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Morena Train Accident: एक अफवाह ने उजाड़ दी नदीम की हंसती-खेलती दुनिया,दास्तां सुन नहीं रूकेंगे आंसू
Morena Train Accident: मुरैना में दर्दनाक ट्रेन हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे में आगरा की रहने वाली आफरीन, उसका चार वर्षीय बेटा असद और 60 वर्षीय शकुंतला देवी समेत कई लोगों की जान चली गई।
Morena Train Accident
Morena Train Accident: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में हुए दर्दनाक ट्रेन हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे में आगरा की रहने वाली आफरीन, उसका चार वर्षीय बेटा असद और 60 वर्षीय शकुंतला देवी समेत कई लोगों की जान चली गई। जानकारी के अनुसार खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी ट्रेन की जनरल बोगी में एक मोबाइल फोन फटने की घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई, जिसने देखते ही देखते भगदड़ का रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मोबाइल फटने के बाद कुछ यात्रियों ने बोगी में आग लगने की बात कह दी। इसके बाद यात्रियों में दहशत फैल गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान किसी ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी। ट्रेन रुकते ही यात्री जल्दबाजी में नीचे उतरकर ट्रैक के आसपास खड़े हो गए।
भगदड़ में बिछड़ गया परिवार
आगरा के सुल्तानगंज क्षेत्र निवासी नदीम अपनी पत्नी आफरीन और दो बेटों रिजवान तथा असद के साथ छतरपुर से लौट रहे थे। आफरीन पिछले कुछ दिनों से अपने मायके में थीं और नदीम उन्हें वापस घर लाने गए थे। नदीम ने बताया कि अचानक तेज धमाके की आवाज आई और कुछ लोगों ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि ट्रेन में आग लग गई है। इससे बोगी में अफरा-तफरी मच गई। उनकी पत्नी और छोटा बेटा असद दरवाजे के पास बैठे थे, जबकि बड़ा बेटा रिजवान ऊपर की सीट पर था। भगदड़ के दौरान नदीम ने पत्नी और बेटे को ट्रेन से नीचे उतार दिया, लेकिन जब उन्हें रिजवान दिखाई नहीं दिया तो वह उसे खोजने के लिए वापस बोगी में चले गए। इसी बीच दूसरी तरफ से आ रही ट्रेन की चपेट में आफरीन और असद आ गए, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
देर से मिली राहत, मचा कोहराम
नदीम का कहना है कि हादसे के बाद रेलवे की ओर से सहायता काफी देर से पहुंची। पत्नी और बेटे के शव देखकर वह पूरी तरह टूट गए। सूचना मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे और रविवार रात शवों को आगरा लाया गया। जैसे ही आफरीन और उसके मासूम बेटे के शव घर पहुंचे, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बागेश्वर धाम से लौट रही थीं शकुंतला देवी
इस हादसे में आगरा के रुनकता क्षेत्र की रहने वाली 60 वर्षीय शकुंतला देवी की भी जान चली गई। वह अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बागेश्वर धाम के दर्शन कर लौट रही थीं। उनके भतीजे बबलू के अनुसार, शकुंतला देवी शुक्रवार को धार्मिक यात्रा पर गई थीं और रविवार को उदयपुर इंटरसिटी से वापस लौट रही थीं। रास्ते में हुए हादसे में उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार के सदस्य मुरैना पहुंच गए। इस दर्दनाक घटना ने रेलवे में सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक अफवाह के कारण मची भगदड़ ने कई परिवारों को हमेशा के लिए गहरे दुख में डुबो दिया।


