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गूगल मैप की गलती से छूटा यूपी पुलिस परीक्षा का पेपर, अभ्यर्थियों ने दोबारा परीक्षा की मांग की
Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर में यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान कुछ अभ्यर्थियों का पेपर कथित तौर पर गूगल मैप की गलत लोकेशन के कारण छूट गया।
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Muzaffarnagar News: यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान मुजफ्फरनगर आ रहे कुछ अभ्यर्थियों का पेपर कथित तौर पर गूगल मैप की गलत लोकेशन के कारण छूट गया। इस घटना के बाद अभ्यर्थियों ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन से शिकायत की और दोबारा परीक्षा कराए जाने की मांग की।
जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद और हापुड़ के कुछ अभ्यर्थी बुधवार सुबह मुजफ्फरनगर स्थित अपने परीक्षा केंद्र दीपचंद जैन इंटर कॉलेज, नई मंडी कोतवाली क्षेत्र पहुंच रहे थे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि जब उन्होंने गूगल मैप पर केंद्र की लोकेशन डाली, तो ऐप ने उसे शामली जनपद के चंदेड़ी गांव का स्थान दिखा दिया। इस गलत दिशा-निर्देश के कारण वे करीब 59 किलोमीटर दूर शामली पहुंच गए, जिससे उनका परीक्षा देने का समय निकल गया।
परीक्षा छूटने से नाराज अभ्यर्थी बाद में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन को लिखित शिकायत दी। उन्होंने मांग की कि उनके साथ हुई समस्या को देखते हुए उन्हें दोबारा परीक्षा देने का अवसर दिया जाए।अभ्यर्थियों का कहना है कि लोकेशन डालने के बावजूद गूगल मैप ने गलत दिशा दिखाई, जिससे कई परीक्षार्थी प्रभावित हुए। उनका यह भी आरोप है कि शामली के चंदेड़ी गांव में पहले से ही कई अभ्यर्थी इसी समस्या के कारण परेशान हो चुके हैं।
गाजियाबाद निवासी अभ्यर्थी अरुण मलिक ने बताया कि गूगल मैप द्वारा उन्हें गलत स्थान पर ले जाया गया, जिससे उनका पेपर छूट गया। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय लोगों से सही जानकारी मिलती तो वे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच सकते थे।वहीं, मामले पर एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि कुल चार अभ्यर्थियों ने शिकायत दी है, जिनमें दो हापुड़ और दो गाजियाबाद के हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि गूगल मैप के कारण वे गलत स्थान पर पहुंच गए और परीक्षा से वंचित रह गए। पुलिस के अनुसार, पूरे मामले की तकनीकी जांच कराई जा रही है।
एसपी सिटी ने यह भी बताया कि संबंधित परीक्षा केंद्र पर पहले की कई पालियों में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी है, इसलिए फिलहाल किसी तकनीकी समस्या की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद गूगल मैप को पत्र लिखकर लोकेशन संबंधी त्रुटि की जांच की जाएगी। साथ ही, अभ्यर्थियों की मांग को भर्ती बोर्ड तक भेजा जाएगा।प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए परीक्षा आवेदन प्रक्रिया में QR कोड या आधिकारिक मैप लिंक जोड़ने पर भी विचार किया जा सकता है, ताकि अभ्यर्थियों को सही दिशा-निर्देश मिल सकें।फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और अभ्यर्थी न्याय की उम्मीद में प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।


