Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, मां समेत 3 बेटों को मौत

Muzaffarnagar News: 7 साल पुराने हत्या मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, उधार के पैसे मांगने पर युवक की पीट-पीटकर हत्या करने वाले चार आरोपियों को सुनाई गई मौत की सजा।

Amit Kaliyan
Published on: 28 April 2026 8:32 PM IST
Big verdict of court in Muzaffarnagar murder case, 3 sons including mother die
X

मुजफ्फरनगर हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, मां समेत 3 बेटों को मौत (Photo- Social Media)

Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में सात साल पुराने बहुचर्चित हत्या मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कोर्ट ने एक मां और उसके तीन बेटों को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस फैसले के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है और पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने पर संतोष जताया है।

उधार के पैसे बने हत्या की वजह

यह मामला 17 जून 2019 का है, जब भौराकला थाना क्षेत्र के एक गांव में शेखर नाम के युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। जानकारी के अनुसार, शेखर ने आरोपियों को कुछ पैसे उधार दिए थे। जब वह अपने पैसे वापस मांगने गया, तो कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने लाठी, डंडे और ईंट से शेखर पर हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी।

घटना के बाद मृतक के परिवार ने प्रदीप, संदीप, सोनू, उनकी मां मुकेश और पिता राजकुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

कोर्ट ने सुनाया कड़ा फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस सबूत और गवाह पेश किए। मृतक के भाई राहुल कुमार की गवाही इस केस में बेहद अहम साबित हुई। एडीजीसी कुलदीप कुमार ने बताया कि सभी तथ्यों और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने प्रदीप, संदीप, सोनू और उनकी मां मुकेश देवी को दोषी मानते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में पांचवां आरोपी, पिता राजकुमार, की पहले ही जेल में मौत हो चुकी है। कोर्ट ने बाकी चारों दोषियों पर आर्थिक दंड भी लगाया है।

इस फैसले को न्याय प्रणाली की सख्ती का उदाहरण माना जा रहा है, जिसमें गंभीर अपराधों पर कठोर सजा देकर समाज में संदेश देने की कोशिश की गई है।।

Shashi kant gautam

Shashi kant gautam

Publisher Mail ID - skgautam1208@gmail.com

Experienced Hindi Journalist with 6 Years of Experience

Next Story