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Muzaffarnagar News: 15 साल बाद इंसाफ: मां-बेटे के दोहरे हत्याकांड में दोषी को फांसी, 5 लाख का जुर्मा
Muzaffarnagar News: मामला चरथावल थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव का है। 7 नवंबर 2011 को सुरेश चंद की पत्नी 30 वर्षीय राजेश देवी अपने करीब 6 वर्षीय बेटे हिमांशु लापता हो गए थे। बाद में दोनों की लाशें मिलीं।
Muzaffarnagar News (Social Media).
Muzaffarnagar News: 15 वर्ष पुराने सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड में न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायालय (कोर्ट संख्या-3) ने महिला और उसके मासूम बेटे की ईंट से पीट-पीटकर की गई निर्मम हत्या के मामले में आरोपी रईस उर्फ जहूर हसन को मृत्युदंड के साथ 5 लाख रुपये के आर्थिक दंड से दंडित किया है।
मामला चरथावल थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव का है। 7 नवंबर 2011 को सुरेश चंद की पत्नी 30 वर्षीय राजेश देवी अपने करीब 6 वर्षीय बेटे हिमांशु के साथ रुड़की स्थित अपनी बेटी के घर जाने के लिए निकली थीं। इसके बाद दोनों रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। छह दिन बाद, 13 नवंबर 2011 को जंगल में मां-बेटे के क्षत-विक्षत शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई थी।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बरेली निवासी रईस उर्फ जहूर हसन के राजेश देवी से संबंध थे। आरोप है कि राजेश देवी आरोपी पर साथ रहने का दबाव बना रही थीं। इसी से परेशान होकर रईस उन्हें और उनके मासूम बेटे को जंगल में ले गया और ईंट से पीट-पीटकर दोनों की हत्या कर दी। बच्चे ने मां पर हमला होते देख रोना शुरू किया तो आरोपी ने उसकी भी जान ले ली।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत फांसी की सजा और 5 लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया। वहीं साक्ष्य छिपाने के अपराध में 7 वर्ष के कारावास और 1 लाख रुपये के अतिरिक्त जुर्माने की सजा भी सुनाई गई।
सरकारी अधिवक्ता कुलदीप कुमार ने बताया कि पुलिस विवेचना, बरामद साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के आधार पर अदालत ने दोषी को कठोरतम दंड दिया। फैसले के बाद आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में वापस जेल भेज दिया गया। यह फैसला 15 वर्ष बाद पीड़ित परिवार को मिले न्याय के रूप में देखा जा रहा है।


