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Moradabad News: विवेक ठाकुर पर फिर उठे सवाल, लंबित मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग
Moradabad News: स्कॉलर डेन संचालक विवेक ठाकुर से जुड़े मामलों पर वरिष्ठ अधिवक्ता ने कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया, सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
विवेक ठाकुर पर फिर उठे सवाल, लंबित मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग (Photo- Newstrack)
Moradabad News: मुरादाबाद। स्कॉलर डेन कोचिंग संस्थान के संचालक विवेक ठाकुर से जुड़े मामलों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए गए हैं। शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता विनय खन्ना ने आरोप लगाया है कि विवेक ठाकुर के विरुद्ध दर्ज मामलों और शिकायतों पर अपेक्षित गति से कार्रवाई नहीं हो रही है।
ये है पूरा मामला
विनय खन्ना का कहना है कि उन्होंने काफी समय पहले आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से एक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में एक ऐसे छात्र के नाम और उपलब्धि के प्रचार-प्रसार का मुद्दा उठाया गया था, जिसने कथित रूप से अन्य संस्थान से शिक्षा प्राप्त कर सफलता हासिल की थी, जबकि उसका प्रचार स्कॉलर डेन से जोड़कर किए जाने का आरोप लगाया गया था।
अधिवक्ता के अनुसार, शिकायत दर्ज हुए लंबा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक उसका अंतिम निस्तारण नहीं हुआ है। उनका कहना है कि इस मामले में तथ्यों की जांच कर स्पष्ट स्थिति सामने लाई जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि कोचिंग संस्थान की कार्यप्रणाली और प्रचार संबंधी दावों को लेकर समय-समय पर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच आवश्यक है, ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित सुरक्षित रह सकें।
विनय खन्ना ने मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की उस कार्रवाई का भी उल्लेख किया, जिसमें स्कॉलर डेन संचालित होने वाले भवन के संबंध में सीलिंग आदेश जारी किए जाने की जानकारी सामने आई थी। उनका सवाल है कि यदि संबंधित आदेश जारी हो चुके हैं तो उसके बाद की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि विवेक ठाकुर से जुड़े सभी मामलों, शिकायतों और प्रशासनिक कार्रवाइयों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उनका कहना है कि इससे पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और लोगों के मन में उठ रहे सवालों का जवाब मिल सकेगा।
कानून सभी के लिए समान
वरिष्ठ अधिवक्ता का कहना है कि कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए। यदि किसी मामले में कार्रवाई लंबित है तो उसके कारणों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि प्रशासनिक प्रक्रिया पर लोगों का विश्वास बना रहे।
फिलहाल इस मामले को लेकर विभिन्न पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर नजर बनी हुई है।


