सर्किट हाउस में नमाज पढ़ने पर सपा नेता पर FIR! VIDEO वायरल होते ही मचा बवाल, पवन खेड़ा ने उठाए सवाल

Moradabad Circuit House Namaz: मुरादाबाद सर्किट हाउस में नमाज पढ़ने को लेकर सपा नेता हाजी मोहम्मद उस्मान पर एफआईआर दर्ज हुई है। वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ा और पवन खेड़ा ने भी सवाल उठाए।

Aditya Kumar Verma
Published on: 5 Sept 2026 5:24 PM IST
Moradabad Circuit House Namaz Row | FIR On SP Leader Haji Mohammad Usman | Pawan Khera Questions
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Image Source- Social Media

Moradabad Circuit House Namaz: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में सरकारी सर्किट हाउस (Circuit House) परिसर में नमाज पढ़ने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया। वीडियो में समाजवादी पार्टी (SP) के जिला उपाध्यक्ष हाजी मोहम्मद उस्मान एक खड़ी कार के पास नमाज पढ़ते नजर आ रहे हैं। इसके बाद एक हिंदू संगठन की ओर से आपत्ति जताई गई और मामला पुलिस तक पहुंच गया। पुलिस ने हाजी मोहम्मद उस्मान के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।

हाजी मोहम्मद उस्मान बिलारी विधायक मोहम्मद फहीम इरफान के चाचा हैं। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 285 और 292 के तहत मामला दर्ज किया गया है। धारा 285 सार्वजनिक रास्ते या आवागमन की जगह पर खतरा या रुकावट पैदा करने से जुड़ी है, जबकि धारा 292 सार्वजनिक उपद्रव (Public Nuisance) से संबंधित है।

सर्किट हाउस में हुई थी सपा नेताओं की बैठक

यह पूरा मामला गुरुवार, 3 सितंबर का बताया जा रहा है। मुरादाबाद के सर्किट हाउस में समाजवादी पार्टी के नेताओं की समीक्षा बैठक हुई थी। उत्तर प्रदेश विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव आधिकारिक प्रोटोकॉल के तहत सर्किट हाउस में ठहरे हुए थे और उन्होंने स्थानीय सपा नेताओं के साथ समीक्षा बैठक की थी।

बताया गया है कि बैठक खत्म होने के बाद हाजी मोहम्मद उस्मान बाहर आए और सर्किट हाउस के लॉन के पास नमाज पढ़ी। इसी दौरान एक सपा कार्यकर्ता द्वारा कथित तौर पर बनाया गया वीडियो सामने आया, जिसमें उस्मान एक खड़ी कार के पास नमाज पढ़ते दिखाई दे रहे हैं।

वीडियो आया तो शुरू हुई बहस

यह वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर सामने आया और देखते ही देखते इसको लेकर बहस शुरू हो गई। विवाद इस बात को लेकर हुआ कि सरकारी परिसर में धार्मिक गतिविधि की अनुमति होनी चाहिए या नहीं।

कुछ लोगों ने इसे एक व्यक्ति की धार्मिक आस्था के तौर पर देखा, जबकि कुछ लोगों ने सरकारी संपत्ति पर नमाज पढ़े जाने और उस दौरान की परिस्थितियों पर सवाल उठाए। इसी बीच एक हिंदू संगठन की ओर से भी इस मामले पर आपत्ति जताई गई, जिसके बाद पुलिस ने सपा नेता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

हाजी मोहम्मद उस्मान पर इन धाराओं में केस

पुलिस ने हाजी मोहम्मद उस्मान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 285 और 292 के तहत एफआईआर दर्ज की है। वह समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष हैं और बिलारी विधायक मोहम्मद फहीम इरफान के चाचा भी हैं।

मामला उस वीडियो से जुड़ा है, जिसमें उन्हें मुरादाबाद सर्किट हाउस में एक खड़ी कार के पास नमाज पढ़ते हुए देखा जा सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव के साथ समीक्षा बैठक के बाद वहां नमाज पढ़ी थी।

पवन खेड़ा ने FIR पर उठाए सवाल

इस पूरे विवाद पर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने हाजी मोहम्मद उस्मान के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की खबरों पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई और आरोप लगाया कि उन्हें उनकी मुस्लिम पहचान की वजह से निशाना बनाया जा रहा है।

पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा कि वह हाजी मोहम्मद उस्मान हैं, जो समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष हैं और बिलारी विधायक मोहम्मद फहीम इरफान के चाचा हैं, एक मुस्लिम हैं। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए इसे शर्मनाक बताया।

सरकारी परिसर में नमाज को लेकर बढ़ा विवाद

मुरादाबाद का यह मामला अब सरकारी परिसर में धार्मिक गतिविधि को लेकर बहस का मुद्दा बन गया है। एक तरफ वीडियो के आधार पर सपा नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, तो दूसरी तरफ पवन खेड़ा ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे मुस्लिम पहचान से जोड़कर देखा है।

फिलहाल विवाद की शुरुआत 3 सितंबर को सर्किट हाउस में हुई सपा नेताओं की समीक्षा बैठक के बाद नमाज पढ़े जाने के वीडियो से हुई। वीडियो के सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद आपत्तियां उठीं और आखिरकार हाजी मोहम्मद उस्मान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।

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Aditya Kumar Verma

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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