबीता का कहना है कि गांव की कई महिलाओं ने इसी हुनर के दम पर आर्थिक पहचान बनाई है। यही देखकर उन्होंने भी प्रशिक्षण लेना शुरू किया। वर्तमान में 50 से अधिक महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।


संजना बताती हैं कि घरेलू जिम्मेदारियों के कारण नौकरी करना संभव नहीं था, लेकिन मूर्ति निर्माण ने घर बैठे कमाई का रास्ता खोल दिया। वहीं हिना के अनुसार एक मूर्ति तैयार करने में लगभग 20 मिनट लगते हैं और बाजार में इसकी अच्छी मांग रहती है।

मेरठ के जिलाधिकारी वी. के. सिंह का कहना है कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनाना है। इसी के तहत प्रशिक्षण के बाद वित्तीय सहायता, बाजार उपलब्ध कराने और ट्रेड फेयर के माध्यम से उनके उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।

मेरठ के इस छोटे से गांव में शुरू हुई यह पहल अब महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण का बड़ा माध्यम बनती दिखाई दे रही है।

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