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Moradabad News: स्कॉलर डेन पर एमडीए का शिकंजा, भवन सील करने के आदेश जारी
Moradabad News: मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने स्कॉलर डेन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भवन को सील करने के आदेश जारी किए।
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Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में चर्चित कोचिंग संस्थान स्कॉलर डेन की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। अब मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने उस भवन के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी है, जहां यह संस्थान संचालित हो रहा है। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित भवन को सील करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। ऐसे में अब पूरे शहर की निगाहें आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
व्यावसायिक उपयोग के लिए स्वीकृत था भवन
जानकारी के अनुसार, कांठ रोड के निकट नई तहसील रोड स्थित जिस भवन में स्कॉलर डेन संचालित किया जा रहा है, उसका स्वीकृत मानचित्र मूल रूप से कपड़ा शोरूम के रूप में व्यावसायिक उपयोग के लिए पास कराया गया था। आरोप है कि स्वीकृत उपयोग के विपरीत भवन में कोचिंग संस्थान का संचालन किया जा रहा है।इसके साथ ही संस्थान के बाहर बड़ी संख्या में वाहनों के खड़े होने से यातायात प्रभावित होने की शिकायतें भी प्राधिकरण को प्राप्त हुई थीं। इन्हीं शिकायतों और भवन उपयोग से जुड़े मुद्दों के आधार पर मामला जांच के दायरे में आया।
एमडीए ने जारी किए सीलिंग आदेश
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुभव सिंह ने बताया कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सीलिंग के आदेश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई से पहले भवन स्वामी को नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया गया था।प्राधिकरण का कहना है कि सभी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद ही यह निर्णय लिया गया है और आगे की कार्रवाई भी नियमों के तहत की जाएगी।
नोटिस भवन स्वामी को, जवाब कोचिंग की ओर से
प्राधिकरण सूत्रों के अनुसार, नोटिस भवन के स्वामी के नाम जारी किया गया था। हालांकि जवाब कोचिंग संस्थान की ओर से प्रस्तुत किया गया। अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार नोटिस का उत्तर भवन स्वामी को देना चाहिए था।इसी कारण प्रस्तुत जवाब को प्रक्रिया के अनुरूप नहीं माना गया। अधिकारियों के मुताबिक, यह एक महत्वपूर्ण तकनीकी बिंदु रहा, जिस पर प्राधिकरण ने गंभीरता से विचार किया।
उद्घाटन समारोह का दिया गया हवाला
सूत्रों के अनुसार, जवाब में यह भी कहा गया कि संस्थान के भवन का उद्घाटन विभिन्न जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ था। इसी आधार पर कार्रवाई पर सवाल उठाने का प्रयास किया गया।हालांकि प्राधिकरण का मानना है कि किसी भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में गणमान्य लोगों की मौजूदगी से उसकी वैधानिक स्थिति प्रभावित नहीं होती और नियमों का पालन सभी को करना होता है।
उद्घाटन में शामिल रहे थे कई प्रमुख लोग
उल्लेखनीय है कि संस्थान के उद्घाटन कार्यक्रम में भूपेंद्र सिंह चौधरी, रितेश गुप्ता और आन्जनेय कुमार सिंह समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे थे।इस संबंध में एक जनप्रतिनिधि ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि किसी कार्यक्रम में शामिल होने का अर्थ यह नहीं है कि आमंत्रित अतिथियों को भवन के मानचित्र, स्वीकृतियों या तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी भी हो। उनका कहना था कि भवन की वैधानिक स्थिति की जिम्मेदारी भवन स्वामी और संबंधित विभागों की होती है।
प्रभावशाली नामों के उल्लेख पर भी उठे सवाल
प्राधिकरण से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जवाब में यह भी उल्लेख किया गया कि संस्थान में कई वरिष्ठ अधिकारियों, न्यायिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बच्चे अध्ययन करते हैं।हालांकि अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि किसी संस्थान से जुड़े व्यक्तियों की पहचान या प्रभाव का नियमों के अनुपालन से कोई संबंध नहीं होता। किसी भी मामले में निर्णय केवल वैधानिक प्रावधानों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही लिया जाता है।
कार्रवाई पर टिकी शहर की नजर
स्कॉलर डेन पहले भी विभिन्न कारणों से चर्चा में रहा है। ऐसे में भवन उपयोग से जुड़ा यह मामला संस्थान के लिए नई चुनौती बनकर सामने आया है। यदि किसी न्यायिक या प्रशासनिक हस्तक्षेप के बिना एमडीए अपनी प्रस्तावित कार्रवाई आगे बढ़ाता है, तो यह संस्थान के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।फिलहाल सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में भवन स्वामी या संस्थान की ओर से कोई नया कानूनी कदम उठाया जाता है या फिर मुरादाबाद विकास प्राधिकरण अपने सीलिंग आदेश को अमल में लाता है।


