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Muzaffarnagar: "ऑपरेशन सवेरा" के तहत बड़ी कामयाबी, 1 करोड़ के नशीले कैप्सूल के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार
Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर पुलिस ने “ऑपरेशन सवेरा” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय नशा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने 1 करोड़ रुपये के ट्रामाडोल कैप्सूल, एक कार और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर जनपद में पुलिस को नशे के काले कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन सवेरा - नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर” के तहत खालापार थाना पुलिस ने नशीली दवाइयों की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से करीब एक करोड़ रुपये की अंतरराष्ट्रीय कीमत वाले 11 लाख 66 हजार 400 प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक हुंडई एक्सटर कार भी जब्त की गई है।
पूरी कार्रवाई 19 मई को उस समय शुरू हुई, जब खालापार पुलिस की टीम गहरा बाग मार्ग पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान हरियाणा नंबर की एक हुंडई कार को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार से दो गत्ते के कार्टन बरामद हुए। कार में सवार अश्वनी शर्मा और विनोद कुमार से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि इन कार्टनों में ‘स्पासमोर’ कंपनी के प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल हैं, जिन्हें नशे के रूप में ऊंचे दामों पर सप्लाई किया जाना था। जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी अश्वनी शर्मा पहले से ही एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के एक मामले में वांछित चल रहा था।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जो एक फर्जी फर्म के नाम पर फर्जी लाइसेंस और रजिस्टर तैयार करता था। इसी फर्जीवाड़े के जरिए ये लोग गोरखपुर से ट्रांसपोर्ट के माध्यम से प्रतिबंधित दवाओं की बड़ी खेप मंगवाते थे। इसके बाद इन नशीली दवाओं को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में अवैध रूप से सप्लाई किया जाता था।पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुजडू गांव के पास एक खंडहरनुमा गोदाम पर छापा मारा, जहां से 52 अतिरिक्त कार्टन बरामद किए गए। इसी गोदाम से पुलिस ने गिरोह के तीसरे सदस्य यशपाल ग्रोवर को भी रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
इस बड़ी कामयाबी को लेकर मुजफ्फरनगर के एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि “ऑपरेशन सवेरा” के तहत जनपद पुलिस नशे के सौदागरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस अब तक करीब 32 करोड़ रुपये के अवैध नशे के कारोबार पर प्रहार कर चुकी है और अपराधियों की लगभग 80 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क (सीज) की जा चुकी है। इसी अभियान के तहत सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने अश्वनी शर्मा, विनोद कुमार और यशपाल ग्रोवर को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो आरोपी खतौली क्षेत्र के और एक नई मंडी इलाके का निवासी है।
एसएसपी के अनुसार, बरामद दवा ट्रामाडोल है, जो एक प्रतिबंधित साल्ट है और इसे बिना डॉक्टर के वैध प्रिस्क्रिप्शन के बेचा नहीं जा सकता। पुलिस ने इस मामले में थाना खालापार में मुकदमा संख्या 83/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। तीनों आरोपियों को जेल भेजने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फर्जी फर्म बनाकर किए जा रहे इस गोरखधंधे से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और अपराध से अर्जित उनकी संपत्तियों को भी कुर्क किया जाएगा।


