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‘सिर पर चढ़ोगे क्या...’? शिक्षक नेता पर भड़के CM योगी के मिनिस्टर, BSA को बचाने के आरोप पर जड़ दी फटकार
Uttar Pradesh Politics: उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री और देवरिया के प्रभारी मंत्री दयाशंकर सिंह एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर 24 फरवरी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
Dayashankar Singh Viral Video Deoria
Uttar Pradesh Politics: उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री और देवरिया के प्रभारी मंत्री दयाशंकर सिंह एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर 24 फरवरी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मंत्री एक शिक्षक नेता से तीखी बहस करते और उन्हें उंगली दिखाकर बाहर जाने की चेतावनी देते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद सरकार की कार्यशैली और शिक्षकों के प्रति उसके रवैये को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
देवरिया में कार्यरत शिक्षक की आत्महत्या से जुड़ा हुआ मामला
दरअसल, यह पूरा मामला देवरिया में कार्यरत एक शिक्षक की आत्महत्या से जुड़ा हुआ है। कुछ समय पहले उस शिक्षक ने गोरखपुर में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी। आत्महत्या से पहले शिक्षक ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने देवरिया की बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शालिनी श्रीवास्तव और एक बाबू पर गंभीर आरोप लगाए थे। शिक्षक का दावा था कि वेतन बहाली के नाम पर उनसे करीब 14 लाख रुपये लिए गए और इसके बावजूद उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।
इस मामले में शिकायत के आधार पर मुकदमा तो दर्ज किया गया, लेकिन अब तक किसी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होने से शिक्षकों के बीच नाराजगी बनी हुई है। इसी मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल मंत्री दयाशंकर सिंह से मिलने देवरिया के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचा था। बैठक के दौरान बातचीत का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। शिक्षक नेता विवेक मिश्रा ने चर्चा के दौरान कहा कि मंत्री और बीएसए दोनों ही बलिया जिले से हैं, इसलिए संभवतः अधिकारी को बचाया जा रहा है। जैसे ही यह बात सामने आई, मंत्री दयाशंकर सिंह नाराज हो गए और उनका गुस्सा भड़क उठा।
वीडियो में देखा जा सकता है कि मंत्री ऊंची आवाज में शिक्षक नेता को टोकते हुए कहते हैं कि उन्हें जब बोलने का मौका दिया जाएगा तब ही बोलें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया तो उन्हें बाहर निकलवा दिया जाएगा। मंत्री ने यह भी कहा कि सभी को अपनी सीमा में रहकर बात करनी चाहिए और किसी तरह की बदतमीजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं शिक्षक नेता विवेक मिश्रा बार-बार अपनी बात पूरी करने की कोशिश करते रहे, लेकिन मंत्री उन्हें चुप रहने के लिए कहते रहे और बैठक से बाहर जाने की बात करते रहे।
इस दौरान भाजपा के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भी वहीं मौजूद थे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद शिक्षक संगठनों में नाराजगी बढ़ गई है। संगठन के नेताओं का कहना है कि भ्रष्टाचार के कारण एक शिक्षक की जान चली गई और जब वे न्याय की मांग लेकर मंत्री के पास पहुंचे तो उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। शिक्षक संगठनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।


